ट्रंप टैरिफ के चलते इन भारतीय शेयरों का हुआ बुरा हाल, क्रैश हुए भाव, 50% तक गिरे दाम
लगातार बिकवाली के चलते यह शेयर अब अगस्त 2023 के बाद के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। बीते छह ट्रेडिंग सेशन्स में से पांच में शेयर गिरा है और पिछले पांच हफ्तों में सिर्फ पांच दिन ही इसमें तेजी देखने को मिली, जिससे निवेशकों की चिंता साफ झलक रही है।
Gokaldas Exports Ltd Share: एक्सपोर्ट सेक्टर की बड़ी कंपनी गोकलदास एक्सपोर्ट्स लिमिटेड (Gokaldas Exports Ltd) के शेयरों में गुरुवार 8 जनवरी को जबरदस्त गिरावट देखने को मिली। शेयर करीब 12% से ज्यादा टूट गया, जो अप्रैल 2020 के बाद की सबसे बड़ी एक दिन की गिरावट है। लगातार बिकवाली के चलते यह शेयर अब अगस्त 2023 के बाद के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। बीते छह ट्रेडिंग सेशन्स में से पांच में शेयर गिरा है और पिछले पांच हफ्तों में सिर्फ पांच दिन ही इसमें तेजी देखने को मिली, जिससे निवेशकों की चिंता साफ झलक रही है।
क्या है डिटेल
सिर्फ गोकलदास एक्सपोर्ट्स ही नहीं, बल्कि अन्य एक्सपोर्ट-आधारित कंपनियों पर भी दबाव बना हुआ है। आज के कारोबार में अवंती फीड्स, पर्ल ग्लोबल, एपेक्स फ्रोजन फूड्स जैसे शेयरों में भी 3% से 7% तक की गिरावट देखी गई। बाजार जानकारों के मुताबिक, इसका बड़ा कारण अमेरिका के साथ ट्रेड डील को लेकर अनिश्चितता है। साल की शुरुआत में ही अमेरिकी बाजार के लिए सालभर के कॉन्ट्रैक्ट फाइनल होते हैं और फिलहाल हालात साफ नहीं होने से निवेशक सतर्क हो गए हैं। ऊपर से ये कंपनियां जल्द ही अपने तीसरी तिमाही (Q3) के नतीजे भी जारी करने वाली हैं, जिससे पहले मुनाफावसूली बढ़ गई है।
ये भी है वजह
एक और अहम वजह है कि फिलहाल भारतीय निर्यात पर अमेरिका में करीब 50% टैरिफ लगाया जा रहा है। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के एक बड़े फुटवियर निर्माता ने बताया कि 15 जनवरी अमेरिका से बड़े ऑर्डर हासिल करने की आखिरी तारीख मानी जाती है, ताकि गर्मियों और पतझड़ के सीजन में स्थिर आमदनी बनी रहे। गोकलदास, पर्ल ग्लोबल और वेलस्पन लिविंग जैसी कंपनियों की 50% से 70% तक की कमाई अमेरिका से आती है। वहीं, अवंती और एपेक्स जैसी झींगा एक्सपोर्ट कंपनियों की भी आधी से ज्यादा आमदनी अमेरिकी बाजार पर निर्भर है, हालांकि इंडस्ट्री संगठनों का कहना है कि अब कंपनियां यूरोपियन यूनियन जैसे नए बाजारों पर भी फोकस बढ़ा रही हैं।
इसके अलावा बिकवाली के पीछे अमेरिका से जुड़ा एक राजनीतिक बयान भी वजह माना जा रहा है। अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने कहा है कि पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस पर नए प्रतिबंधों से जुड़े बिल को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 500% तक टैरिफ लगाया जा सकता है। इस खबर से भी एक्सपोर्ट सेक्टर में डर का माहौल है। आज गोकलदास एक्सपोर्ट्स में 20 लाख से ज्यादा शेयरों का कारोबार हुआ, जबकि इसका 20-दिन का औसत वॉल्यूम सिर्फ 1.5 लाख शेयर है। फिलहाल शेयर ₹604.7 पर ट्रेड कर रहा है और यह अपने 52-वीक हाई ₹1,144 से करीब 47% और दिसंबर 2024 के रिकॉर्ड हाई ₹1,262 से करीब 53% नीचे आ चुका है।





