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गोल्ड लोन के नियम में बदलाव, अब केवल इन्हीं लोगों को मिलेगा लोन

गोल्ड लोन के नियम में बदलाव, अब केवल इन्हीं लोगों को मिलेगा लोन

संक्षेप: Gold Loan: आरबीआई का कहना है कि यह कदम सोने के कर्ज कारोबार में पारदर्शिता बढ़ाने और जोखिम को घटाने के उद्देश्य से उठाया गया है। अब कोई भी बैंक या एनबीएफसी ऐसे ऋण नहीं देगा जिनमें गिरवी रखा गया सोना पहले से किसी अन्य उधारकर्ता या संस्था के पास गिरवी हो।

Fri, 14 Nov 2025 06:46 AMDrigraj Madheshia हिन्दुस्तान टीम
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Gold Loan: भारतीय रिजर्व बैंक ने गोल्ड लोन के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब बैंक और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां केवल उसी व्यक्ति को गोल्ड लोन दे सकेंगी, जो सोने का वास्तविक मालिक हो। यानी किसी अन्य व्यक्ति द्वारा गिरवी रखे गए या पुनः गिरवी सोने के आधार पर लोन देना पूरी तरह प्रतिबंधित होगा।

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आरबीआई का कहना है कि यह कदम सोने के कर्ज कारोबार में पारदर्शिता बढ़ाने और जोखिम को घटाने के उद्देश्य से उठाया गया है। अब कोई भी बैंक या एनबीएफसी ऐसे ऋण नहीं देगा जिनमें गिरवी रखा गया सोना पहले से किसी अन्य उधारकर्ता या संस्था के पास गिरवी हो। नई व्यवस्था एक अप्रैल 2026 से लागू होगी, जिससे बैंकों और एनबीएफसी को अपनी मौजूदा गोल्ड लोन पोर्टफोलियो की समीक्षा और समायोजन का समय मिलेगा।

यह निर्णय उन साहूकारों, मनीलेंडर्स और बिचौलियों पर सीधा असर डालेगा जो ग्राहकों का सोना गिरवी रखकर बैंकों या वित्तीय संस्थानों से दोबारा कर्ज लेते थे। विशेषज्ञों का मानना है कि इस नियम से गोल्ड लोन क्षेत्र में अनुशासन और निगरानी बेहतर होगी तथा बैंकों का क्रेडिट जोखिम घटेगा। इसके साथ ही आरबीआई ने बैंकों को यह भी निर्देश दिया है कि वे लोन जारी करते समय सोने के स्वामित्व की पूरी जांच करें और नियमित ऑडिट प्रणाली को सुदृढ़ बनाएं।

ब्याज दर को उचित स्तर पर रखें

वित्तीय सेवा सचिव एम नागराजू ने बृहस्पतिवार को छोटी राशि के कर्ज देने वाले वित्तीय संस्थानों (एमएफआई) से वित्तीय समावेश को बढ़ावा देने के लिए अपनी ब्याज दरें उचित रखने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को पैसे की सख्त जरूरत होती है, वे ऊंची ब्याज दर पर उधार ले सकते हैं। लेकिन वे उसे वापस नहीं कर पाते, जिसके परिणामस्वरूप वित्तीय संस्थानों में दबाव वाली संपत्तियों में वृद्धि होती है। इस क्षेत्र में दबाव के कारण खातों की संख्या घटकर मार्च, 2025 के अंत तक 3.4 लाख हो गई है, जो 31 मार्च, 2024 को 4.4 लाख थी।

Drigraj Madheshia

लेखक के बारे में

Drigraj Madheshia
टीवी, प्रिंट और डिजिटल में कुल मिलाकर 20 साल का अनुभव। एचटी डिजिटल से पहले दृगराज न्यूज नेशन, दैनिक जागरण, हिंदुस्तान, सहारा समय और वॉच न्यूज एमपी /सीजी में रिपोर्टिग और डेस्क पर जिम्मेदारी निभा चुके हैं। स्पेशल स्टोरीज,स्पोर्ट्स, पॉलिटिक्स, सिनेमा, स्पोर्ट्स के बाद अब बिजनेस की खबरें लिख रहे हैं। दृगराज, लाइव हिन्दुस्तान में बतौर असिस्टेंट न्यूज एडिटर काम कर रहे हैं। और पढ़ें
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