एक्सप्लेनर: होम लोन कितने समय के लिए लेना अच्छा, समझिए के EMI का फंडा

Drigraj Madheshia लाइव हिन्दुस्तान
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मुख्य बातें

  • Home Loan EMI Funda: आप या तो पहले कमाकर इकट्ठा करें और फिर घर बनावाएं या फिर होम लोन के जरिए फंड लें, घर बनवाएं और कमा-कमा कर ईएमआई जमा करें
  • पर क्या ये सबकुछ इतना ही आसान है
  • आइए समझते हैं होम लोन के ईएमआई का फंडा, पात्रता की शर्तें, कैसे ईएमआई निकालें
एक्सप्लेनर: होम लोन कितने समय के लिए लेना अच्छा, समझिए के EMI का फंडा

Home Loan EMI Funda: घर खरीदना या घर बनवाना एक चुनौती भरा काम है। घर बनवाने या घर खरीदने के लिए सबसे अधिक जिस चीज पर सोच-विचार करने की जरूरत होती है, वह है आपका फाइनेंस। आप या तो पहले कमाकर इकट्ठा करें और फिर घर बनावाएं या फिर होम लोन के जरिए फंड लें, घर बनवाएं और कमा-कमा कर ईएमआई जमा करें। पर क्या ये सबकुछ इतना ही आसान है। आइए समझते हैं होम लोन के ईएमआई का फंडा, पात्रता की शर्तें, कैसे ईएमआई निकालें।

बीबीसी की खबर के मुताबिक शुरुआत में जब होम लोन पर EMI शुरू करते हैं तो उसका बड़ा हिस्सा ब्याज के रूप में जाता है और बहुत छोटा हिस्सा होता है प्रिंसिपल का। ईएमआई में प्रिंसिपल और ब्याज का ये हिस्सा अलग-अलग बैंकों के लिए अलग-अलग हो सकता है। अधिकतर मामलों में प्रिंसिपल का हिस्सा महज 10 फीसद तक होता है, जबकि ईएमआई की 90 फीसद रकम बैंक ब्याज के रूप में काट लेता है।

एक्सप्लेनर: होम लोन कितने समय के लिए लेना अच्छा, समझिए के EMI का फंडा

Home Loan EMI Funda: घर खरीदना या घर बनवाना एक चुनौती भरा काम है। घर बनवाने या घर खरीदने के लिए सबसे अधिक जिस चीज पर सोच-विचार करने की जरूरत होती है, वह है आपका फाइनेंस। आप या तो पहले कमाकर इकट्ठा करें और फिर घर बनावाएं या फिर होम लोन के जरिए फंड लें, घर बनवाएं और कमा-कमा कर ईएमआई जमा करें। पर क्या ये सबकुछ इतना ही आसान है। आइए समझते हैं होम लोन के ईएमआई का फंडा, पात्रता की शर्तें, कैसे ईएमआई निकालें।

बीबीसी की खबर के मुताबिक शुरुआत में जब होम लोन पर EMI शुरू करते हैं तो उसका बड़ा हिस्सा ब्याज के रूप में जाता है और बहुत छोटा हिस्सा होता है प्रिंसिपल का। ईएमआई में प्रिंसिपल और ब्याज का ये हिस्सा अलग-अलग बैंकों के लिए अलग-अलग हो सकता है। अधिकतर मामलों में प्रिंसिपल का हिस्सा महज 10 फीसद तक होता है, जबकि ईएमआई की 90 फीसद रकम बैंक ब्याज के रूप में काट लेता है।

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होम लोन कितने समय के लिए लेना अच्छा

जैसे-जैसे आप ईएमआई भरते जाते हैं, ब्याज का हिस्सा कम और प्रिंसिपल यानी मूलधन का हिस्सा बढ़ता जाता है। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि होम लोन कितने समय के लिए लेना अच्छा रहेगा?

₹20 लाख के होम लोन की ईएमआई में बड़ा हिस्सा ब्याज का होता है। फाइनेंशियल संस्थान कस्टमर को विभिन्न ब्याज दर ऑफर करते हैं जो आमतौर पर आपके क्रेडिट स्कोर, मासिक आय, आयु, लोन अवधि और अन्य कारकों पर निर्भर करती है।

₹20 लाख के होम लोन की ईएमआई 8.50 पर्सेंट ब्याज के हिसाब से

पीएनबी हाउसिंग के मुताबिक 5 वर्षों की अवधि के लिए ₹20 लाख के होम लोन की ईएमआई बनेगी ₹41,033 और 10 वर्षों के लिए ईएमआई ₹24,797 बनेगी। 15 वर्षों की पुनर्भुगतान अवधि के लिए ₹20 लाख के होम लोन की ईएमआई बनेगी ₹19,695 तो

20 वर्षों की अवधि के लिए ₹20 लाख के होम लोन की ईएमआई होगी 17,356 रुपये। जबकि, 25 साल के लिए ₹20 लाख के होम लोन की ईएमआई होगी 16,105 रुपये।

अगर आप 20% के डाउन पेमेंट के साथ ₹25 लाख के होम लोन के लिए अप्लाई करते हैं, तो आपकी लोन राशि ₹20 लाख या आपके घर के निर्माण या खरीद मूल्य का 80% हो जाती है।

प्रॉपर्टी की वैल्यू: 25 लाख

डाउनपेमेंट: 2.5 लाख

लोन राशि: 22.5 लाख

ब्याज दर: 8.50%

अवधि: 30 वर्ष

ईएमआई : ₹ 17,301

(नोट: प्रॉपर्टी की कीमत का 10% डाउनपेमेंट होना चाहिए)

स्रोत: पीएनबी हाउसिंग

मूलधन या लोन राशि क्या है

यह आपके द्वारा उधार ली गई कुल राशि या लोन की राशि है. आमतौर पर लोन की राशि प्रॉपर्टी के मूल्य के एक निश्चित प्रतिशत के बराबर होती है। सामान्यतः 30 लाख से कम मूल्य की प्रॉपर्टी के लिए लोन की राशि 90% तक होती है। इसलिए, ₹25 लाख की कीमत वाली प्रॉपर्टी (रेडी-टू-मूव-इन हाउस) खरीदने के लिए, आपको 10% डाउन पेमेंट करना होगा।

आप अपनी लोन लायबिलिटी को कम करने के लिए अपना डाउन पेमेंट बढ़ा सकते हैं. इस तरह से, अगर आप होम लोन की राशि के डाउन पेमेंट को 20% (₹5 लाख) तक बढ़ा देते हैं, तो आपके मूलधन/लोन की राशि ₹20 लाख हो जाएगी।

प्रॉपर्टी की वैल्यू के आधार पर होम लोन पात्रता

कोई भी लेंडर होम लोन राशि के रूप में प्रॉपर्टी की पूरी कीमत प्रदान करने के लिए सहमत नहीं होता है। यहां पर लोन टू वैल्यू रेशियो (एलटीवी रेशियो) की भू‍मिका सामने आती है। एलटीवी रेशियो आपके द्वारा प्राप्त की जा सकने वाली अधिकतम लोन राशि और उस प्रॉपर्टी की मार्केट वैल्‍यू का अनुपात है जिसे आप खरीदना चाहते हैं। एलटीवी रेशियो आपको बताता है कि आपका लेंडर प्रॉपर्टी की कीमत‍ का कितना भाग फाइनेंस करने के लिए तैयार है। बाकी की लागत एप्लीकेंट को पहले ही वहन करनी होगी। एलटीवी रेशियो जितना अधिक होगा, आप उतना अधिक होम लोन प्राप्त कर पाएंगे।

प्रॉपर्टी की वैल्यू लोन राशि

₹ 30 लाख तक 90%

₹30 लाख से लेकर ₹75 लाख के बीच 80%

₹75 लाख से अधिक 75%

होम लोन के लिए जरूरी डॉक्यूमेंट्स

सैलरीड पर्सन के लिए आईडी और एड्रेस प्रूफ, पासपोर्ट या वोटर ID कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस में से जो भी लोन देने वाली संस्था स्वीकार करती हो। पासपोर्ट या वोटर ID कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस या आधार कार्ड या रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट या PAN कार्ड (PAN कार्ड केवल पहचान का प्रमाण है) या ABHFL को स्वीकार्य कोई भी अन्य डॉक्यूमेंट। इनकम प्रूफ के लिए लेटेस्ट 3 महीने की सैलरी स्लिप, जिसमें सभी कटौतियां लिखी हों और फॉर्म 16, पिछले 2 वर्षों के ITR या फाइनेंशियल डॉक्यूमेंट और पिछले 2 वर्षों की इनकम की गणना, जो किसी CA द्वारा प्रमाणित हो। वेतन या आय जमा होने वाले बैंक का स्टेटमेंट। प्रॉपर्टी के डॉक्यूमेंट, टाइटल डॉक्यूमेंट और अप्रूव्ड सैंक्शन प्लान की कॉपी।

Drigraj Madheshia

लेखक के बारे में

Drigraj Madheshia

दृगराज मद्धेशिया पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' की बिजनेस टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में, वे शेयर बाजार, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी सेक्टर पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं। वह कलम से बाजार की नब्ज टटोलने वाले एक पत्रकार हैं, जो शेयर बाजार से लेकर आपकी जेब (Personal Finance) तक, हर खबर को आसान बनाते हैं। टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के अपने विस्तृत अनुभव के साथ, दृगराज जटिल मार्केट डेटा को आम पाठकों के लिए 'कुछ अलग' और आसान भाषा में पेश करने के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में हिन्दुस्तान, सहारा समय, दैनिक जागरण और न्यूज नेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। मूलत: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले दृगराज मैथ्स बैकग्राउंड होने के कारण डेटा और कैलकुलेशन में माहिर हैं, जो बिजनेस पत्रकारिता के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है। उन्होंने कॅरियर की शुरुआत गोरखपुर से सहारा समय साप्ताहिक से बतौर फ्रीलांसर की और बहुत ही जल्द सहारा समय उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के हिस्सा बन गए। ​इसके बाद छत्तीसगढ़ में वॉच न्यूज से जुड़े। टीवी को छोड़ हिन्दुस्तान अखबार के बरेली एडिशन की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा बने। साढ़े सात साल की मैराथन पारी के बाद अगला पड़ाव न्यूज नेशन डिजिटल रहा। इसके बाद एक बार फिर हिन्दुस्तान दिल्ली से जुड़े और अब डिजिटल टीम का हिस्सा हैं। और पढ़ें

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