गिरावट की आंधी में भी अडानी के इस शेयर में तूफान, 560 रुपये के पार पहुंचा शेयर का दाम
शेयर मार्केट में चल रही गिरावट की आंधी के बीच अडानी ग्रुप का एक शेयर उड़ान भर रहा है।अडानी टोटल गैस के शेयर में सबसे अधिक करीब 17% का उछाल आया। जबकि, सेंसेक्स 1000 से अधिक अंकों का गोता लगा चुका है और निफ्टी 24000 के नीचे आ गया है।

शेयर मार्केट में इस समय गिरावट की आंधी चल रही है। सेंसेक्स 1000 से अधिक अंकों का गोता लगा चुका है और निफ्टी 24000 के नीचे आ गया है। इसके बावजूद अडानी ग्रुप का एक शेयर उड़ान भर रहा है। दरअसल ईरान-इजरायल युद्ध के बीच गैस सप्लाई में आई रुकावट के कारण भारतीय शेयर मार्केट में गैस से जुड़े कंपनियों के शेयरों में जबरदस्त तेजी देखी गई। अडानी टोटल गैस के शेयर में सबसे अधिक करीब 17% का उछाल आया और यह 560.30 रुपये के उच्च स्तर पर पहुंच गया।
इन गैस कंपनियों के शेयर भी चढ़े
गुजरात गैस के शेयर में भी करीब 12% की तेजी रही और यह 420 रुपये के स्तर पर कारोबार करता नजर आया। पेट्रोनेट एलएनजी, गेल इंडिया, इंद्रप्रस्थ गैस और महानगर गैस समेत अन्य गैस कंपनियों के शेयरों में भी 2% से अधिक की बढ़त दर्ज की गई।
ईरान-इजरायल संघर्ष का असर
ईरान और इजरायल-अमेरिका गठबंधन के बीच बढ़ते तनाव का सीधा असर भारत के एनर्जी मार्केट पर पड़ा है। होर्मुज स्ट्रेट से होने वाले गैस शिपमेंट बाधित हो गए हैं, जिससे सप्लाई पर दबाव बना है। यह समुद्री मार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा परिवहन मार्गों में से एक है, लेकिन बढ़ते सुरक्षा जोखिमों के कारण टैंकरों की आवाजाही प्रभावित हुई है।
भारत अपनी घरेलू गैस जरूरतों को पूरा करने के लिए आयात पर काफी हद तक निर्भर है। कई वैश्विक सप्लाईकर्ताओं ने इस बाधा के कारण गैस शिपमेंट पर फोर्स मेजर जारी कर दिया है।
शेयर बाजार की स्थिति
भारतीय बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में बुधवार को 1% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। मध्य पूर्व संघर्ष के कारण निवेशक सतर्क बने हुए हैं, जिसका असर महंगाई और आर्थिक वृद्धि पर पड़ सकता है। तेल की कीमतों में भी उतार-चढ़ाव जारी है।
हालांकि, ग्लोबल मार्केट में मजबूती देखी गई। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी द्वारा कच्चे तेल के रिजर्व में बड़े पैमाने पर रिलीज के प्रस्ताव की खबर के बाद एमएससीआई एशिया पैसिफिक इंडेक्स में 1.8% की बढ़त रही। ब्रेंट क्रूड में बुधवार को करीब 1% की गिरावट आई, जबकि पिछले सत्र में इसमें 11% की गिरावट दर्ज की गई थी।
होर्मुज संकट
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल शिपिंग रूट में से एक है। बढ़ते तनाव के कारण इस मार्ग पर यातायात बाधित हुआ है। खबरों के अनुसार, ईरान इस क्षेत्र से गुजरने वाले जहाजों को निशाना बना रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य में खदानें बिछाने के खिलाफ चेतावनी दी है।
इस मार्ग से आमतौर पर दुनिया के कुल ऑयल शिपमेंट का लगभग 20% हिस्सा गुजरता है। इसके प्रभावी रूप से बंद होने से कुछ उत्पादकों को उत्पादन कम करने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
भारत में गैस कीमतों में उछाल
होर्मुज स्ट्रेट से जुड़ी सप्लाई बाधाओं ने भारत में गैस की कीमतों को बढ़ा दिया है। घरेलू रसोई गैस की कीमतों में 60 रुपये प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी हुई है, जबकि कमर्शियल एलपीजी की कीमतों में 114.5 रुपये का इजाफा हुआ है। यूरोपीय प्राकृतिक गैस की कीमतों में भी पिछले सप्ताह करीब 40% की उछाल आई है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने संकेत दिया है कि वैश्विक तेल बाजारों को स्थिर करने के प्रयासों के तहत कुछ देशों पर लगे प्रतिबंधों को हटाया जा सकता है, लेकिन संघर्ष अभी भी जारी है और कोई तत्काल राजनयिक समाधान नजर नहीं आ रहा है।
लेखक के बारे में
Drigraj Madheshiaदृगराज मद्धेशिया पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' की बिजनेस टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में, वे शेयर बाजार, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी सेक्टर पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं। वह कलम से बाजार की नब्ज टटोलने वाले एक पत्रकार हैं, जो शेयर बाजार से लेकर आपकी जेब (Personal Finance) तक, हर खबर को आसान बनाते हैं। टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के अपने विस्तृत अनुभव के साथ, दृगराज जटिल मार्केट डेटा को आम पाठकों के लिए 'कुछ अलग' और आसान भाषा में पेश करने के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में हिन्दुस्तान, सहारा समय, दैनिक जागरण और न्यूज नेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। मूलत: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले दृगराज मैथ्स बैकग्राउंड होने के कारण डेटा और कैलकुलेशन में माहिर हैं, जो बिजनेस पत्रकारिता के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है। उन्होंने कॅरियर की शुरुआत गोरखपुर से सहारा समय साप्ताहिक से बतौर फ्रीलांसर की और बहुत ही जल्द सहारा समय उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के हिस्सा बन गए। इसके बाद छत्तीसगढ़ में वॉच न्यूज से जुड़े। टीवी को छोड़ हिन्दुस्तान अखबार के बरेली एडिशन की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा बने। साढ़े सात साल की मैराथन पारी के बाद अगला पड़ाव न्यूज नेशन डिजिटल रहा। इसके बाद एक बार फिर हिन्दुस्तान दिल्ली से जुड़े और अब डिजिटल टीम का हिस्सा हैं। और पढ़ें


