इस सरकारी कंपनी ने बड़े निवेश का किया ऐलान, शेयर टूटकर ₹145 तक आने का अनुमान
गेल के शेयर की बात करें तो शुक्रवार को बिकवाली मोड में था और यह 169.75 रुपये पर बंद हुआ। शेयर के 52 हफ्ते का लो 150.60 रुपये है। हालांकि, ब्रोकरेज फर्म कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने शेयर पर अपनी 'सेल' रेटिंग को दोहराया है।

GAIL share price: अगले सप्ताह सोमवार को सार्वजनिक क्षेत्र की गैस कंपनी गेल (इंडिया) लिमिटेड के शेयर पर निवेशकों की नजर रहेगी। ये हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि कंपनी ने बड़े निवेश का ऐलान किया है। आइए डिटेल जान लेते हैं।
क्या किया है ऐलान?
गेल महाराष्ट्र में एक विंड एनर्जी प्रोजेक्ट स्थापित करने के लिए 1,736.25 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। कंपनी ने वर्ष 2035 तक नेट जीरो कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य रखा है और यह निवेश उसके रिन्यूएबल एनर्जी पोर्टफोलियो के विस्तार की दिशा में एक कदम है।
गेल ने शेयर बाजार को दी जानकारी में बताया कि निदेशक मंडल की बैठक में 178.2 मेगावाट क्षमता की विंड एनर्जी परियोजना स्थापित करने के निवेश प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। कॉन्ट्रैक्ट मिलने के 24 महीनों के भीतर पूरी होने वाली यह परियोजना कंपनी के मौजूदा 117.95 मेगावाट के पोर्टफोलियो में इजाफा करेगी। इसके अलावा, कंपनी के पास राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में फैली 27 मेगावाट की सौर ऊर्जा परियोजनाएं भी हैं। वर्तमान में कंपनी की विंड एनर्जी परियोजनाएं गुजरात (19.2 मेगावाट), कर्नाटक (38.1 मेगावाट) और तमिलनाडु (60.65 मेगावाट) में स्थित हैं।
शेयर का परफॉर्मेंस
गेल के शेयर की बात करें तो शुक्रवार को बिकवाली मोड में था और यह 169.75 रुपये पर बंद हुआ। शेयर के 52 हफ्ते का लो 150.60 रुपये है। हालांकि, ब्रोकरेज फर्म कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने शेयर पर अपनी 'सेल' रेटिंग को दोहराया है। इसके साथ ही ₹145 प्रति शेयर का टारगट प्राइस तय किया है। कोटक ने कहा कि अगर GAIL अपने घाटे में चल रहे पेट्रोकेमिकल कारोबार को बंद कर देती है तो मार्केटिंग से होने वाली आय और भी कमजोर हो सकती है। ब्रोकरेज फर्म के मुताबिक जनवरी 2026 से प्रभावी होने वाले नेचुरल गैस टैरिफ संशोधन के अलावा, शेयर के लिए निकट भविष्य में कोई खास सकारात्मक कारक नहीं हैं। बढ़ा हुआ पूंजीगत व्यय भी चिंता का विषय बना हुआ है।
इसके अलावा, GAIL की दो गैस आधारित उर्वरक संयंत्र स्थापित करने की योजना ने पूंजी आवंटन और रिटर्न को लेकर निवेशकों की चिंताओं को और बढ़ा दिया है।
कैसे रहे तिमाही नतीजे
हाल ही में गेल ने 31 जनवरी 2026 को अक्टूबर से दिसंबर तिमाही के वित्तीय परिणाम घोषित किए। कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले वर्ष की इसी तिमाही के ₹4,084.24 करोड़ से घटकर ₹1,729.13 करोड़ रह गया, जिसमें 57.6% की गिरावट दर्ज की गई। 31 दिसंबर 2025 को समाप्त तिमाही में परिचालन राजस्व पिछले वर्ष की इसी तिमाही के ₹36,937 करोड़ से 4.4% घटकर ₹35,302.7 करोड़ रह गया। तिमाही में कुल व्यय ₹33,821.4 करोड़ रहा, जबकि वित्त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही में यह ₹34,876.4 करोड़ था। बता दें कि गेल भारत की सबसे बड़ी प्राकृतिक गैस पारेषण और विपणन कंपनी है। इसके पास लगभग 18,001 किलोमीटर का प्राकृतिक गैस पाइपलाइन नेटवर्क है।
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