Fitch Cut GDP forecast: ईरान युद्ध का असर, फिच ने रेटिंग को घटाकर 6.4% किया, अर्थव्यवस्था पर संकट गहराया
मुख्य बातें
- Fitch Cut GDP forecast: वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए फिच ने भारत के ग्रोथ रेट अनुमान को घटाकर 6.4 प्रतिशत कर दिया है
- रिपोर्ट में कहा गया है कि अभी महंगाई देश के अंदर बढ़ेगी
- आने वाले समय में रेपो-रेट में इजाफा हो सकता है

Fitch Cut GDP forecast: फिच रेटिंग्स ने मंगलवार को चालू वित्त वर्ष के लिए भारतीय अर्थव्यवस्था के वृद्धि दर अनुमान को 6.7 प्रतिशत से घटाकर 6.4 प्रतिशत कर दिया। अमेरिका-ईरान संघर्ष और इससे जुड़े तेल संकट के प्रभावों की वजह से यह कटौती की गई है। रेटिंग एजेंसी फिच ने जून महीने की अपनी वैश्विक आर्थिक परिदृश्य रिपोर्ट में कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 में भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर धीमी रह सकती है लेकिन घरेलू मांग और निवेश से कुछ समर्थन मिलेगा।
क्या कुछ कहा है फिच ने अपनी रिपोर्ट में?
फिच रेटिंग्स ने कहा, "हम उम्मीद करते हैं कि वित्त वर्ष 2026-27 में जीडीपी वृद्धि दर घटकर 6.4 प्रतिशत रह जाएगी, जो मार्च के अनुमान से 0.3 प्रतिशत अंक कम है। घरेलू मांग वृद्धि का मुख्य आधार बनी रहेगी और वास्तविक संदर्भ में आयात कम होने से शुद्ध बाहरी मांग इस वृद्धि में सकारात्मक योगदान देगी।"
लोगों का बढ़ेगा खर्च
रिपोर्ट के मुताबिक, अधिक महंगाई और एनर्जी प्राइसेस में बढ़ोतरी से वास्तविक आय पर दबाव बढ़ेगा, जिससे उपभोक्ता खर्च प्रभावित होगा। यह प्रभाव विशेष रूप से वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी एवं तीसरी तिमाही में अधिक दिखाई देगा। रेटिंग एजेंसी ने कहा कि अमेरिका-ईरान युद्ध की वजह से वैश्विक तेल कीमतों में तेजी आई है और इसका असर भारत सहित वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है।
फिच ने ब्रेंट क्रूड की औसत कीमत के अनुमान को बढ़ाकर 87 डॉलर प्रति बैरल कर दिया है, जो पहले 70 डॉलर प्रति बैरल था। इसके साथ ही पश्चिम एशिया संघर्ष की वजह से 14 सप्ताह से बंद होर्मुज जलडमरूमध्य के जुलाई तक बंद रहने का ही अनुमान लगाया गया है।
मुख्य अर्थशास्त्री ने क्या है?
फिच रेटिंग्स के चीफ इकनॉमिस्ट ब्रायन कोल्टन ने कहा, “तेल की कीमतों में तेजी से वैश्विक आर्थिक वृद्धि पर दबाव पड़ रहा है और जोखिम बढ़ रहे हैं। लेकिन दुनिया भर में आईटी पर खर्च तेजी से बढ़ रहा है, जो निकट अवधि में आर्थिक गतिविधियों पर नकारात्मक असर को कुछ हद तक कम कर रहा है।” हालांकि यह रिपोर्ट कहती है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसका असर 1970 के दशक जैसे गंभीर तेल संकट की तुलना में कम होगा, क्योंकि आज ऊर्जा की वैश्विक अर्थव्यवस्था में हिस्सेदारी कम हो गई है।
भारत में कम बढ़ी है महंगाई
रेटिंग एजेंसी ने कहा कि इस संकट के बावजूद भारत में मुद्रास्फीति अभी अधिक नहीं बढ़ी है, लेकिन इस पर दबाव बढ़ रहा है। अप्रैल में थोक मुद्रास्फीति 8.3 प्रतिशत और खुदरा मुद्रास्फीति 3.5 प्रतिशत रही। फिच ने अनुमान जताया कि साल के अंत तक महंगाई बढ़कर 5.3 प्रतिशत तक जा सकती है। इसका कारण ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी, आधार प्रभाव और संभावित कमजोर मानसून है।
रेपो-रेट में हो सकता है इजाफा
रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने भले ही रेपो रेट को फिलहाल 5.25 प्रतिशत पर स्थिर रखा है लेकिन बढ़ते महंगाई दबाव के चलते इस साल ब्याज दरों में एक बार बढ़ोतरी कर इसे 5.5 प्रतिशत किया जा सकता है। ऐसा हुआ तो कर्ज महंगा हो जाएगा।
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत पर फिच ने कहा कि रुपये में बड़ी गिरावट की संभावना सीमित है और यह चालू वित्त वर्ष में औसतन 97.50 प्रति डॉलर के स्तर पर रह सकता है।
लेखक के बारे में
Tarun Pratap Singhतरुण प्रताप सिंह, लाइव हिन्दुस्तान के साथ अक्टूबर 2020 से कार्यरत हैं। मौजूदा समय में बिजनेस टीम का हिस्सा हैं। लाइव हिन्दुस्तान के लिए स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, कमोडिटी मार्केट, सरकारी योजनाओं पर खबर पर लिखने के साथ-साथ आईपीओ पर वीडियो इंटरव्यू की भी जिम्मेदारी सम्भालते हैं। लाइव हिन्दुस्तान की वीडियो टीम के लिए 2022 में उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में टीम लीड करते हुए 200 विधानसभा सीट में ग्राउंड रिपोर्टिंग, इंटरव्यू और स्पेशल स्टोरीज कर चुके हैं। श्री राम जन्मभूमि प्राण प्रतिष्ठा समारोह, 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान भी उत्तर प्रदेश में ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव है। साल 2025 में प्रयागराज में सम्पन्न हुए महाकुंभ में 40 दिन से अधिक दिन तक कुंभ नगरी में रहकर अनेकों वीडियो इंटरव्यू और स्पेशल स्टोरिज किए थे।
शिक्षा
बी.ए (ऑनर्स) और एम.ए की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय वाराणसी से पूरा किया है। भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है।
अनुभव -
HT का हिस्सा बनने से पहले स्वतंत्र तौर पर 2019 में लोकसभा चुनाव, 2019 में हरियाणा विधानसभा, 2020 दिल्ली विधानसभा चुनाव और 2020 में दिल्ली दंगा की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव प्राप्त है। श्री राम मंदिर भूमि पूजन (साल 2020) के दौरान भी बतौर स्वतंत्र पत्रकार अपनी सेवाएं दिए हैं।
दैनिक जागरण के एक स्पेशल कार्यक्रम के तहत वाराणसी में दो अलग-अलग साल में 100-100 बच्चों को संसदीय कार्यप्रणाली की 15 दिनों की ट्रेनिंग भी देने का अनुभव प्राप्त है।
विशेषताएं -
वीडियो रिपोर्टिंग में दक्षता हासिल है। कई इंटरव्यू और ग्राउंड ओपनियन वीडियो नेशनल लेवल पर विमर्श का केंद्र बने हैं। बिजनेस और राजनीति के अलावा क्रिकेट, धर्म और साहित्य पर लिखना-पढ़ना पसंद है।


