किसानों के 2 लाख रुपये तक के लोन माफ, इस राज्य के 56 लाख किसानों को मिलेगा फायदा
महाराष्ट्र की महायुति सरकार ने अपना चुनावी वादा पूरा कर दिया है। सरकार ने 2 लाख रुपये तक के कृषि ऋण योनी लोन को माफ कर दिया है। इससे राज्य के 56 लाख किसानों को बड़ी राहत मिली है।

महाराष्ट्र सरकार ने लंबे इंतजार के बाद किसानों के लिए बड़ी कर्जमाफी योजना को मंजूरी दे दी है। राज्य सरकार के अनुसार इस योजना पर करीब 36,585 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। इससे महाराष्ट्र के लगभग 56 लाख किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है। सरकार का दावा है कि इससे राज्य के लाखों किसानों को आर्थिक राहत मिलेगी और कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलेगी।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में 'पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होल्कर शेतकरी कर्जमुक्ती योजना' को मंजूरी दी गई। इस योजना के तहत पात्र किसानों के 2 लाख रुपये तक के कृषि ऋण (Agri Loan) माफ किए जाएंगे।
समय पर लोन चुकाने वालों को भी मिलेगा इनाम
सरकार ने केवल कर्जमाफी ही नहीं, बल्कि नियमित रूप से लोन चुकाने वाले किसानों को भी प्रोत्साहन देने का फैसला किया है। वित्त वर्ष 2022-23 से 2024-25 के बीच तीन वर्षों में कम से कम दो बार समय पर फसल ऋण चुकाने वाले किसानों को 50 हजार रुपये तक का प्रोत्साहन लाभ दिया जाएगा।
चुनावी वादे को पूरा करने की कोशिश
महायुति गठबंधन ने 2024 के विधानसभा चुनाव से पहले किसानों से कर्जमाफी का वादा किया था। यह गठबंधन के प्रमुख चुनावी वादों में शामिल था। चुनाव के बाद से किसान इस फैसले का इंतजार कर रहे थे। इस दौरान बेमौसम बारिश, सूखा, फसलों को नुकसान और प्याज समेत कई कृषि उत्पादों की कीमतों में गिरावट से किसानों की आय प्रभावित हुई। ऐसे में कर्जमाफी की मांग लगातार तेज हो रही थी।
सरकार बोली- किसानों को मिलेगा बड़ा सहारा
सरकार का कहना है कि यह योजना किसानों को कर्ज के बोझ से राहत देने के साथ-साथ जिम्मेदार ऋण चुकौती को भी बढ़ावा देगी। समय पर कर्ज चुकाने वालों को प्रोत्साहन राशि देकर बेहतर वित्तीय अनुशासन को बढ़ावा देने की कोशिश की जाएगी।
जल्द जारी होंगे विस्तृत दिशा-निर्देश
सरकार आने वाले दिनों में योजना की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और अन्य शर्तों से जुड़े विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर सकती है। किसानों को अब इन नियमों का इंतजार है ताकि वे योजना का लाभ उठा सकें।
विपक्ष ने उठाए सवाल
हालांकि, विपक्षी दलों ने योजना की शर्तों और इसके क्रियान्वयन को लेकर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) ने मांग की है कि सभी किसानों का पूरा कृषि ऋण बिना किसी शर्त के माफ किया जाए।
एनसीपी (एसपी) के विधायक रोहित पवार ने भी योजना की पात्रता और शर्तों को लेकर सरकार की आलोचना की है। कांग्रेस का कहना है कि कर्जमाफी केवल घोषणा बनकर नहीं रहनी चाहिए, बल्कि सभी जरूरतमंद किसानों तक इसका लाभ पहुंचना चाहिए।
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