सोना ₹3,000 से अधिक उछला, चांदी 11000 रुपये हुई महंगी, क्या है वजह
Gold Silver Rate Today: MCX पर मार्च सिल्वर कॉन्ट्रैक्ट्स करीब ₹11,000, यानी 4.79 % बढ़कर ₹2,61,870 प्रति किलोग्राम हो गए। वहीं, अंतराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत 5,000 डॉलर प्रति औंस से अधिक बढ़ गई है।

Gold Silver Rate Today: कमजोर डॉलर और अच्छी स्पॉट डिमांड के कारण सोमवार, 9 फरवरी को MCX पर सोने की कीमतों में तेजी से उछाल आया। सोमवार सुबह MCX पर अप्रैल गोल्ड फ्यूचर्स ₹3,000 से अधिक यानी 2% बढ़कर ₹1,58,500 प्रति 10 ग्राम हो गया। MCX पर मार्च सिल्वर कॉन्ट्रैक्ट्स करीब ₹11,000, यानी 4.79 % बढ़कर ₹2,61,870 प्रति किलोग्राम हो गए। वहीं, अंतराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत 5,000 डॉलर प्रति औंस से अधिक बढ़ गई है। सिंगापुर में सुबह 8:28 बजे तक, सोना 1.3% बढ़कर 5,028.77 डॉलर प्रति औंस हो गया। चांदी 1.7% बढ़कर 79.18 डॉलर पर पहुंच गई। प्लैटिनम और पैलेडियम में भी बढ़ोतरी हुई।
क्यों उछले सोने-चांदी के भाव
जापानी चुनाव ने दिया समर्थन
ब्लूमबर्ग के मुताबिक स्पॉट गोल्ड में शुरुआती कारोबार में 1.7% की बढ़ोतरी देखी गई। इसे जापान की मौजूदा प्रधानमंत्री सानाए ताकाईची की चुनाव में भारी जीत से भी समर्थन मिला। उनकी जीत से ढीली राजकोषीय नीति और येन पर लगातार दबाव बने रहने की उम्मीदें मजबूत हुई हैं, जो सोने के लिए सहायक होगा क्योंकि निवेशक मूल्य संरक्षण का बेहतर विकल्प ढूंढ रहे हैं। चांदी की कीमतों में भी वृद्धि हुई। पिछले महीने के अंत में एक रिकॉर्डतोड़ रैली के बाद, कीमती धातुएं अपने ऑल टाइम हाई से गिर गई थीं। शुक्रवार को बंद होने तक, सोना 29 जनवरी के ऑल टाइम हाई से लगभग 11% नीचे था।
तेजी की रफ्तार
निवेशक सॉवरेन बॉन्ड और मुद्राओं से निकलकर सोने जैसी ठोस संपत्तियों में जा रहे हैं। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने सोने में पिछले सप्ताह के भारी उतार-चढ़ाव के पीछे चीनी व्यापारियों को एक कारण बताया।
ऐतिहासिक गिरावट के बाद रिकवरी
कारोबार के एक सप्ताह के बावजूद, सोना अपने नुकसान का लगभग आधा हिस्सा वापस पा चुका है। ड्यूश बैंक एजी और गोल्डमैन सैक्स ग्रुप इंक जैसे बैंकों ने दीर्घकालिक मांग के कारकों के चलते सोने में सुधार को समर्थन दिया है। सप्ताहांत के आंकड़ों से पता चला कि चीनी केंद्रीय बैंक ने 15वें महीने तक सोने की खरीद जारी रखी, जो आधिकारिक मांग में स्थिरता को रेखांकित करता है।
आगे क्या देखना है?
आगे देखें तो, व्यापारी फेडरल रिजर्व की नीति की दिशा पर स्पष्टता के लिए आगामी अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों पर नजर रखेंगे। बुधवार को जनवरी की नौकरियों की रिपोर्ट आने वाली है, जिसमें श्रम बाजार के स्थिर होने के संकेत देखे जा सकते हैं, और शुक्रवार को मुद्रास्फीति के आंकड़े निर्धारित हैं।
अगले फेड चेयर बनने के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा नामित केविन वार्श ने अमेरिकी केंद्रीय बैंक और ट्रेजरी विभाग के बीच एक नए समझौते का समर्थन व्यक्त किया है, जिससे फेड की स्वतंत्रता को लेकर लंबे समय से चली आ रही चिंताएं और गहरा गई हैं।

लेखक के बारे में
Drigraj Madheshiaदृगराज मद्धेशिया:-लाइव हिन्दुस्तान में पिछले 6 साल से बिजनेस टीम का अहम हिस्सा हैं। दृगराज को पत्रकारिता में 21 वर्षों का लंबा अनुभव है। इन्होंने टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी स्पेशल खबरों से खास पहचान बनाई है। शेयर मार्केट, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी पर विशेष पकड़। मैथ्स से ग्रेजुएट, मास कम्युनिकेशन और कंप्यूटर साइंस में पीजी डिप्लोमा। दृगराज, रिसर्च और एनॉलिस के जरिए मार्केट डेटा को आसान भाषा में 'कुछ अलग' पाठकों तक पहुंचाते हैं। लाइव हिन्दुस्तान से पहले साढ़े सात साल तक हिन्दुस्तान अखबार में बतौर सीनियर रिपोर्टर काम किया। इसके अलावा सहारा समय, दैनिक जागरण, न्यूज नेशन में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
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