Flipkart IPO: फ्लिपकार्ट ने आईपीओ की तरफ से बढ़ाया एक और कदम, मिला बड़ा अप्रूवल
Flipkart IPO: 2026 में एक और आईपीओ के लिए तैयार हो जाइए। वालमार्ट के मालिकाना हक वाली कंपनी फ्लिकपार्ट को नेशनल कंपनी ला ट्रिब्यूनल ने सिंगापुर से इंडिया डोमिसाइल बदलने का अप्रूवल दे दिया है। इकनॉमिक्स टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार कंपनी ने आईपीओ की तरफ एक और कदम बढ़ा दिया है।
Flipkart IPO: 2026 में एक और आईपीओ के लिए तैयार हो जाइए। वालमार्ट के मालिकाना हक वाली कंपनी फ्लिकपार्ट को नेशनल कंपनी ला ट्रिब्यूनल ने सिंगापुर से इंडिया डोमिसाइल बदलने का अप्रूवल दे दिया है। इकनॉमिक्स टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार कंपनी ने आईपीओ की तरफ एक और कदम बढ़ा दिया है। बता दें, ऑनलाइन रिटेल कंपनी जोकि ड्राफ्ट पेपर्स फाइल करने की तैयारी में है उसे सेंट्रल गवर्नमेंट के प्रेस नोट रूल-3 के तहत अप्रवूल लेना अनिवार्य हो गया था।
क्या कहते हैं नियम
साल 2020 में लागू हुआ प्रेस नोट 3 रूल के अनुसार भारत से सीमा साझा करने वाले देश से आने वाले घरेलू कंपनियों में एफडीआई को सेंट्रल गवर्नमेंट से क्लियररेंस मिलना चाहिए था। मई 2018 में वालमार्ट ने फ्लिकार्ट में 77 प्रतिशत हिस्सेदारी को 16 बिलियन डॉलर में खरीद लिया था। इस कंपनी में माइक्रोसॉफ्ट, कनाडा पेंशन प्लान इंवेस्टमेंट बोर्ड और सॉफ्टबैंक का भी पैसा लगा है।
कंपनी ने जुटाए थे 1 बिलियन डॉलर
फ्लिपकार्ट के बोर्ड ने रि-डोमिसाइल के लिए इसी साल अप्रैल में अप्रूवल दे दिया है। मई 2024 में ही कंपनी 1 बिलियन डॉलर के फंड का राउंड पूरा किया था। कंपनी ने 35 से 36 बिलियन डॉलर के वैल्यूएशन पर यह पैसा जुटाया था। तब गूगल ने भी 350 मिलियन डॉलर का निवेश किया था। बता दें, कंपनी ने आईपीओ से पहले मेटा के सीनियर एक्जिक्यूटिव रह चुके डैन नियरी को बोर्ड का डायरेक्टर्स नियुक्त किया है।
फोनपे भी आईपीओ की कतार में
अगर फ्लिपकार्ट का आईपीओ आता है तो यह वालमार्ट के निवेश वाली दूसरी कंपनी हो जाएगी। इससे पहले फोनपे ने सेबी के कॉन्फिडेंशियल रूट के जरिए 1.5 बिलियन डॉलर इश्यू के लिए ड्राफ्ट पेपर्स जमा करवाया है।
फ्लिकार्ट ग्रुप ने अपने खर्चों में कटौती के बाद अब घाटे को कम किया है।





