24% उछल सकता है अडानी का यह शेयर, 2.5 करोड़ स्मार्ट मीटर लगाएगी कंपनी
सोमवार को अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस के शेयर 3.95% टूटकर 971.15 रुपये पर बंद हुए। शेयर का ट्रेडिंग रेंज 925.40 रुपये से 988.30 रुपये के बीच रहा। ब्रोकरेज जेएम फाइनेंशियल ने अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस के शेयर को खरीदने की सलाह दी है।
Adani Energy Solutions share: बीते सोमवार को बाजार में मचे हाहाकार के बीच गौतम अडानी समूह की कंपनी- अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस के शेयर भी सुस्त नजर आए। हालांकि, शेयर को लेकर एक्सपर्ट बुलिश हैं। दरअसल, ब्रोकरेज जेएम फाइनेंशियल ने अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस के शेयर को खरीदने की सलाह दी है।
शेयर का परफॉर्मेंस
सप्ताह के पहले कारोबारी दिन अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस के शेयर 3.95% टूटकर 971.15 रुपये पर बंद हुए। शेयर का ट्रेडिंग रेंज 925.40 रुपये से 988.30 रुपये के बीच रहा। जनवरी 2026 में शेयर की कीमत 1,067.30 रुपये थी। यह शेयर के 52 हफ्ते का हाई है। जेएम फाइनेंशियल के अनुसार शेयर 24% तक बढ़ सकता है।
क्या कहा ब्रोकरेज ने?
जेएम फाइनेंशियल ने कहा कि अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस (एईएसएल) भारत के परिवहन और वितरण (टीएंडडी) विकास के मजबूत आउटलुक से लाभान्वित होने के लिए अच्छी स्थिति में है। कंपनी के पास 77,800 करोड़ रुपये का मजबूत ट्रांसमिशन ऑर्डर बुक, 24.6 मिलियन स्मार्ट मीटरिंग पोर्टफोलियो और 9,600 करोड़ रुपये के विनियमित परिसंपत्ति आधार (आरएबी) के साथ एक स्थिर वितरण फ्रेंचाइजी है।
ब्रोकरेज के मुताबिक हमारा अनुमान है कि स्मार्ट मीटर के चालू होने और विस्तार के चलते वित्त वर्ष 2025-2028 के दौरान राजस्व, एबिटा और पीएटी में क्रमशः 19 प्रतिशत, 15 प्रतिशत और 50 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वृद्धि होगी।
अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस का प्लान क्या है?
हाल ही में कंपनी ने कहा कि अगले वित्त वर्ष 2026-27 में भी एक करोड़ स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे। अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड को पांच राज्यों में कुल 2.5 करोड़ स्मार्ट बिजली मीटर लगाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। कंपनी का दावा है कि रोजाना 25 हजार स्मार्ट मीटर लगाने की उसकी गति उद्योग में सबसे तेज है। यह उपलब्धि कंपनी के तय लक्ष्य से काफी पहले हासिल हुई है। कंपनी ने 31 मार्च 2026 तक एक करोड़ मीटर लगाने का लक्ष्य रखा था।
जापान से मिला पैसा
अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस ने अपने प्रमुख हाई-वोल्टेज डायरेक्ट करंट (एचवीडीसी) ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट के लिए जापानी बैंकों के एक समूह से लॉन्ग टर्म फाइनेंस हासिल किया है। यह परियोजना उत्तरी भारत में नवीकरणीय ऊर्जा के बढ़ते फ्लो को समर्थन देने के लिए एक ग्रीन निकासी गलियारे के रूप में तैयार की गई है। एचवीडीसी परियोजना भारत के सबसे सौर ऊर्जा उत्पादक राज्यों में से एक राजस्थान से नवीकरणीय ऊर्जा को निकालकर राष्ट्रीय ग्रिड में पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे यह सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी कि दूरस्थ क्षेत्रों में उत्पादित हरित ऊर्जा उच्च बिजली मांग वाले क्षेत्रों तक पहुंच सके।
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