
ADR में आए तूफान के बाद इंफोसिस के शेयर बने रॉकेट, कंपनी ने कहा-कोई बड़ी घटना नहीं
Infosys Share Price: शुक्रवार को न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज (NYSE) पर इंफोसिस के अमेरिकन डिपॉजिटरी रिसीट (ADR) में जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखा गया। कीमतें एक पल में 56% उछलकर 30 डॉलर के उच्च स्तर पर पहुंच गईं, जिसके पीछे शॉर्ट स्क्वीज को वजह माना जा रहा है।
Infosys Share Price: इंफोसिस के शेयरों में सोमवार, 22 दिसंबर को तेजी देखने को मिली और इन्ट्राडे में कीमतों में 3% से अधिक का उछाल आया। यह उछाल कंपनी द्वारा जारी एक स्पष्टीकरण के बाद आया, जो न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज पर शुक्रवार को हुई असामान्य गतिविधि के बाद दिया गया था।
शुक्रवार को न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज (NYSE) पर इंफोसिस के अमेरिकन डिपॉजिटरी रिसीट (ADR) में जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखा गया। कीमतें एक पल में 56% उछलकर 30 डॉलर के उच्च स्तर पर पहुंच गईं, जिसके पीछे ‘शॉर्ट स्क्वीज’ को वजह माना जा रहा है। हालांकि, बाद में प्रॉफिट बुक करने के दबाव में ADR की कीमत गिरकर 20.22 डॉलर पर बंद हुई, जो फिर भी 5.42% की बढ़त दर्शाता है। इस अस्थिरता के चलते एक्सचेंज ने दो बार अस्थायी ट्रेडिंग रोक भी लगाई।
कंपनी का स्पष्टीकरण: कोई बड़ी घटना नहीं
इस तेज उछाल के संबंध में इंफोसिस ने स्पष्ट किया कि कंपनी से जुड़ी कोई भी ऐसी महत्वपूर्ण घटना नहीं हुई है, जिसे भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के नियमों के तहत सार्वजनिक करना जरूरी हो। कंपनी ने कहा कि यह बयान पारदर्शिता बनाए रखने और अनावश्यक अटकलों से बचने के लिए जारी किया गया है और वह सेबी नियमों का पालन करती रहेगी।
कानूनी मामलों में नई अपडेट
एक अलग फाइलिंग में इंफोसिस ने कुछ वर्ग-कार्यवाही मुकदमों पर अपडेट दिया। कंपनी की सहायक इकाई, इंफोसिस मैक्कैमिश सिस्टम्स एलएलसी और उसके कुछ ग्राहकों के खिलाफ दायर मुकदमों को निपटाने के प्रस्ताव को 18 दिसंबर को अदालत से अंतिम मंजूरी मिल गई है। इस निपटान के तहत मैक्कैमिश 17.5 मिलियन अमेरिकी डॉलर (करीब 146 करोड़ रुपये) का भुगतान करेगा। यह निपटान 30 दिनों के भीतर अपील न होने पर अंतिम हो जाएगा और कंपनी ने इसमें किसी दायित्व को स्वीकार नहीं किया है।
समझिए: 'शॉर्ट स्क्वीज' क्या है?
शॉर्ट स्क्वीज एक ऐसी स्थिति है जब बड़ी मात्रा में 'शॉर्ट' किए गए शेयर (यानी, गिरावट की उम्मीद में उधार लेकर बेचे गए शेयर) की कीमतें अचानक तेजी से बढ़ने लगती हैं। इससे नुकसान में आ रहे शॉर्ट सेलर्स अपने नुकसान को कम करने के लिए जल्दी-जल्दी शेयर खरीदने लगते हैं। यह खरीदारी और कीमतों को और ऊपर धकेल देती है, जिससे एक चक्र बन जाता है और कीमतें बहुत तेजी से बढ़ जाती हैं। इसी वजह से अक्सर ट्रेडिंग में अस्थिरता और अस्थायी रोक भी लगाई जाती है।
शेयर का हालिया प्रदर्शन
आज इंफोसिस के शेयर 1,639.60 रुपये के इन्ट्राडे हाई को छू गए। हालांकि, शेयर जनवरी 2025 में दर्ज अपने 52-सप्ताह के उच्चस्तर 1,982.55 रुपये से अभी भी करीब 15% नीचे है। पिछले एक साल में इसके दाम 15% घटे हैं, लेकिन हाल के तीन महीनों में 11% और पिछले एक महीने में 8% से अधिक की बढ़त दर्ज की गई है।

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Drigraj Madheshiaदृगराज मद्धेशिया:-लाइव हिन्दुस्तान में पिछले 6 साल से बिजनेस टीम का अहम हिस्सा हैं। दृगराज को पत्रकारिता में 21 वर्षों का लंबा अनुभव है। इन्होंने टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी स्पेशल खबरों से खास पहचान बनाई है। शेयर मार्केट, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी पर विशेष पकड़। मैथ्स से ग्रेजुएट, मास कम्युनिकेशन और कंप्यूटर साइंस में पीजी डिप्लोमा। दृगराज, रिसर्च और एनॉलिस के जरिए मार्केट डेटा को आसान भाषा में 'कुछ अलग' पाठकों तक पहुंचाते हैं। लाइव हिन्दुस्तान से पहले साढ़े सात साल तक हिन्दुस्तान अखबार में बतौर सीनियर रिपोर्टर काम किया। इसके अलावा सहारा समय, दैनिक जागरण, न्यूज नेशन में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
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