सोने पर 15% इंपोर्ट ड्यूटी! सरकार की तिजोरी में आए ₹10,463 करोड़ रुपये

लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
Follow us on Google News
share

मुख्य बातें

  • सरकार ने 13 मई से 2 अगस्त 2026 के बीच सोने, चांदी और प्लैटिनम पर बढ़ी हुई इंपोर्ट ड्यूटी से ₹10,463 करोड़ का राजस्व जुटाया है
  • इसमें अकेले सोने से ₹10,040 करोड़ मिले
  • बता दें कि सरकार ने मई में सोने और चांदी पर आयात शुल्क 15% कर दिया था
gold import duty hike
सोने पर 15% इंपोर्ट ड्यूटी लगाने के बाद सरकार ने की ₹10,463 करोड़ रुपये की वसूली।

सोने और चांदी की बढ़ती कीमतों के बीच सरकार ने इन कीमती धातुओं पर आयात शुल्क बढ़ाकर बड़ी रकम जुटाई है। वित्त मंत्रालय के अनुसार, 13 मई से 2 अगस्त 2026 के बीच सोने-चांदी और प्लैटिनम के आयात पर बढ़ी हुई कस्टम ड्यूटी से सरकार को कुल ₹10,463 करोड़ का रेवेन्यू मिला है। इसमें सबसे बड़ा योगदान सोने का रहा। अकेले सोने के आयात से सरकार को ₹10,040 करोड़ की कस्टम ड्यूटी प्राप्त हुई, जबकि चांदी से ₹328 करोड़ और प्लैटिनम से ₹95 करोड़ की कमाई हुई। यह जानकारी वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने 10 अगस्त को लोकसभा में दी। सरकार की ओर से यह जवाब तृणमूल कांग्रेस की सांसद माला रॉय के सवाल के जवाब में दिया गया, जिसमें सोने और अन्य कीमती धातुओं पर बढ़ाई गई इंपोर्ट ड्यूटी से होने वाली अतिरिक्त कमाई और इसके बाद सोने की तस्करी के मामलों के बारे में जानकारी मांगी गई थी।

सोने-चांदी पर 15 फीसदी प्रभावी आयात शुल्क

दरअसल, सरकार ने 13 मई 2026 से सोने और चांदी पर प्रभावी आयात शुल्क को 6 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी कर दिया था। वहीं, प्लैटिनम पर भी आयात शुल्क बढ़ाया गया और इसे 6.4 फीसदी से बढ़ाकर 15.4 फीसदी कर दिया गया, यानी सोने और चांदी पर ड्यूटी में काफी बड़ी बढ़ोतरी की गई। इसका सीधा असर इन धातुओं के आयात की लागत पर पड़ता है। जब आयातकों को विदेश से सोना या चांदी खरीदकर भारत लाने पर ज्यादा शुल्क देना पड़ता है, तो इसकी लागत बढ़ जाती है। इसका असर आगे चलकर बाजार कीमतों, ज्वेलरी की कीमतों और ग्राहकों की खरीदारी पर भी देखने को मिल सकता है। हालांकि, सोने की कीमतों पर केवल आयात शुल्क का असर नहीं होता। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत, डॉलर की स्थिति, ब्याज दरें, भू-राजनीतिक तनाव और निवेशकों की मांग जैसे कई कारक भी इसकी कीमत तय करते हैं।

सोने की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई भी तेज

सरकार की कमाई के साथ-साथ इस अवधि में सोने की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई भी तेज हुई है। वित्त मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, 13 मई से 30 जून 2026 के बीच विभिन्न एजेंसियों ने अवैध तरीके से भारत में सोना लाने के 287 मामले दर्ज किए। इन कार्रवाइयों में कुल 160.91 किलोग्राम सोना जब्त किया गया और 116 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इससे साफ है कि आयात शुल्क बढ़ने के बाद सरकार की निगरानी और प्रवर्तन एजेंसियों की कार्रवाई दोनों पर खास ध्यान रहा है। ऊंची इंपोर्ट ड्यूटी के कारण आधिकारिक चैनल से सोना मंगाने की लागत बढ़ने पर अवैध तरीके से सोना लाने की कोशिशों का खतरा भी बढ़ सकता है। ऐसे में कस्टम विभाग और दूसरी जांच एजेंसियों के लिए तस्करी पर लगाम लगाना महत्वपूर्ण हो जाता है।

सोने की तस्करी भारत के लिए लंबे समय से एक चुनौती रही है। भारत दुनिया के सबसे बड़े सोना उपभोक्ताओं में शामिल है और यहां शादी-ब्याह, त्योहारों और निवेश के लिए सोने की भारी मांग रहती है। यही वजह है कि घरेलू मांग को पूरा करने के लिए बड़ी मात्रा में सोना आयात किया जाता है। दूसरी तरफ भारतीय परिवारों के पास बड़ी मात्रा में पुराना और जमा हुआ सोना भी मौजूद है। सरकार से जब पूछा गया कि भारतीय घरों में कितना सोना इस्तेमाल नहीं हो रहा है या पड़ा हुआ है, तो वित्त राज्य मंत्री ने कहा कि इस संबंध में सरकार के पास कोई आधिकारिक आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। भारत में घरेलू सोने की होल्डिंग दुनिया में सबसे अधिक मानी जाती है, लेकिन घरों में रखे सोने की सटीक मात्रा का नियमित सरकारी डेटा उपलब्ध नहीं है।

उपभोक्ताओं और ज्वेलरी कारोबार पर भी इसका असर

इसकी बढ़ी हुई ड्यूटी का एक बड़ा उद्देश्य सरकार के रेवेन्यू को बढ़ाना भी है, लेकिन इसका असर उपभोक्ताओं और ज्वेलरी कारोबार पर भी पड़ सकता है। आयात लागत बढ़ने पर ज्वेलर्स के लिए सोना खरीदना महंगा हो सकता है और इसका कुछ हिस्सा ग्राहकों तक पहुंच सकता है। ऐसे में शादी या निवेश के लिए सोना खरीदने वाले लोगों को ज्यादा कीमत चुकानी पड़ सकती है। दूसरी ओर ऊंची कीमतों के कारण कुछ ग्राहक खरीदारी टाल सकते हैं या कम मात्रा में सोना खरीद सकते हैं। यही वजह है कि सरकार के लिए रेवेन्यू बढ़ाने और बाजार में सोने की मांग को संतुलित रखना दोनों महत्वपूर्ण हैं।

कुल मिलाकर ₹10,463 करोड़ की कस्टम ड्यूटी बताती है कि सोने, चांदी और प्लैटिनम पर बढ़े आयात शुल्क से सरकार को शुरुआती महीनों में बड़ा राजस्व मिला है। वहीं, 287 तस्करी के मामले, 160.91 किलो सोने की जब्ती और 116 गिरफ्तारियां यह दिखाती हैं कि बढ़ी हुई ड्यूटी के साथ अवैध आयात पर निगरानी भी सरकार की प्राथमिकता बनी हुई है। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि ऊंची ड्यूटी का सोने के आधिकारिक आयात, घरेलू मांग, ज्वेलरी बाजार और सोने की कीमतों पर कितना असर पड़ता है।

Sarveshwar Pathak

लेखक के बारे में

Sarveshwar Pathak

सर्वेश्वर पाठक अक्टूबर 2022 से ‘लाइव हिंदुस्तान’ में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में बिजनेस और ऑटो सेक्शन के लिए काम कर रहे हैं। सर्वेश्वर बिजनेस और ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री की खबरों, रिव्यू और गहराई से किए गए एनालिसिस के लिए जाने जाते हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्हें 7 साल से अधिक का अनुभव है, जिसमें उन्होंने अपनी मजबूत पकड़ और समझ के जरिए एक अलग पहचान बनाई है। उन्होंने देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार से पत्रकारिता में मास्टर डिग्री हासिल की और वर्ष 2019 में ईटीवी भारत के साथ अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने दैनिक जागरण और एडिटरजी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी काम किया, जहां उन्होंने अपनी लेखन शैली और विश्लेषण क्षमता को और निखारा।

उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर से आने वाले सर्वेश्वर केवल एक पत्रकार ही नहीं, बल्कि सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय भागीदारी निभाते हैं। उन्हें बाल शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और जागरूकता से जुड़े अभियानों में विशेष रुचि है। अपने विश्वविद्यालय के दिनों में उन्होंने महाराष्ट्र के गोंदिया में दो महीने से अधिक समय तक सोशल वेलफेयर से जुड़े कार्य किए, जहां उन्होंने कई स्कूलों और विश्वविद्यालयों के छात्रों को उच्च शिक्षा के प्रति प्रेरित किया। लेखन के अलावा सर्वेश्वर को बचपन से ही क्रिकेट खेलने और डांस का शौक है, जो उनके व्यक्तित्व को संतुलित और ऊर्जावान बनाता है। उनका उद्देश्य सिर्फ खबरें लिखना ही नहीं, बल्कि लोगों को जागरूक और प्रेरित करना भी है।

और पढ़ें
बिजनेस न्यूज, आज के पेट्रोल और डीजल के दाम, शेयर बाजार की ताज़ा खबरें, आईटीआर न्यूज से जुड़ी जरूरी जानकारी पढ़ने के लिए Live Hindustan App अभी डाउनलोड करें।
Hindi Newsबिज़नेस न्यूज़सोने पर 15% इंपोर्ट ड्यूटी! सरकार की तिजोरी में आए ₹10,463 करोड़ रुपये