₹75 से टूटकर ₹1 के नीचे आ गया था यह शेयर, अब लगातार लग रहा अपर सर्किट
संक्षेप: इस शेयर में 99 पर्सेंट से ज्यादा की गिरावट आई और भाव 1 रुपये से भी नीचे आ गया। दिसंबर 2024 में शेयर की कीमत 69 पैसे पर थी। यह शेयर के 52 हफ्ते का हाई है। अक्टूबर 2025 में यह शेयर 38 पैसे का था। यह शेयर के 52 हफ्ते का लो है।
Future consumer share price: शेयर बाजार में तूफानी तेजी के बीच सोमवार को कुछ पेनी शेयरों में अपर सर्किट भी लगा। ऐसा ही एक पेनी शेयर रिटेल सेक्टर की कंपनी फ्यूचर कंज्यूमर लिमिटेड है। एक दिन पहले के मुकाबले इस शेयर में 5 पर्सेंट का अपर सर्किट लगा अैर भाव 46 पैसे पर पहुंच गया। इस शेयर में बीते कुछ दिनों से लगातार तेजी आ रही है। यह तेजी कंपनी की बोर्ड मीटिंग के बाद से देखी गई है।

एक वक्त यह शेयर 75 रुपये का था लेकिन कंपनी के साथ हालात कुछ ऐसे बने कि यह क्रैश हो गया। इस शेयर में 99 पर्सेंट से ज्यादा की गिरावट आई और भाव 1 रुपये से भी नीचे आ गया। दिसंबर 2024 में शेयर की कीमत 69 पैसे पर थी। यह शेयर के 52 हफ्ते का हाई है। अक्टूबर 2025 में यह शेयर 38 पैसे का था। यह शेयर के 52 हफ्ते का लो है।
क्या है अपडेट?
फ्यूचर कंज्यूमर लिमिटेड ने स्टॉक एक्सचेंजों को सूचित किया है कि कंपनी के स्वतंत्र निदेशक बिरेंद्र कुमार अग्रवाल ने 11 नवंबर 2025 से प्रभावी त्यागपत्र दे दिया है। इसके साथ ही वे कंपनी के ऑडिट कमिटी के चेयरमैन, नॉमिनेशन एंड रिम्युनरेशन कमिटी, स्टेकहोल्डर्स रिलेशनशिप एंड शेयर ट्रांसफर कमिटी तथा कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी कमिटी के सदस्य पदों से भी मुक्त हो गए हैं। त्यागपत्र में अग्रवाल ने व्यक्तिगत असाधारण परिस्थितियों को इस्तीफे का कारण बताया। फ्यूचर कंज्यूमर ने एक अन्य फाइलिंग में स्टॉक एक्सचेंज को सूचित किया है कि रिसर्जेंट इंडिया स्पेशल सिचुएशंस फंड द्वारा कंपनी के खिलाफ एनसीएलटी मुंबई बेंच में दाखिल कंपनी पिटीशन की सुनवाई 12 नवंबर 2025 को तय थी, लेकिन याचिकाकर्ता के वकील की ओर से स्थगन की मांग करने पर मामला नहीं सुना गया। अब इस केस की अगली सुनवाई 10 दिसंबर 2025 को होगी।
कैसे रहे तिमाही नतीजे?
सितंबर 2025 को समाप्त तिमाही में फ्यूचर कंज्यूमर का नेट प्रॉफिट 76.76 करोड़ रुपये रहा जबकि सितंबर 2024 को समाप्त पिछली तिमाही के दौरान 11.67 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। सितंबर 2025 को समाप्त तिमाही में बिक्री 116.67% बढ़कर 0.13 करोड़ रुपये हो गई, जबकि सितंबर 2024 को समाप्त पिछली तिमाही के दौरान यह 0.06 करोड़ रुपये थी।





