38% घट गया गैस कंपनी का मुनाफा, ग्लोबल टेंशन के बीच डिविडेंड का किया ऐलान
मुख्य बातें
- गेल (इंडिया) लिमिटेड ने मार्च तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं
- वित्त वर्ष 2025-26 की मार्च तिमाही में 38 प्रतिशत घटकर 1262.18 करोड़ रुपये रहा है
- निदेशक मंडल ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 50 पैसे प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की

ईरान की अमेरिका और इजरायल से छिड़ी जंग की वजह से सार्वजनिक क्षेत्र की गैस कंपनी गेल (इंडिया) लिमिटेड को बड़ा झटका लगा है। दरअसल, कंपनी ने मार्च तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। वित्त वर्ष 2025-26 की मार्च तिमाही में 38 प्रतिशत घटकर 1262.18 करोड़ रुपये रहा है। पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण ऊर्जा आपूर्ति बाधित होने से कंपनी के मुनाफा पर असर पड़ा है। कंपनी ने कहा कि इससे पिछले वित्त वर्ष 2024-25 की इसी तिमाही में लाभ 2,049.03 करोड़ रुपये और दिसंबर 2025 को समाप्त तिमाही में 1,602.57 करोड़ रुपये था। कंपनी का परिचालन राजस्व तिमाही में मामूली रूप से घटकर 34,797 करोड़ रुपये रहा। पूरे वित्त वर्ष (2025-26) के लिए कंपनी का मुनाफा घटकर 6,968 करोड़ रुपये रहा जो एक साल पहले 11,312 करोड़ रुपये था। मुख्य रूप से गैस डिस्ट्रिब्यूशन और पेट्रोकेमिल क्षेत्रों में कमजोर रुख के कारण सालाना मुनाफा घटा।
कंपनी ने बताया कि FY26 के दौरान पूंजीगत खर्च ₹9,594 करोड़ रहा, जिसका मुख्य हिस्सा पाइपलाइन इंफ्रास्ट्रक्चर, पेट्रोकेमिकल प्रोजेक्ट्स, ऑपरेशनल कैपेक्स और जॉइंट वेंचर्स, सब्सिडियरीज में इक्विटी योगदान पर खर्च किया गया। ऑपरेशनल तौर पर FY26 में नेचुरल गैस ट्रांसमिशन वॉल्यूम 122.18 MMSCMD रहा जबकि FY25 में यह 127.32 MMSCMD था। गैस मार्केटिंग वॉल्यूम 101.49 मिलियन मीट्रिक स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर प्रतिदिन से बढ़कर 104.21 मिलियन मीट्रिक स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर प्रतिदिन हो गया। वहीं LHC (लाइट हाइड्रोकार्बन) का उत्पादन 947 TMT से घटकर 813 TMT रह गया।
डिविडेंड का ऐलान
गेल (इंडिया) लिमिटेड के निदेशक मंडल ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 50 पैसे प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की। कंपनी ने इससे पहले 5.00 रुपये प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड भी दिया था। इससे इस वर्ष के लिए कुल डिविडेंड भुगतान अनुपात बढ़कर 51.90% हो गया है। गेल के शेयर की बात करें तो 155 रुपये के स्तर पर है। इस शेयर के 52 हफ्ते का हाई 202.65 रुपये है।
क्या कहा कंपनी के चेयरमैन ने?
तिमाही नतीजों के बाद गेल के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर, दीपक गुप्ता ने कहा- यह साल एक चुनौतीपूर्ण और मुश्किल वैश्विक माहौल वाला रहा। इसकी शुरुआत रूस-यूक्रेन के बीच चल रहे संघर्ष और बदलते भू-राजनीतिक घटनाक्रमों से हुई, जिसमें साल के बाद के हिस्से में पश्चिम एशियाई संकट का शुरू होना भी शामिल है।
इन विपरीत परिस्थितियों के बावजूद, सरकार के समय पर किए गए नीतिगत हस्तक्षेपों के सहयोग से गेल ने एक मजबूत परिचालन और वित्तीय प्रदर्शन किया। बता दें कि ईरान युद्ध के कारण मार्च की शुरुआत से ही भारत के सबसे बड़े आपूर्तिकर्ता कतर से लिक्विफाइड नेचुरल गैस (एलएनजी) का आयात बाधित रहा।
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