न्यू इनकम टैक्स बिल लोकसभा में हुआ पास, टैक्सपेयर्स के लिए जानना है जरूरी

Aug 11, 2025 06:00 pm ISTVarsha Pathak लाइव हिन्दुस्तान
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New Income Tax Bill: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज सोमवार, 11 अगस्त 2025 को संसद में न्यू इनकम टैक्स बिल 2025 को पेश कर दिया और तुरंत ही इसे पास भी कर दिया गया। इसमें बैजयंत पांडा की अध्यक्षता वाली सेलेक्ट कमेटी की अधिकांश सिफारिशें शामिल हैं।

न्यू इनकम टैक्स बिल लोकसभा में हुआ पास, टैक्सपेयर्स के लिए जानना है जरूरी

New Income Tax Bill: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज सोमवार, 11 अगस्त 2025 को संसद में न्यू इनकम टैक्स बिल 2025 को पेश कर दिया और इसे पास कर दिया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संशोधित विधेयक पेश किए जाने के तुरंत बाद आयकर (संख्या 2) विधेयक, 2025 पारित हो गया। बता दें कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में इनकम टैक्स बिल का संशोधित संस्करण पेश किया, जिसमें बैजयंत पांडा की अध्यक्षता वाली सेलेक्ट कमेटी की अधिकांश सिफारिशें शामिल हैं। सीतारमण ने इनकम टैक्स से संबंधित कानून में संशोधन और इसे मजबूत बनाने के प्रावधान वाला आयकर (संख्यांक 2) विधेयक, 2025 पेश किया। उन्होंने टैक्सेशन अधिनियम (संशोधन) विधेयक, 2025 भी सदन में पेश किया।

बता दें कि इस बिल में कई सारे नए बदलाव किए गए हैं, जिनका असर आम टैक्सपेयर्स पर भी पड़ेगा। बता दें कि इसकी प्रमुख विशेषताओं में शामिल हैं- सरल भाषा, कंसोलिडेशन डिडक्शन और अनुपालन को आसान बनाने के लिए छोटे प्रावधान। सिस्टम को टैक्सपेयर्स के लिए अधिक अनुकूल बनाने हेतु कुछ अपराधों के लिए कम दंड।

क्या है डिटेल

बिल के उद्देश्यों और कारणों में कहा गया है, ‘सेलेक्ट कमेटी की लगभग सभी सिफारिशें सरकार द्वारा स्वीकार कर ली गई हैं। इसके अलावा, हितधारकों से ऐसे बदलावों के बारे में सुझाव प्राप्त हुए हैं जो प्रस्तावित कानूनी अर्थ को और अधिक सटीक रूप से व्यक्त करेंगे।’ बता दें कि सरकार ने बीते 13 फरवरी को लोकसभा में आयकर विधेयक, 2025 पेश किया था। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद बैजयंत पांडा की अध्यक्षता वाली प्रवर समिति ने इसमें कुछ बदलाव की सिफारिश की थी। उक्त बिल को शुक्रवार को सदन में वापस ले लिया गया था। बिल में कहा गया है, ‘मसौदे की प्रकृति, वाक्यांशों के संरेखण, परिणामी परिवर्तनों और परस्पर संदर्भों में सुधार किए गए हैं। इसलिए, सरकार ने प्रवर समिति की रिपोर्ट के अनुसार आयकर विधेयक, 2025 को वापस लेने का निर्णय लिया। परिणामस्वरूप, आयकर अधिनियम, 1961 का स्थान लेने के लिए आयकर (संख्यांक 2) विधेयक, 2025 तैयार किया गया है।'

टैक्सपेयर्स के लिए फायदा

बता दें कि समिति ने आयकर से जुड़े कुछ और नियमों में भी सुधार की सिफारिश की है। ये निम्नलिखित हैं-

आईटीआर की अनिवार्यता में ढील: सिर्फ टीडीएस (स्रोत पर काटा गया कर) वापसी के लिए अब पूरा आईटीआर दाखिल करना जरूरी नहीं होगा। इसके बजाय एक सरल फॉर्म भरने का प्रस्ताव है।

देर से रिटर्न भरने पर भी रिफंड: पहले प्रस्ताव के मुताबिक, एक तय समय सीमा के बाद रिटर्न दाखिल करने पर रिफंड नहीं मिलता था। समिति ने इसमें बदलाव की सिफारिश की है ताकि देर से रिटर्न भरने वालों को भी रिफंड मिल सके।

शून्य टीडीएस सर्टिफिकेट: करदाताओं को यह सुविधा मिल सकेगी कि वे टैक्स कटने से पहले ही शून्य टीडीएस का सर्टिफिकेट प्राप्त कर सकेंगे, जिससे उनकी आय पर टैक्स नहीं कटेगा।

जानिए, किन लोगों को मिलेगा फायदा?

बता दें कि यदि प्रस्ताव कानून बनता है, तो निम्नलिखित लोगों को एकमुश्त पेंशन निकासी पर भी कर छूट का लाभ मिल सकेगा…

स्वरोजगार करने वाले पेशेवर: जैसे डॉक्टर, वकील, कलाकार या फ्रीलांसर जिन्होंने खुद से मान्यता प्राप्त पेंशन फंड में निवेश किया है।

ऐसे निजी क्षेत्र के कर्मचारी, जिनकी कंपनी की कोई पेंशन योजना नहीं है, लेकिन उन्होंने खुद किसी स्वीकृत पेंशन योजना में पैसा लगाया है।

कानूनी वारिस या नामांकित व्यक्ति: अगर पेंशन खाताधारक की मृत्यु हो जाए, तो उसके आश्रितों या नामित व्यक्ति को मिलने वाली एकमुश्त राशि पर भी छूट मिल सकेगी।

ग्रुप बीमा से जुड़े पेंशन के लाभार्थी: जो किसी संगठन के सीधे कर्मचारी तो नहीं हैं, लेकिन उसके स्वीकृत पेंशन फंड से लाभ लेते हैं।

(भाषा इनपुट के साथ)