बेच कर निकल लीजिए यह शेयर, ₹20 तक आ सकता है भाव, ब्रोकरेज फर्मों ने घटाया टार्गेट
Ola Electric Share Target Price: सिटी ने ओला इलेक्ट्रिक पर अपनी रेटिंग घटाकर 'बाय' से 'सेल' कर दी है और अपने प्राइस टार्गेट में 51% की कटौती करते हुए इसे 55 रुपये से घटाकर 27 रुपये कर दिया है। कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज और एमके ग्लोबल ने सबसे कम 20 रुपये का प्राइस टार्गेट दिया है।

Ola Electric Share Target Price: अगर आपके पास ओल इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के शेयर हैं तो इसे बेचकर निकलने में ही भलाई है। ऐसा हम नहीं कह रहे, बल्कि यह राय ब्रोक्रेज फर्मों के हैं। सिटी ने ओला इलेक्ट्रिक पर अपनी रेटिंग घटाकर 'बाय' से 'सेल' कर दी है और अपने प्राइस टार्गेट में 51% की कटौती करते हुए इसे 55 रुपये से घटाकर 27 रुपये कर दिया है। कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज और एमके ग्लोबल ने सबसे कम 20 रुपये का प्राइस टार्गेट दिया है।
बता दें ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के शेयरों में मंगलवार, 17 फरवरी को शुरुआती कारोबार में 3% से अधिक की गिरावट देखी गई, जो लगातार चौथे सत्र में जारी रही। पिछले छह कारोबारी दिनों में से केवल एक दिन ही इस स्टॉक में तेजी रही है। कंपनी के शेयर अब अपने 52-सप्ताह के निचले स्तर के आसपास मंडरा रहे हैं, और पिछले दो महीनों में इनमें 22% की गिरावट आई है।
ब्रोकरेज फर्मों के रुख से बढ़ा दबाव
सीएनबीसी टीवी 18 के मुताबिक हाल ही में ब्रोकरेज फर्मों द्वारा रेटिंग घटाए जाने से कंपनी पर दबाव और बढ़ गया है। सिटी ने ओला इलेक्ट्रिक पर अपनी रेटिंग घटाकर 'बाय' से 'सेल' कर दी है और अपने प्राइस टार्गेट में 51% की कटौती करते हुए इसे 55 रुपये से घटाकर 27 रुपये कर दिया है।
ब्रोकेज ने भारत के दोपहिया वाहन सेगमेंट में इलेक्ट्रिक वाहनों की पैठ उम्मीद से धीमी होने का हवाला दिया है। उनका कहना है कि पेट्रोल वाहनों पर जीएसटी कटौती ने कीमतों के अंतर को कम कर दिया है, जिससे विद्युतीकरण की रफ्तार धीमी हुई है।
सिटी ने सेवा से जुड़ी चुनौतियों, कड़ी प्रतिस्पर्धा और कमजोर ग्राहक धारणा के कारण कंपनी के बाजार हिस्सेदारी खोने का भी जिक्र किया। नकारात्मक परिचालन लाभ के चलते दिसंबर तिमाही (Q3) का प्रदर्शन भी अनुमान से कम रहा।
हालांकि, ब्रोकरेज ने बेहतर होते सकल मार्जिन और बेहतर परिचालन लाभ (EBITDA) बढ़ाने की संभावना को स्वीकार किया, लेकिन साथ ही आगाह किया कि प्रबंधन के उत्पाद और सेवा की गुणवत्ता सुधारने के प्रयासों को नतीजे दिखाने में समय लग सकता है।
कैश फ्लो और विश्लेषकों की राय पर एक नजर
रिपोर्ट में नकदी प्रवाह (कैश फ्लो) को लेकर भी चिंता जताई गई है। चालू वित्त वर्ष (9MFY26) में कंपनी का फ्री कैश फ्लो -1,530 करोड़ रुपये रहा है। ब्रोकरेज का अनुमान है कि दिसंबर तिमाही के बाद कंपनी का शुद्ध कर्ज (नेट डेट) लगभग 700 करोड़ रुपये है, जबकि सकल नकदी (ग्रॉस कैश) करीब 2,000 करोड़ रुपये है। सिटी ने अपने अनुमानों में भारी कटौती की है और कंपनी के वैल्यूएशन (EV-to-sales multiple) को घटाकर 4.5x से 3.5x कर दिया है।
स्टॉक को कवर करने वाले आठ विश्लेषकों में से एक ने 'खरीदें' (Buy), एक ने 'होल्ड' (Hold) और छह ने 'बेचें' (Sell) की रेटिंग दी है। कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज और एमके ग्लोबल ने सबसे कम 20 रुपये का प्राइस टार्गेट दिया है।
शेयरों में भारी गिरावट, मार्केट कैप में सेंध
हालिया गिरावट के बाद, स्टॉक अपने ऑल-टाइम हाई 157 रुपये से 83% नीचे आ गया है और अपने आईपीओ मूल्य 76 रुपये से 60% से अधिक टूट चुका है। कंपनी का बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) घटकर 11.65 हजार करोड़ रुपये रह गया है, जो अपने चरम पर 65,000 करोड़ रुपये से अधिक था। ओला इलेक्ट्रिक के शेयर मंगलवार को 3.82% की गिरावट के साथ 27.73 रुपये पर कारोबार कर रहे थे और साल 2026 में अब तक इनमें 26% की गिरावट आ चुकी है।
(डिस्क्लेमर: एक्सपर्ट्स की सिफारिशें, सुझाव, विचार और राय उनके अपने हैं, लाइव हिन्दुस्तान के नहीं।शेयर मार्केट में निवेश जोखिमों के अधीन है और निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)
लेखक के बारे में
Drigraj Madheshiaदृगराज मद्धेशिया:-लाइव हिन्दुस्तान में पिछले 6 साल से बिजनेस टीम का अहम हिस्सा हैं। दृगराज को पत्रकारिता में 21 वर्षों का लंबा अनुभव है। इन्होंने टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी स्पेशल खबरों से खास पहचान बनाई है। शेयर मार्केट, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी पर विशेष पकड़। मैथ्स से ग्रेजुएट, मास कम्युनिकेशन और कंप्यूटर साइंस में पीजी डिप्लोमा। दृगराज, रिसर्च और एनॉलिस के जरिए मार्केट डेटा को आसान भाषा में 'कुछ अलग' पाठकों तक पहुंचाते हैं। लाइव हिन्दुस्तान से पहले साढ़े सात साल तक हिन्दुस्तान अखबार में बतौर सीनियर रिपोर्टर काम किया। इसके अलावा सहारा समय, दैनिक जागरण, न्यूज नेशन में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
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