सोने-चांदी के भाव में गिरावट थमी: ₹153542 पर पहुंचा Gold, Silver ₹2.38 लाख के पार
मुख्य बातें
- Gold Silver Price: सुबह के कारोबार में एमसीएक्स पर सोना 0.75% बढ़कर ₹1,53,542 प्रति 10 ग्राम पर था, जबकि चांदी का भाव 0.88% बढ़कर ₹2,38,340 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया था
- इससे पहले पिछले कई दिनों से सोने-चांदी के भाव गिर रहे थे

आज सुबह कमोडिटी मार्केट खुलते ही सोने-चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिली। गुरुवार, 3 सितंबर को एमसीएक्स पर सुबह के सौदों में सोने और चांदी की कीमतों में 1% तक की बढ़ोतरी हुई, जिसे अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड यील्ड में कमी का समर्थन मिला।
गुरुवार सुबह के कारोबार में एमसीएक्स पर सोना 0.75% बढ़कर ₹1,53,542 प्रति 10 ग्राम पर था, जबकि चांदी का भाव 0.88% बढ़कर ₹2,38,340 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया था। इससे पहले पिछले कई दिनों से सोने-चांदी के भाव गिर रहे थे।
दूसरी ओर इंटरनेशनल मार्केट में भी सोना महंगा हुआ है। सिंगापुर में सुबह 7:56 बजे तुरंत डिलीवरी वाला स्पॉट गोल्ड 0.1% बढ़कर 4,386.94 डॉलर प्रति औंस पर था। चांदी 0.1% बढ़कर 65.38 डॉलर प्रति औंस पर रही। प्लैटिनम और पैलेडियम में बहुत मामूली बदलाव हुआ। एक दिन पहले इसमें 1% की तेजी आई थी, जिससे तीन दिनों की गिरावट रुकी थी।
सोने के भाव में तेजी के कारण
- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मध्य पूर्व में लंबी सैन्य कार्रवाई से इनकार करने के बाद सोने की कीमतों में बढ़त बनी रही। इससे ऊर्जा की कीमतों में आई ताजा बढ़ोतरी से पैदा हुई महंगाई की चिंताएं कम हुईं।
- तेल की कीमतों में बढ़ोतरी की रफ्तार धीमी पड़ी हैं। वहीं, नई लड़ाई ने एक लंबे युद्ध का डर पैदा कर दिया था, जिससे महंगाई बढ़ने का खतरा बढ़ गया था। इनके अलावा,
- बुधवार को डॉलर की वैल्यू में थोड़ी गिरावट आई, क्योंकि जापानी करेंसी येन में तेज उछाल दर्ज की गई। बता दें कमजोर डॉलर सोने को विदेशी मुद्रा वाले निवेशकों के लिए अधिक आकर्षक बनाता है।
कम हो रहा टैरिफ का असर
न्यूयॉर्क फेडरल रिजर्व बैंक के चेयरमैन जॉन विलियम्स ने कहा कि टैरिफ के असर के कम होने से महंगाई घटने के संकेत मिल रहे हैं, और ऊर्जा की ऊंची कीमतें अन्य सेवाओं तक नहीं फैल रही हैं। इससे ब्याज दर बढ़ोतरी की उम्मीदें घट गईं। इस बात को और समर्थन मिला उस आंकड़े से जिसमें बताया गया कि अमेरिकी कंपनियों ने अगस्त में धीमी गति से नई नौकरियां जोड़ीं।
यह सब उस समय आया है, जब शुक्रवार को फेड चेयरमैन केविन वार्श के कड़े भाषण ने उम्मीदें बढ़ा दी थीं कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक को दो हफ्तों में होने वाली बैठक में महंगाई काबू करने के लिए ब्याज दरें बढ़ानी पड़ सकती हैं।
(डिस्क्लेमर: एक्सपर्ट्स की सिफारिशें, सुझाव, विचार और राय उनके अपने हैं, लाइव हिन्दुस्तान के नहीं। कमोडिटी मार्केट में निवेश जोखिमों के अधीन है और निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)


