IPO से पहले ओयो को मिली खुशखबरी, दिग्गज रेटिंग एजेंसी ने दिया पॉजिटिव आउटलुक
मुख्य बातें
- S&P ग्लोबल रेटिंग्स ने प्रिज्म के आउटलुक को स्टेबल से बदलकर पॉजिटिव कर दिया है
- हाल ही में प्रिज्म को बाजार नियामक सेबी से अपने आईपीओ के जरिये 6,650 करोड़ रुपये जुटाने की मंजूरी मिल गई है

Oyo IPO: हॉस्पिटैलिटी की दिग्गज OYO की पैरेंट कंपनी प्रिज्म को आईपीओ से पहले एक खुशखबरी मिली है। दरअसल, S&P ग्लोबल रेटिंग्स ने प्रिज्म के आउटलुक को 'स्टेबल' (स्थिर) से बदलकर 'पॉजिटिव' (सकारात्मक) कर दिया है। इसके साथ ही, कंपनी के सीनियर सिक्योर्ड टर्म लोन पर उसकी 'B' इश्यूअर क्रेडिट रेटिंग को भी बरकरार रखा। बता दें कि हाल ही में ओयो आईपीओ को सेबी से मंजूरी मिली है।
क्या कहा रेटिंग एजेंसी ने?
रेटिंग एजेंसी S&P ग्लोबल रेटिंग्स ने कहा-पॉजिटिव आउटलुक हमारी इस उम्मीद को दिखाता है कि अगर कंपनी अपनी अच्छी कमाई की रफ्तार बनाए रखती है और IPO के जरिए अपने कैपिटल स्ट्रक्चर को बेहतर बनाती है तो अगले 12 महीनों में कंपनी के क्रेडिट मेट्रिक्स में काफी सुधार होगा। एजेंसी ने आगे कहा कि एक सफल IPO से कंपनी के कैपिटल स्ट्रक्चर में भी सुधार हो सकता है। रेटिंग एजेंसी ने कहा कि अगर कंपनी IPO से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल कर्ज चुकाने के लिए करती है तो क्रेडिट रेश्यो और मजबूत हो सकते हैं। S&P ग्लोबल रेटिंग्स के अनुसार, सफल IPO से प्रिज्म का कैपिटल स्ट्रक्चर मजबूत होगा क्योंकि पब्लिक ऑफर की स्थिति में कंपनी के कंपल्सरी कन्वर्टिबल प्रेफरेंस शेयर्स (CCPS) और कंपल्सरी कन्वर्टिबल क्यूमुलेटिव प्रेफरेंस शेयर्स (CCCPS) इक्विटी में बदल जाएंगे।
रेटिंग एजेंसी के मुताबिक हम अभी अपने फाइनेंशियल रेश्यो में इन इंस्ट्रूमेंट्स को कर्ज जैसा मानते हैं क्योंकि ये स्थायी नहीं होते हैं। सफल IPO में ये इंस्ट्रूमेंट्स इक्विटी में बदल जाएंगे। एजेंसी का कहना है कि बेहतर स्केल, बेहतर ऑपरेटिंग क्षमता और अच्छे कैश कन्वर्जन रेट के कारण अगले 12 महीनों में प्रिज्म की कमाई में सुधार जारी रह सकता है। ग्लोबल रेटिंग एजेंसी के अनुसार, प्रीमियम ऑफरिंग की ओर बढ़ने, नई संपत्तियां जोड़ने और अच्छे सेम-स्टोरफ्रंट ग्रोथ रेट के कारण फाइनेंशियल ईयर 2027 में कंपनी का रेवेन्यू लगभग 15 प्रतिशत और बढ़ सकता है।
आईपीओ को सेबी से मंजूरी
हाल ही में प्रिज्म को बाजार नियामक सेबी से अपने आईपीओ के जरिये 6,650 करोड़ रुपये जुटाने की मंजूरी मिल गई है। ओयो की मूल कंपनी प्रिज्म ने गोपनीय माध्यम से दिसंबर, 2025 के अंत में भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के समक्ष आईपीओ के लिए प्रारंभिक दस्तावेज दाखिल किए थे। दस्तावेज 20 दिसंबर, 2025 को आयोजित असाधारण आम बैठक (ईजीएम) में शेयरधारकों की मंजूरी के बाद दखिल किए गए।
बैठक में कंपनी को इक्विटी शेयर के नए निर्गम के माध्यम से 6,650 करोड़ रुपये तक जुटाने की मंजूरी मिली। प्रिज्म ने गोपनीय पूर्व-फाइलिंग मार्ग का विकल्प चुना। यह विकल्प कंपनी को बिना इसे सार्वजनिक रूप से प्रकट किए अपने मसौदा दस्तावेज पर प्रारंभिक प्रतिक्रिया के लिए भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के साथ बातचीत करने की अनुमति देता है। इसके बाद हाल ही में आईपीओ को सेबी ने मंजूरी दे दी है।
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Deepak Kumarहिन्दुस्तान डिजिटल में करीब 5 साल से कार्यरत दीपक कुमार यहां बिजनेस की खबरें लिखते हैं। दीपक को स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस के अलावा बिजनेस से जुड़े तमाम विषयों की गहरी समझ है। वह जटिल आर्थिक और कारोबारी मुद्दों को सरल, संतुलित और आम बोलचाल की भाषा में पाठकों तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं। उनकी बिजनेस सेक्शन के अलावा एंटरटेनमेंट, स्पोर्ट्स और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरों पर भी मजबूत पकड़ है। दीपक को उनके बेहतरीन काम के लिए विभिन्न स्तरों पर सम्मानित भी किया जा चुका है। मूल रूप से बिहार के सीवान जिले से ताल्लुक रखने वाले दीपक के पास पत्रकारिता का करीब 13 साल का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला से की। इसके बाद दैनिक भास्कर, आजतक और इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी काम किया। इसका अगला पड़ाव हिन्दुस्तान डिजिटल था, जहां वह वर्तमान में असिस्टेंट न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। दीपक ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की पढ़ाई की जबकि हिमाचल प्रदेश सेंट्रल यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएट हुए हैं। जहां एक तरफ वह सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं तो वहीं नई तकनीकों से खुद को अपडेट रखते हैं। खाली समय में फिल्में देखना, खाना बनाना और क्रिकेट खेलना पसंद है।
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