विदेशी निवेशक जमकर बेच रहे हैं शेयर, 4 दिन में ₹21000 करोड़ निकाले
FPI Updates: विदेशी निवेशकों ने पश्चिम एशिया संकट के बीच पिछले चार कारोबारी सत्रों के दौरान भारतीय इक्विटी से 21,000 करोड़ रुपये निकाले हैं। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) द्वारा फरवरी में भारतीय इक्विटी में 22,615 करोड़ रुपये के निवेश के बाद यह ताजा बिकवाली हुई है।

FPI Updates: विदेशी निवेशकों ने पश्चिम एशिया संकट के बीच पिछले चार कारोबारी सत्रों के दौरान भारतीय इक्विटी से 21,000 करोड़ रुपये निकाले हैं। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) द्वारा फरवरी में भारतीय इक्विटी में 22,615 करोड़ रुपये के निवेश के बाद यह ताजा बिकवाली हुई है। फरवरी का निवेश पिछले 17 महीनों में सबसे अधिक मासिक लिवाली थी।
तीन महीनों से लगातार हो रही है बिकवाली
इससे पहले एफपीआई लगातार तीन महीनों तक शुद्ध विक्रेता रहे थे। डिपॉजिटरी के आंकड़ों के अनुसार उन्होंने जनवरी में 35,962 करोड़ रुपये, दिसंबर में 22,611 करोड़ रुपये और नवंबर में 3,765 करोड़ रुपये निकाले थे। ताजा निकासी 2-6 मार्च के दौरान हुई, जब एफपीआई ने 'कैश मार्केट' में लगभग 21,000 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे। उल्लेखनीय है कि तीन मार्च को होली के उपलक्ष्य में बाजार बंद थे।
क्या कह रहे हैं एक्सपर्ट्स?
बाजार एक्सपर्ट्स ने इस निकासी का मुख्य कारण पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव को बताया है। एंजेल वन के वरिष्ठ बुनियादी विश्लेषक वकारजावेद खान ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यवधान के डर ने ब्रेंट क्रूड की कीमतों को 90 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचा दिया, जिससे वैश्विक स्तर पर जोखिम से बचने की धारणा पैदा हुई। इसके अलावा रुपया 92 प्रति डॉलर के स्तर से नीचे चला गया, जबकि अमेरिकी ट्रेजरी प्रतिफल में बढ़ोतरी हुई, जिससे बाजार की धारणा कमजोर हुई।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी के विजयकुमार ने कहा कि पश्चिम एशिया संघर्ष को लेकर अनिश्चितता, बाजार में हालिया सुधार और कच्चे तेल की कीमतों में तेज वृद्धि ने एफपीआई की बिकवाली में योगदान दिया है।
लेखक के बारे में
Tarun Pratap Singhतरुण प्रताप सिंह, लाइव हिन्दुस्तान के साथ अक्टूबर 2020 से कार्यरत हैं। मौजूदा समय में बिजनेस टीम का हिस्सा हैं। लाइव हिन्दुस्तान के लिए स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, कमोडिटी मार्केट, सरकारी योजनाओं पर खबर पर लिखने के साथ-साथ आईपीओ पर वीडियो इंटरव्यू की भी जिम्मेदारी सम्भालते हैं। लाइव हिन्दुस्तान की वीडियो टीम के लिए 2022 में उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में टीम लीड करते हुए 200 विधानसभा सीट में ग्राउंड रिपोर्टिंग, इंटरव्यू और स्पेशल स्टोरीज कर चुके हैं। श्री राम जन्मभूमि प्राण प्रतिष्ठा समारोह, 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान भी उत्तर प्रदेश में ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव है। साल 2025 में प्रयागराज में सम्पन्न हुए महाकुंभ में 40 दिन से अधिक दिन तक कुंभ नगरी में रहकर अनेकों वीडियो इंटरव्यू और स्पेशल स्टोरिज किए थे।
शिक्षा
बी.ए (ऑनर्स) और एम.ए की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय वाराणसी से पूरा किया है। भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है।
अनुभव -
HT का हिस्सा बनने से पहले स्वतंत्र तौर पर 2019 में लोकसभा चुनाव, 2019 में हरियाणा विधानसभा, 2020 दिल्ली विधानसभा चुनाव और 2020 में दिल्ली दंगा की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव प्राप्त है। श्री राम मंदिर भूमि पूजन (साल 2020) के दौरान भी बतौर स्वतंत्र पत्रकार अपनी सेवाएं दिए हैं।
दैनिक जागरण के एक स्पेशल कार्यक्रम के तहत वाराणसी में दो अलग-अलग साल में 100-100 बच्चों को संसदीय कार्यप्रणाली की 15 दिनों की ट्रेनिंग भी देने का अनुभव प्राप्त है।
विशेषताएं -
वीडियो रिपोर्टिंग में दक्षता हासिल है। कई इंटरव्यू और ग्राउंड ओपनियन वीडियो नेशनल लेवल पर विमर्श का केंद्र बने हैं। बिजनेस और राजनीति के अलावा क्रिकेट, धर्म और साहित्य पर लिखना-पढ़ना पसंद है।


