Gold Price: क्या सोने की कीमत 1.20 लाख रुपये तक गिरने वाली है? जानें निवेशकों के लिए कब है बेस्ट टाइम!
मुख्य बातें
- Gold Price: सोने के भाव में लगातार गिरावट आ रही है
- ऐसे में बड़ा सवाल है कि सोना और कितना सस्ता होगा? पिछले दो सालों में सोने ने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया लेकिन क्या सोने में तेजी का दौर अब खत्म हो रहा है
Gold Price: सोने के भाव में लगातार गिरावट आ रही है। ऐसे में बड़ा सवाल है कि सोना और कितना सस्ता होगा? पिछले दो सालों में सोने ने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया। जनवरी 2026 में अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत 5,595 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर और भारत में इसकी कीमत करीब 1 लाख 79 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम के पीक लेवल पर पहुंच गई थी। हालांकि, पिछले कुछ महीनों से सोने की कीमतों में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है, जिससे निवेशकों के बीच यह सवाल उठने लगा है कि क्या सोने में तेजी का दौर अब खत्म हो रहा है। क्या गोल्ड खरीदने का बेस्ट टाइम आ गया है या निवेशकों को अभी इंतजार करना चाहिए?
सोने में लगातार आ रही है गिरावट
अगर रिपोर्ट की माने तो बीते 10 सालों में जून 2026 तिमाही में गोल्ड की परफॉर्मेंस कमजोर रही। ऑल इंडिया जेम एंड ज्वैलरी डोमेस्टिक काउंसिल (GJC) के चेयरमैन राजेश रोकड़े ने कहा कि अमेरिकी फेडरल कमेटी ने हाल ही में ब्याज दर 3.5 प्रतिशत से 3.75 प्रतिशत के दायरे में बरकरार रखी है। साथ ही फेड अधिकारियों ने इस साल ब्याज दरों में कटौती के संकेत वापस ले लिए हैं और जरूरत पड़ने पर दरें बढ़ाने की संभावना भी जताई है। इसी कारण डॉलर मजबूत हुआ और सोने में मुनाफावसूली तेज हो गई। साथ ही भारत सरकार ने हाल में गोल्ड पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाकर 15 फीसदी कर दी है। सभी फैक्टर का असर सोने की कीमतों पर नजर आ रहा है।
जल्द 1.20 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम होगा सोना?
अगर एक्सपर्ट की माने तो सोने का भाव जल्द 1.20 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक आ सकता है। ऑल बुलियन ज्वैलर्स एसोसिएशन के प्रेजिडेंट योगेश सिंघल ने कहा कि जल्द सोने का भाव 1.20 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक आ सकता है। अभी तमाम फैक्टर सोने में तेजी लाने जैसे नहीं लग रहे हैं। सिंघल ने कहा कि अगर सोने की हिस्ट्री देखें तो हर पांच से सात साल के साइकिल में सोने के दाम पीक पर आने के बाद बड़ा करेक्शन आता है और इस बार ये करेक्शन 40 फीसदी से भी ज्यादा हो सकता है। सिंघल ने कहा कि ज्वैलरी बाजार से ग्राहक अभी गायब है। अगर सोने का भाव और टूटता है तो आगे खरीदारी अच्छी होगी।
दिवाली पर कहां होगा सोने का भाव?
राजेश रोकड़े ने कहा कि सोने का भाव इंटरनेशनल मार्केट में 3,850 डॉलर से लेकर 4,030 डॉलर प्रति आउंस की रेन्ज में रह सकता है। भारत में अगर गिरावट जारी रहती है तो दाम 1.35 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक आ सकते हैं। हालांकि, ऐसी उम्मीद है कि सोने के भाव में साल के अंत में तेजी आएगी। उन्होंने कहा कि तब सोने का भाव 1.75 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक जा सकता है।
क्या ये गिरावट है अस्थायी?
हालांकि, एक्सपर्ट्स का मानना है कि बुलियन मार्केट में अस्थायी ठहराव है। जनवरी के पीक लेवल से अब तक गोल्ड 24 फीसदी नीचे आ चुका है। सोने की कीमतें 4,000 डॉलर प्रति औंस से नीचे आ गई हैं। इसके बावजूद बाजार में घबराहट में बिकवाली नहीं हो रही है। उनका कहना है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सख्त रुख और मजबूत डॉलर ने सोने पर दबाव बनाया है, लेकिन दुनिया के कई सेंट्रल बैंक अब भी लगातार सोने की खरीद कर रहे हैं। ऐसे में मौजूदा गिरावट को लंबे समय की कमजोरी नहीं माना जा सकता।
क्यों आई सोने में गिरावट?
दरअसल, इस गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर बदली उम्मीदें हैं। साल की शुरुआत में बाजार को उम्मीद थी कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में कटौती करेगा, जिससे सोने की कीमतों को समर्थन मिलता। लेकिन अमेरिकी अर्थव्यवस्था के मजबूत आंकड़ों और महंगाई के बने रहने के कारण अब ब्याज दरों में कटौती की संभावना कम हो गई है। इसके कारण अमेरिकी बॉन्ड यील्ड बढ़ा है और निवेशकों का रुझान फिर से ब्याज देने वाले एसेट्स की ओर बढ़ा है। हाल के दिनों में पश्चिम एशिया में तनाव कम होने से सोने में शामिल भू-राजनीतिक प्रीमियम भी घटा है। इसके अलावा डॉलर की मजबूती, अमेरिकी वास्तविक बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और गोल्ड ईटीएफ से पैसा निकलने से भी कीमतों पर दबाव बना है।


