₹156655 पर आया सोने का भाव, आज चांदी में ₹4300 की गिरावट, युद्ध की आग से चमक फीकी

Mar 16, 2026 05:00 pm ISTDrigraj Madheshia लाइव हिन्दुस्तान
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Gold Rate Today 16 March: एमसीएक्स पर अप्रैल डिलीवरी वाले सोने के वायदा कारोबार में गिरावट दर्ज की गई। यह 1,800 रुपये (1.14%) गिरकर 1,56,655 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। चांदी 4,300 रुपये (1.7%) से अधिक गिरकर 2,55,101 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई

₹156655 पर आया सोने का भाव, आज चांदी में ₹4300 की गिरावट, युद्ध की आग से चमक फीकी

Gold Rate Today 16 March: सोने की कीमतों में सोमवार (16 मार्च) को शुरुआती कारोबार में 1% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। इसकी वजह यह है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से जल्द ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें कम होती जा रही हैं। साथ ही, अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण महंगाई बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है, जिससे आर्थिक विकास की रफ्तार धीमी पड़ने की आशंका बढ़ गई है।

आज सोने का भाव क्या है?

एमसीएक्स पर अप्रैल डिलीवरी वाले सोने के वायदा कारोबार में गिरावट दर्ज की गई। यह 1,800 रुपये (1.14%) गिरकर 1,56,655 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। वहीं, मई डिलीवरी वाली चांदी के वायदा कारोबार में भी भारी गिरावट देखी गई। यह 4,300 रुपये (1.7%) से अधिक गिरकर 2,55,101 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई।

इंटरनेशनल मार्केट में क्या हैं रेट

मध्य पूर्व में जारी युद्ध ने तीसरे हफ्ते में प्रवेश कर लिया है। सप्ताहांत में हुए हमलों में तेल के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया, जिससे कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आ गया है। इस भू-राजनीतिक तनाव का सीधा असर सोने की कीमतों पर देखने को मिला है। सिंगापुर में सुबह के कारोबार में स्पॉट गोल्ड 0.7 प्रतिशत की गिरावट के साथ 4,986.34 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। चांदी में 0.7 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 80.03 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। प्लैटिनम और पैलेडियम में भी गिरावट दर्ज की गई।

सोना 5000 डॉलर के नीचे क्यों आया?

ब्लूमबर्ग की खबर के मुताबिक कारोबार की शुरुआत में ही सोने की कीमतों में 1 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। यह लगातार दूसरा साप्ताहिक गिरावट है, जिसने सोने को 5,000 डॉलर प्रति औंस के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे खींच लिया है।

ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों पर असर

सोने की कीमतों पर कुछ और फैक्टर काम कर रहे हैं। जैसे युद्ध के चलते बढ़ती ऊर्जा कीमतों और मुद्रास्फीति की आशंकाओं ने इस बात की संभावना लगभग समाप्त कर दी है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व और अन्य केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में कटौती करेंगे। वहीं, कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल तब आया, जब अमेरिका ने ईरान के मुख्य तेल निर्यात केंद्र पर हमला किया और उसके जवाब में ईरान ने विभिन्न अरब देशों पर हमले किए।

क्या आगे सोना और गिरेगा?

कारोबारियों का मानना है कि इस सप्ताह होने वाली फेडरल रिजर्व की बैठक में ब्याज दरों में कटौती की संभावना अब लगभग समाप्त हो गई है। उधार लेने की अधिक लागत आमतौर पर कीमती धातुओं पर दबाव डालती है, क्योंकि वे ब्याज नहीं देती हैं। हालांकि, निकट अवधि में बढ़ती तेल कीमतें सोने पर दबाव डाल सकती हैं, लेकिन स्टैगफ्लेशन (मंदी के साथ उच्च मुद्रास्फीति) की आशंकाएं निवेशकों को लंबी अवधि में सोने की ओर रुख करने के लिए प्रेरित कर सकती हैं, क्योंकि यह मूल्य के बेहतर संरक्षक के रूप में देखा जाता है।

सोने के आयात मूल्य पर राहत

केंद्र सरकार ने सोने की आयात आधार कीमत में कटौती कर दी है। नई दर के अनुसार अब सोने की आयात आधार कीमत 1664 डॉलर प्रति 10 ग्राम से घटकर 1652 डॉलर प्रति 10 ग्राम हो गई है। सरकार के इस फैसले से ज्वैलर्स, सोना व्यापारियों और ग्राहकों को कुछ राहत मिल सकती है।

घरेलू कीमतों पर पड़ सकता है असर

हाल के दिनों में वैश्विक बाजार में कीमतों और रुपये में उतार-चढ़ाव के कारण सोने का आयात महंगा हो रहा था। कीमत घटने से आयातकों की लागत कम हो सकती है, जिसका असर बाजार में सोने के दाम पर भी पड़ सकता है। ज्वैलर्स और सोना कारोबारी नई कीमत के आधार पर अपने दामों में बदलाव कर सकते हैं, क्योंकि इसी कीमत के आधार पर कर तय किया जाता है।

चांदी की आयात आधार कीमत में बढ़ोतरी

वहीं, सरकार ने चांदी की आयात आधार कीमत में बढ़ोतरी कर दी है। यह कीमत 20 डॉलर प्रति किलो बढ़ाकर 2,800 डॉलर से 2,820 डॉलर कर दी गई है। इस कदम से आयातित चांदी की लागत बढ़ सकती है और घरेलू बाजार में चांदी के दामों पर भी असर देखने को मिल सकता है। हालांकि बढ़त सीमित होने की वजह से ये असर भी सीमित रह सकता है। देश ने बीते साल अपनी विदेशी मुद्रा भंडार के करीब 10 फीसदी के बराबर का सोना और चांदी आयात किया था।

Drigraj Madheshia

लेखक के बारे में

Drigraj Madheshia

दृगराज मद्धेशिया पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' की बिजनेस टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में, वे शेयर बाजार, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी सेक्टर पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं। वह कलम से बाजार की नब्ज टटोलने वाले एक पत्रकार हैं, जो शेयर बाजार से लेकर आपकी जेब (Personal Finance) तक, हर खबर को आसान बनाते हैं। टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के अपने विस्तृत अनुभव के साथ, दृगराज जटिल मार्केट डेटा को आम पाठकों के लिए 'कुछ अलग' और आसान भाषा में पेश करने के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में हिन्दुस्तान, सहारा समय, दैनिक जागरण और न्यूज नेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। मूलत: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले दृगराज मैथ्स बैकग्राउंड होने के कारण डेटा और कैलकुलेशन में माहिर हैं, जो बिजनेस पत्रकारिता के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है। उन्होंने कॅरियर की शुरुआत गोरखपुर से सहारा समय साप्ताहिक से बतौर फ्रीलांसर की और बहुत ही जल्द सहारा समय उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के हिस्सा बन गए। ​इसके बाद छत्तीसगढ़ में वॉच न्यूज से जुड़े। टीवी को छोड़ हिन्दुस्तान अखबार के बरेली एडिशन की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा बने। साढ़े सात साल की मैराथन पारी के बाद अगला पड़ाव न्यूज नेशन डिजिटल रहा। इसके बाद एक बार फिर हिन्दुस्तान दिल्ली से जुड़े और अब डिजिटल टीम का हिस्सा हैं। और पढ़ें

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