
GDP आंकड़ों ने किया गदगद, 7.8% रही इंडियन इकनॉमी की ग्रोथ रेट, अनुमानों से कहीं अधिक
GDP Q1 2025-26: भारत और अमेरिका के बीच चल रहे टैरिफ वार के बीच अच्छी खबर आई है। शुक्रवार को एनएसओ की तरफ से जारी किए आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही के दौरान जीडीपी 7.8 प्रतिशत रही है।
GDP Q1 2025-26: भारत और अमेरिका के बीच चल रहे टैरिफ वार के बीच अच्छी खबर आई है। आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही के दौरान जीडीपी 7.8 प्रतिशत रही है। जोकि अनुमान से अधिक रही है। यह आंकड़े NSO की तरफ से शुक्रवार को जारी किए गए हैं। एक्सपर्ट्स रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के अनुमान 6.5 प्रतिशत के आस-पास जीडीपी के रहने की उम्मीद जता रहे थे। लेकिन भारतीय अर्थव्यवस्था ने चौंका दिया है। बीते वित्त वर्ष इसी तिमाही में जीडीपी 15 महीने के न्यूनतम स्तर पर लुढ़कते हुए 6.7 प्रतिशत पहुंच गई थी।

एनएसओ के डाटा के अनुसार, “वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में रियल जीडीपी 7.8 प्रतिशत की रफ्तार से आगे बढ़ी है। वित्त वर्ष 2024-25 में ग्रोथ रेट 6.5 प्रतिशत थी। नॉमिनल जीडीपी पहली तिमाही में 8.8 प्रतिशत रहा है।”
कौन से सेक्टर ने किया दमदार प्रदर्शन?
एग्रीकल्चर सेक्टर चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के दौरान 3.7 प्रतिशत की ग्रोथ रेट हासिल करने में सफल रहा है। बीते वित्त वर्ष की पहली तिमाही में यह 1.5 प्रतिशत की ग्रोथ रेट से आगे बढ़ रहा था। वहीं, माइनिंग सेक्टर ने पहले क्वार्टर में निराश किया है। इस दौरान माइनिंग सेक्टर में 3.1 प्रतिशत की गिरावट आई है। जबकि बीते वित्त वर्ष की पहली तिमाही में यह सेक्टर 6.6 प्रतिशत की ग्रोथ रेट से आगे बढ़ रहा था।
अन्य सेक्टर्स का प्रदर्शन कैसा?
सेंकेंड्री सेक्टर मैन्युफैक्चरिंग और इलेक्ट्रिकसिटी इंडस्ट्रीज की ग्रोथ रेट सालाना आधार पर 7 प्रतिशत रही है। बीते वित्त वर्ष की पहली तिमाही में सेंकेंड्री सेक्टर की ग्रोथ रेट 8.6 प्रतिशत थी।
ट्रेड होटल्स, ट्रांसपोर्ट, कम्युनिकेशंस और सर्विसेज से सम्बंधित बिजनेस 8.6 प्रतिशत की ग्रोथ से बढ़ा है। वित्त वर्ष 25 में इसकी ग्रोथ रेट 5.4 प्रतिशत थी। बता दें, वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की ग्रोथ रेट मामूली रूप से बढ़कर 7.7 प्रतिशत हो गई, जबकि एक साल पहले इसी तिमाही में यह 7.6 प्रतिशत थी।
साल दर साल आधार पर पूंजीगत व्यय 52 प्रतिशत बढ़ा है। कंस्ट्रक्शन और एग्रीकल्चर सेक्टर ने दमदार प्रदर्शन किया है। वहीं, कार्गो ट्रैफिक, जीएसटी कलेक्शन और स्टील प्रोडक्शन ने भी मजबूती के साथ प्रदर्शन किया है।





