सोने का भाव रिकॉर्ड हाई से 10% टूटा, क्या निवेश का यही है सही मौका?
Gold Price Today: सोने की कीमतों में इस समय भारी गिरावट देखने को मिली है। रिकॉर्ड हाई पर पहुंचने के बाद गोल्ड की कीमतें तेज रफ्तार से नीचे आई हैं। 20 अक्टूबर को एमसीएक्स में गोल्ड का रेट रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया था।
Gold Price Today: सोने की कीमतों में इस समय भारी गिरावट देखने को मिली है। रिकॉर्ड हाई पर पहुंचने के बाद गोल्ड की कीमतें तेज रफ्तार से नीचे आई हैं। 20 अक्टूबर को एमसीएक्स में गोल्ड का रेट रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया था। लेकिन उसके बाद यह 10 प्रतिशत तक सस्ता हो चुका है। एमसीएक्स में गोल्ड फ्यूचर 131000 रुपये प्रति 10 ग्राम के पास ट्रेड कर रहा है। जिसके बाद से ही निवेशकों के मन में यह सवाल खड़ा हो रहा है कि क्या इस समय गोल्ड पर दांव लगाना फायदेमंद रहेगा? या फिर बेचने से लाभ होगा?

क्यों गिर रहा है गोल्ड का भाव
1. ऐतिहासिक तेजी के बाद प्रॉफिट बुकिंग
मध्य अक्टूबर तक गोल्ड की कीमतों में 54 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली थी। इसके पीछे कई कारण थे। लेकिन एक बार गोल्ड का रेट रिकॉर्ड हाई पर पहुंचने के बाद यह नीचे फिसल गया। इंस्टीट्यूशनल इंवेस्टर्स और सोने का उत्पादन करने वाले प्रॉफिट बुकिंग करने लगे। जिसकी वजह से गोल्ड की कीमतों पर असर पड़ा।
2- इजरायल और हमास के बीच हुआ सीजफायर
गाजा में हुए सीजफायर के बाद गोल्ड की कीमतों में गिरावट देखने को मिली। सोना एक सुरक्षित निवेश के तौर पर देखा जाता है। ऐसे में वैश्विक स्तर पर जब अधिक तनाव रहता है तो गोल्ड की कीमतों में तेजी और इसके उलट परिस्थितियां होने पर गिरावट देखने को मिलती है।
3- सेंट्रल बैंक फिर भी खरीद रहे सोना
भले ही गोल्ड की कीमतों में गिरावट आई है। लेकिन दिग्गज देशों के सेंट्रल बैंक की तरफ से गोल्ड की खरीदारी जारी है। चालू कैलेंडर ईयर की तीसरी तिमाही में सेंट्रल बैंकों ने मिलकर 220 टन गोल्ड खरीदा था। पोलैंड, इंडिया और उजबेकिस्तान सबसे अधिक खरिदारों में से एक रहे। यह एक तरह से यूएस डॉलर की जगह गोल्ड की तरफ देशों का जाना दर्शाता है। दुनिया भर के देश अब डॉलर के साथ-साथ गोल्ड को भी प्राथमिकता दे रहे हैं।
4- घरेलू डिमांड में गिरावट
दशहरा और दिवाली के बाद घरेलू बाजारों में गोल्ड की डिमांड में गिरावट आई है। ज्वेलरी डिमांड सालाना आधार पर 16 प्रतिशत लुढ़क गया है। ग्राहक गोल्ड क्वाइन, ईटीएफ सहित अन्य की तरफ धीरे-धीरे रुख कर रहे हैं।
क्या है एक्सपर्ट की राय?
ऐसे निवेशक जिन्हें गोल्ड से मोटा रिटर्न मिल चुका है वो थोड़ी बहुत प्रॉफिट बुकिंग कर सकते हैं। ऐसे में अगर आने वाले समय में कोई गिरावट देखने को मिलती है तो खरीदना सही रहेगा। इसके अलावा एक्सपर्ट्स का मानना है कि ईटीएफ में एसआईपी या फिर सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड भी एक बेहतर विकल्प हो सकता है।





