ऑपरेशन सिंदूर में अडानी डिफेंस के बनाए हथियारों ने दिखाया जलवा, पाकिस्तान हुआ था पस्त
मुख्य बातें
- ऑपरेशन सिंदूर पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के जवाब के तौर पर भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा पाकिस्तान में और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवादी ठिकानों के खिलाफ शुरू किया गया था
- गौतम अडानी ने कहा, 'ऑपरेशन सिंदूर हुआ और हमने कर दिखाया
अडानी समूह के चेयरमैन गौतम अडानी ने मंगलवार को कहा कि उनके समूह द्वारा बनाए गए ड्रोन और ड्रोन रोधी प्रणालियों ने ऑपरेशन सिंदूर में प्रमुख भूमिका निभाई थी। ऑपरेशन सिंदूर पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के जवाब के तौर पर भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा पाकिस्तान में और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवादी ठिकानों के खिलाफ शुरू किया गया था। अपने समूह की वार्षिक आम बैठक में अडानी ने कहा, 'ऑपरेशन सिंदूर हुआ और हमने कर दिखाया।'
अडानी समूह ने क्या कहा?
‘अडानी डिफेंस’ द्वारा निर्मित हथियारों ने सटीक हमले किए, जबकि इसकी ड्रोन रोधी यूनिट्स ने जवाबी खतरों से भारतीय संपत्तियों की रक्षा की। उन्होंने कहा, ‘‘हमारे ड्रोन आसमान में नजर रखने वाली आंख के साथ-साथ हमले की तलवार भी बन गए हैं और हमारी ड्रोन रोधी प्रणालियों ने हमारे बलों और नागरिकों की सुरक्षा में मदद की है।’’ ‘अल्फा डिजाइन टेक्नोलॉजीज’ (अडानी डिफेंस की 26 प्रतिशत स्वामित्व वाली कंपनी) और इजराइल की ‘एल्बिट सिस्टम्स’ की साझेदारी में विकसित स्काईस्ट्राइकर हथियार या कामिकेज ड्रोन 5-10 किलोग्राम के हथियार ले जा सकते हैं, 100 किलोमीटर तक की कम ऊंचाई पर चुपचाप उड़ सकते हैं और लक्ष्य पर सटीक हमला कर सकते हैं।
भारत को हमारी सबसे ज्यादा जरूरत
अडानी ने कहा, ‘‘जैसा कि मेरा हमेशा से मानना है कि हम सुरक्षित क्षेत्रों में काम नहीं करते हैं। हम वहां काम करते हैं, जहां यह जरूरी है, जहां भारत को हमारी सबसे ज्यादा जरूरत है।’’अडानी ने वार्षिक आम बैठक को संबोधित करते हुए सीमाओं की रक्षा करने वाले बहादुर सैनिकों को सलाम किया। उन्होंने कहा, ‘‘इस वर्ष ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान हमारे बहादुर पुरुष और महिलाएं वर्दी में डटे रहे। प्रसिद्धि के लिए नहीं, पदकों के लिए नहीं, बल्कि कर्तव्य के लिए। उनके साहस ने हमें याद दिलाया कि शांति कभी मुफ़्त नहीं मिलती, इसे अर्जित किया जाता है। और सपने देखने, उन्हें पूरा करने और नेतृत्व करने की स्वतंत्रता हमारी सुरक्षा करने वाले लोगों के कंधों पर मजबूती से टिकी है।’’ उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का जिक्र करते हुए कहा कि भारत शांति के महत्व को समझता है। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन अगर कोई उसे खतरे में डालने की कोशिश करता है, तो भारत उसकी भाषा में जवाब देना भी जानता है।’’
लेखक के बारे में
Varsha Pathakवर्षा पाठक लाइव हिन्दुस्तान में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं और पिछले 4 सालों से इस संस्थान से जुड़ी हुई हैं। मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें लगभग 8 साल का अनुभव है। उन्होंने जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है। बिहार की रहने वाली वर्षा वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान के बिजनेस सेक्शन के लिए खबरें लिखती हैं। उन्हें स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, यूटिलिटी, टैक्स, बजट, एक्सप्लेनर, इंटरव्यूज और कॉरपोरेट सेक्टर से जुड़ी खबरों की समझ है। जटिल आर्थिक विषयों को सरल, तथ्यात्मक और पाठकों के लिए उपयोगी भाषा में प्रस्तुत करना उनकी लेखन शैली की विशेषता है। हिन्दुस्तान से पहले वर्षा दैनिक भास्कर (प्रिंट), मनी भास्कर और नेटवर्क18 जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम कर चुकी हैं। उन्हें फील्ड रिपोर्टिंग का अनुभव भी है। डिजिटल पत्रकारिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए वर्षा को मनी भास्कर में सबसे अधिक UVs-PVs का पुरस्कार मिल चुका है। इसके अलावा, लाइव हिन्दुस्तान में भी वर्षा का टॉप परफॉर्मेंस रहा है और इसके लिए पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है।
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