काम की बात: ₹590 के फेक ट्रैफिक चालान से खाली हो सकता है आपका बैंक अकाउंट, ICICI बैंक ने जारी किया अलर्ट
मुख्य बातें
- ICICI Bank Alert: जैसे ही यूजर लिंक पर क्लिक करके कार्ड डिटेल, CVV और OTP दर्ज करता है, साइबर अपराधी उसके खाते से बड़ी रकम निकाल लेते हैं
- कई मामलों में मोबाइल फोन में मालवेयर भी इंस्टॉल हो जाता है, जिससे बैंकिंग और निजी जानकारी खतरे में पड़ सकती है

देशभर में बढ़ते ऑनलाइन फ्रॉड के के बीच अब साइबर ठग लोगों को नकली ट्रैफिक चालान के जरिए शिकार बना रहे हैं। प्राइवेट सेक्टर के बड़े बैंक ICICI Bank ने अपने ग्राहकों को एक जरूरी अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि फर्जी ट्रैफिक चालान वाले SMS और लिंक से सावधान रहें, क्योंकि एक छोटी सी गलती से आपका बैंक अकाउंट खाली हो सकता है।
बैंक के मुताबिक, साइबर ठग लोगों को SMS भेजते हैं, जिसमें लिखा होता है कि उनके वाहन पर ट्रैफिक चालान बकाया है और तुरंत पेमेंट नहीं करने पर कानूनी कार्रवाई या भारी जुर्माने की चेतावनी दी जाती है। इन मैसेज में दिए गए लिंक देखने में बिल्कुल असली लगते हैं। कई बार पेमेंट अमाउंट केवल ₹590 या ₹750 जैसी छोटी दिखाई जाती है ताकि लोगों को शक न हो और वे तुरंत पेमेंट कर दें।
हालांकि, असली खेल इसके बाद शुरू होता है। जैसे ही यूजर लिंक पर क्लिक करके कार्ड डिटेल, CVV और OTP दर्ज करता है, साइबर अपराधी उसके खाते से बड़ी रकम निकाल लेते हैं। कई मामलों में मोबाइल फोन में मालवेयर भी इंस्टॉल हो जाता है, जिससे बैंकिंग और निजी जानकारी खतरे में पड़ सकती है।
ICICI Bank ने साफ कहा है कि असली ट्रैफिक चालान केवल सरकारी पोर्टल या अधिकृत चैनलों के माध्यम से जारी किए जाते हैं। ऐसे में किसी भी अनजान लिंक पर भरोसा करने से पहले उसकी जांच करना बेहद जरूरी है। बैंक ने लोगों को सलाह दी है कि वे किसी भी दबाव या डर में आकर तुरंत भुगतान न करें।
लोगों की मनोवैज्ञानिक कमजोरी का फायदा उठा रहे ठग
साइबर एक्सपर्ट उपेंद्र सिंह बताते हैं, "साइबर ठग अब लोगों की मनोवैज्ञानिक कमजोरी का फायदा उठा रहे हैं। “कानूनी कार्रवाई”, “लाइसेंस सस्पेंड” या “वाहन जब्त” जैसे शब्द इस्तेमाल कर लोगों में घबराहट पैदा की जाती है ताकि वे बिना जांच किए भुगतान कर दें। यही वजह है कि पिछले कुछ महीनों में नकली ई-चालान फ्रॉड तेजी से बढ़ा है।"
इस ठगी से बचने के लिए क्या करें
उन्होंने कहा कि सुरक्षित रहने के लिए हमेशा ट्रैफिक चालान की जानकारी केवल सरकारी वेबसाइट या आधिकारिक ऐप पर ही जांचें। किसी भी SMS में आए शॉर्ट लिंक पर क्लिक करने से बचें और कभी भी OTP, CVV या कार्ड डिटेल साझा न करें। अगर किसी व्यक्ति के साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी हो जाती है तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
ICICI Bank ने ग्राहकों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और अपने परिवार के लोगों को भी ऐसे साइबर फ्रॉड के बारे में जागरूक करें। बैंक का कहना है कि जागरूकता और सावधानी ही डिजिटल ठगी से बचने का सबसे बड़ा हथियार है।
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Drigraj Madheshiaदृगराज मद्धेशिया पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' की बिजनेस टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में, वे शेयर बाजार, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी सेक्टर पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं। वह कलम से बाजार की नब्ज टटोलने वाले एक पत्रकार हैं, जो शेयर बाजार से लेकर आपकी जेब (Personal Finance) तक, हर खबर को आसान बनाते हैं। टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के अपने विस्तृत अनुभव के साथ, दृगराज जटिल मार्केट डेटा को आम पाठकों के लिए 'कुछ अलग' और आसान भाषा में पेश करने के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में हिन्दुस्तान, सहारा समय, दैनिक जागरण और न्यूज नेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। मूलत: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले दृगराज मैथ्स बैकग्राउंड होने के कारण डेटा और कैलकुलेशन में माहिर हैं, जो बिजनेस पत्रकारिता के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है। उन्होंने कॅरियर की शुरुआत गोरखपुर से सहारा समय साप्ताहिक से बतौर फ्रीलांसर की और बहुत ही जल्द सहारा समय उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के हिस्सा बन गए। इसके बाद छत्तीसगढ़ में वॉच न्यूज से जुड़े। टीवी को छोड़ हिन्दुस्तान अखबार के बरेली एडिशन की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा बने। साढ़े सात साल की मैराथन पारी के बाद अगला पड़ाव न्यूज नेशन डिजिटल रहा। इसके बाद एक बार फिर हिन्दुस्तान दिल्ली से जुड़े और अब डिजिटल टीम का हिस्सा हैं। और पढ़ें


