UPI से निकल सकेगी पीएफ की रकम, जानें कब से और कैसे

Feb 10, 2026 06:02 am ISTDrigraj Madheshia हिन्दुस्तान टीम
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EPFO Updates: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के अंशधारक इस वर्ष अप्रैल में पेश होने वाले नए मोबाइल ऐप के जरिये UPI से पीएफ का पैसा सीधे बैंक खातों में पा सकेंगे। अभी UAN पोर्टल या उमंग ऐप की सुविधा उपलब्ध है। नया ऐप सेवाओं की पहुंच और वितरण में सुधार करेगा।

UPI से निकल सकेगी पीएफ की रकम, जानें कब से और कैसे

EPFO Updates: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के अंशधारक इस साल अप्रैल में पेश होने वाले एक नए मोबाइल एप्लिकेशन के जरिये यूपीआई पेमेंट गेटवे का उपयोग करके अपने पीएफ का पैसा सीधे बैंक खातों में पा सकेंगे। शीर्ष सूत्र ने बताया कि श्रम मंत्रालय एक ऐसी परियोजना पर काम कर रहा है, जिसके तहत ईपीएफ का एक निश्चित हिस्सा सुरक्षित कर दिया जाएगा, जबकि एक बड़ा हिस्सा यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) के जरिये बैंक खाते के माध्यम से निकासी के लिए उपलब्ध होगा।

सूत्रों ने बताया कि ईपीएफओ के पास बैंकिंग लाइसेंस नहीं है, इसलिए वह अपने सदस्यों को सीधे ईपीएफ खातों से पैसा निकालने की अनुमति नहीं दे सकता। हालांकि, सरकार चाहती है कि ईपीएफओ की सेवाएं बैंकों के समान स्तर की हों और सदस्यों को अधिक तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक सेवाएं मिल सकें।

ईपीएफओ का नया मोबाइल ऐप

सूत्र ने आगे बताया कि ईपीएफओ एक नया मोबाइल ऐप पेश करेगा, जिसके जरिये सदस्य यूपीआई गेटवे का उपयोग करके पैसे निकालने के साथ ही पासबुक शेष राशि जैसी अन्य सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे। इस समय सदस्य अपने ईपीएफ खातों तक पहुंचने और सेवाओं का लाभ उठाने के लिए या तो यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (यूएएन) पोर्टल या 'उमंग' ऐप का उपयोग करते हैं।

ये सेवाएं दोनों मंच पर उपलब्ध रहेंगी, जबकि नया समर्पित ऐप ईपीएफओ ग्राहकों के लिए सेवाओं की पहुंच और वितरण में सुधार करेगा। सूत्र ने बताया कि अंशधारक मोबाइल ऐप के जरिये अपने बैंक खातों में हस्तांतरण के लिए उपलब्ध पात्र ईपीएफ शेष राशि देख सकेंगे। उन्हें लेनदेन पूरा करने के लिए अपने जोड़े गए यूपीआई पिन का उपयोग करने की अनुमति दी जाएगी, जिससे बैंक खातों में धन का सुरक्षित हस्तांतरण सुनिश्चित होगा।

अभी तीन दिन में निपटाए जाते हैं निकासी दावे

सूत्रों के अनुसार, ईपीएफओ फिलहाल इस नई सुविधा के परीक्षण के लिए 100 डमी खातों पर ट्रायल कर रहा है, ताकि किसी भी तकनीकी खामी को दूर किया जा सके और सिस्टम की कार्यक्षमता को बेहतर बनाया जा सके। फिलहाल सदस्यों को अपनी ईपीएफ राशि निकालने के लिए निकासी दावा दाखिल करना होता है, जो समय लेने वाली प्रक्रिया है। हालांकि, ऑटो-सेटलमेंट व्यवस्था के तहत बिना किसी मैनुअल हस्तक्षेप के तीन दिनों के भीतर क्लेम निपटाए जाते हैं।

इस व्यवस्था की सीमा पहले ही एक लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर दी गई है। यह सुविधा बीमारी, शिक्षा, विवाह और आवास जैसे उद्देश्यों के लिए बड़ी संख्या में सदस्यों को तीन दिनों के भीतर पीएफ राशि तक पहुंच प्रदान करती है। ईपीएफओ ने कोविड-19 महामारी के दौरान पहली बार ऑनलाइन ऑटो-सेटलमेंट प्रणाली शुरू की थी, ताकि आर्थिक संकट से जूझ रहे लोगों को त्वरित सहायता मिल सके।

Drigraj Madheshia

लेखक के बारे में

Drigraj Madheshia

दृगराज मद्धेशिया:-लाइव हिन्दुस्तान में पिछले 6 साल से बिजनेस टीम का अहम हिस्सा हैं। दृगराज को पत्रकारिता में 21 वर्षों का लंबा अनुभव है। इन्होंने टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी स्पेशल खबरों से खास पहचान बनाई है। शेयर मार्केट, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी पर विशेष पकड़। मैथ्स से ग्रेजुएट, मास कम्युनिकेशन और कंप्यूटर साइंस में पीजी डिप्लोमा। दृगराज, रिसर्च और एनॉलिस के जरिए मार्केट डेटा को आसान भाषा में 'कुछ अलग' पाठकों तक पहुंचाते हैं। लाइव हिन्दुस्तान से पहले साढ़े सात साल तक हिन्दुस्तान अखबार में बतौर सीनियर रिपोर्टर काम किया। इसके अलावा सहारा समय, दैनिक जागरण, न्यूज नेशन में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।

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