US डील ने बदला विदेशी निवेशकों का मूड, भारतीय बाजार में डाले ₹19675 करोड़
बता दें कि एफपीआई ने जनवरी में भारतीय शेयर बाजार से 35,962 करोड़ रुपये, दिसंबर में 22,611 करोड़ रुपये और नवंबर में 3,765 करोड़ रुपये निकाले थे। कुल मिलाकर, 2025 में एफपीआई ने भारतीय शेयरों से 1.66 लाख करोड़ रुपये की निकासी की है।

अमेरिका-भारत व्यापार समझौते के बाद विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) का भारतीय शेयर बाजार की ओर रुझान बढ़ा है। ऐसे निवेशकों ने फरवरी के पहले दो सप्ताह में भारतीय शेयर बाजार में 19,675 करोड़ रुपये डाले हैं। आंकड़ों के मुताबिक, एफपीआई का यह फ्लो लगातार तीन माह की भारी बिकवाली के बाद हुआ है। बता दें कि एफपीआई ने जनवरी में भारतीय शेयर बाजार से 35,962 करोड़ रुपये, दिसंबर में 22,611 करोड़ रुपये और नवंबर में 3,765 करोड़ रुपये निकाले थे। कुल मिलाकर, 2025 में एफपीआई ने भारतीय शेयरों से 1.66 लाख करोड़ रुपये (18.9 अरब डॉलर) की निकासी की है। यह एफपीआई के फ्लो की दृष्टि से सबसे खराब वर्षों में रहा है।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
मॉर्निंगस्टार इन्वेस्टमेंट रिसर्च इंडिया के हिमांशु श्रीवास्तव ने कहा कि हाल की खरीदारी को वैश्विक वृहद चिंताओं में कमी, खासकर अमेरिका के नरम महंगाई आंकड़ों से समर्थन मिला है। इससे उन की भारत समेत उभरते बाजार में जोखिम लेने की क्षमता बेहतर हुई है। इसी तरह की राय जताते हुए एंजेल वन के विश्लेषक वकारजावेद खान ने कहा कि यह फ्लो अमेरिका-भारत व्यापार करार, समर्थन देने वाले 2026-27 के आम बजट और वैश्विक स्तर पर अनिश्चितताओं में कमी की वजह से देखने को मिला है।
1374 करोड़ रुपये की बिकवाली
एफपीआई फरवरी माह के 11 कारोबारी सत्रों में से सात में खरीद रहे और चार सत्रों में बिकवाल रहे। इसके बावजूद आंकड़ों से पता चलता है कि एफपीआई ने इस महीने शुद्ध रूप से 1,374 करोड़ रुपये की बिकवाली की है। इसकी वजह यह है कि 13 फरवरी को निफ्टी में 336 अंक की गिरावट के दौरान एफपीआई ने 7,395 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। इस सप्ताह 'एंथ्रोपिक झटके' की वजह से आईटी शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली।
शुक्रवार को बाजार का हाल
बीते शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। बीएसई का 30 शेयरों पर आधारित मानक सूचकांक सेंसेक्स 1,048.16 अंक यानी 1.25 प्रतिशत गिरकर 82,626.76 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 1,140.37 अंक लुढ़ककर 82,534.55 अंक के निचले स्तर तक आ गया था। इसी तरह, एनएसई का 50 शेयरों वाला मानक सूचकांक निफ्टी भी 336.10 अंक यानी 1.30 प्रतिशत टूटकर 25,471.10 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 362.9 अंक गिरकर 25,444.30 अंत तक आ गया था। शेयर बाजार में शुक्रवार को आई भारी गिरावट के कारण निवेशकों की संपत्ति एक ही दिन में 7.02 लाख करोड़ रुपये घट गई।





