70% तक गिर गई सोने की डिमांड, PM मोदी की अपील के बाद बदला खरीदारों का मूड?
मुख्य बातें
- इंडस्ट्री के अनुमानों के मुताबिक, 27 मई को खत्म हुए पखवाड़े में सोने की मांग गिरकर लगभग 7.5 टन रह गई जबकि एक साल पहले यह लगभग 25 टन थी
- पीएम मोदी की अपील और इंपोर्ट ड्यूटी लगने के बाद यह गिरावट देखी गई है
Gold news: केंद्र सरकार द्वारा सोने पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने के फैसले के बाद देश में सोने की डिमांड में बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है। बता दें कि अमेरिका और ईरान के बीच जंग की वजह से बिगड़े हालात के बीच पीएम नरेंद्र मोदी ने आम जनता से सोने की खरीदारी को एक साल तक टालने की अपील की थी। इसके बाद से ही सरकार ने इंपोर्ट ड्यूटी को बढ़ाने का फैसला लिया।
क्या कहते हैं आंकड़े
आंकड़े बता रहे हैं कि 13 मई के बाद भारत में सोने की मांग में लगभग 70% की गिरावट आई है। इंडस्ट्री के अनुमानों के मुताबिक, 27 मई को खत्म हुए पखवाड़े में सोने की मांग गिरकर लगभग 7.5 टन रह गई जबकि एक साल पहले यह लगभग 25 टन थी।दरअसल, सरकार ने 13 मई से सोने पर आयात शुल्क को 6% से बढ़ाकर 15% कर दिया था। इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के राष्ट्रीय सचिव सुरेंद्र मेहता ने कहा- पूरे भारत के जौहरियों से मिल रही रिपोर्टों से पता चलता है कि आयात शुल्क बढ़ाए जाने के बाद सोने की मांग में 70% की गिरावट आई है। उन्होंने आगे कहा कि असंगठित व्यापार इस शुल्क बढ़ोतरी से सबसे ज़्यादा प्रभावित हुआ है। बता दें कि इसका सोने के कुल व्यापार में 65% हिस्सा है। IBJA के मेहता ने कहा कि पेट्रोल और डीजल की ज्यादा कीमतें और खाने-पीने की चीजों के महंगे होने का भी ग्राहकों के मूड पर असर पड़ रहा है क्योंकि वे अभी सोने पर खर्च करने को तैयार नहीं हैं।
सोने के गहनों की रिटेल चेन जॉयअलुक्कास के चेयरमैन जॉय अलुक्कास ने मांग में आई इस कमी की वजह कई कारणों को बताया। उन्होंने पीएम मोदी की अपील को भी इसका एक कारण बताया। जॉय अलुक्कास के मुताबिक प्रधानमंत्री की एक साल तक सोने से दूर रहने की अपील का भी ग्राहकों के मूड पर काफी असर पड़ा है। जॉयअलुक्कास में मांग 35% से भी अधिक गिर गई है। हमें पक्का नहीं पता कि यह और भी कम होगी या नहीं। जानकारों के मुताबिक अधिक मास के चलते भी कई लोग सोना खरीदने से बच रहे हैं।
बता दें कि ड्यूटी बढ़ने के बाद सोने पर लगने वाला प्रभावी टैक्स का बोझ 9.18% से बढ़कर 18.45% हो गया है। सरकार ने कमजोर रुपये, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और भू-राजनीतिक तनाव के चलते ड्यूटी बढ़ाई है। इसके साथ ही, आयात के नियमों को भी सख्त किया है और एडवांस ऑथराइजेशन स्कीम के तहत ड्यूटी-फ्री आयात की सीमा तय कर दी है।
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Deepak Kumarहिन्दुस्तान डिजिटल में करीब 5 साल से कार्यरत दीपक कुमार यहां बिजनेस की खबरें लिखते हैं। दीपक को स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस के अलावा बिजनेस से जुड़े तमाम विषयों की गहरी समझ है। वह जटिल आर्थिक और कारोबारी मुद्दों को सरल, संतुलित और आम बोलचाल की भाषा में पाठकों तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं। उनकी बिजनेस सेक्शन के अलावा एंटरटेनमेंट, स्पोर्ट्स और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरों पर भी मजबूत पकड़ है। दीपक को उनके बेहतरीन काम के लिए विभिन्न स्तरों पर सम्मानित भी किया जा चुका है। मूल रूप से बिहार के सीवान जिले से ताल्लुक रखने वाले दीपक के पास पत्रकारिता का करीब 13 साल का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला से की। इसके बाद दैनिक भास्कर, आजतक और इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी काम किया। इसका अगला पड़ाव हिन्दुस्तान डिजिटल था, जहां वह वर्तमान में असिस्टेंट न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। दीपक ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की पढ़ाई की जबकि हिमाचल प्रदेश सेंट्रल यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएट हुए हैं। जहां एक तरफ वह सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं तो वहीं नई तकनीकों से खुद को अपडेट रखते हैं। खाली समय में फिल्में देखना, खाना बनाना और क्रिकेट खेलना पसंद है।
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