EPFO 3.0 Update : UPI से बैलेंस ट्रांसफर की सुविधा? नौकरी जाने पर तुरंत निकाल पाएंगे 75% पैसा, जानें नया फ्रेमवर्क
EPFO New Update: ईपीएफओ में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार नए फ्रेमवर्क में यूपीआई से पैसा ट्रांसफर करने की सुविधा देने की तैयारी है।

EPFO New Update: एम्पलाई प्रोविडेंट फंड ऑर्गेनाइजेशन बड़े बदलाव की तैयारी में है। EPFO 3.0 के जरिए नया फ्रेमवर्क तैयार किया जा रहा है। इसे लागू होने के बाद EPF सदस्य UPI के जरिए आसानी से पैसा निकाल पाएंगे। नए फ्रेमवर्क के अनुसार सदस्यों को कोई ऑनलाइन पेपर जमा करने या ऑफिस जाने की भी जरूरत नहीं होगी। नए नियमों के जरिए EPFO अपने सदस्यों को और सुविधा देना चाता है। जिसकी वजह उनकी मेहनत की बचत का उपयोग वो जरूरी समय पर कर पाएं।
क्या है नया अपडेट
सरकार ने EPFO 3.0 के फ्रेमवर्क पर कई नए अपडेट साझा कर दिए हैं। हालांकि, यूपीआई को लेकर अभी तक कोई भी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। लेकिन एक बार अगर यह नियम लागू हो जाता है तब की स्थिति में सब्सक्राइबर्स आसानी से यूपीआई पैसा निकाल पाएंगे। बता दें, एचडीएफसी बैंक की वेबसाइट के अनुसार नए EPFO नियमों के तहत सब्सक्राइबर्स अपना और नियोक्ता के योगदान का 100 प्रतिशत पैसा निकाल पाएंगे।
पहले EPF सब्सक्राइबर्स को पैसा निकालने के लिए 13 अलग-अलग प्रोविजन बने थे। जिसे सरल करते हुए तीन कर कर दिया गया है। विशेष परिस्थिति, घर के लिए और जरूरी कोई आवश्यकता पड़ने पर पैसा निकाला जा सकता है। बता दें, पढ़ाई, शादी और गंभीर बिमारी के लिए पैसा आसानी से निकाल पाएंगे। पढ़ाने के लिए 10 गुना, शादी के लिए 5 गुना तक पैसा निकाला जा सकता है।
घर के लिए किन परिस्थितियों में निकाल पाएंगे पैसा?
अगर सब्सक्राइबर्स को घर खरीदना हो, बनवाना हो या लोन चुकाना हो तब की स्थिति में पैसा निकाला जा सकता है।
विशेष परिस्थिति के लिए क्या हैं नियम
कोई प्रकृति संकट या फिर वित्तीय समस्या को विशेष परिस्थिति के तौर पर माना जाएगा। इस नियम में 12 महीने की सर्विस के बाद आंशिक निकासी हो सकती है। विशेष परिस्थिति के लिए निकाला गए पैसों के लिए कोई अतिरिक्त जवाबदेही नहीं होगी।
EPF निकासी
पहले कर्मचारी के 50 प्रतिशत योगदान और ब्याज 100% निकाला जा सकता था। लेकिन अब नियोक्ता के योगदान और ब्याज को भी निकाला जा सकता है। यानी पूर्व की तुलना में अब ज्यादा पैसा सब्सक्राइबर्स निकाल पाएंगे।
क्या है निकासी अधिकतम सीमा?
ईपीएफ निकासी की सीमा कारणों पर निर्भर करेगी। सब्सक्राइबर्स अब 75 प्रतिशत तक पैसा किसी भी समय निकाल पाएंगे। यह बदलाव EPF सदस्यों को और राहत देने के लिए किया जा रहा है।
बेरोजगार होने की स्थिति में क्या है लिमिट?
नौकरी खोने की स्थिति में अब तुरंत 75 प्रतिशत पैसा सब्सक्राइबर्स निकाल पाएंगे। बाकि बचे 25 प्रतिशत पैसे को 12 महीने तक बेरोजगार रहने की स्थिति में निकाला जा सकेगा। पहले सिर्फ आंशिक निकासी ही संभव थी।
कब निकाल सकेंगे EPF का पूरा पैसा
55 साल की उम्र, दिव्यांग होने की स्थिति में, वीआरएस या ईपीएफ सदस्य देश छोड़कर हमेशा के लिए जा रहा है। इन परिस्थितियों में पूरा पैसा निकाला जा सकता है।
लेखक के बारे में
Tarun Pratap Singhतरुण प्रताप सिंह, लाइव हिन्दुस्तान के साथ अक्टूबर 2020 से कार्यरत हैं। मौजूदा समय में बिजनेस टीम का हिस्सा हैं। लाइव हिन्दुस्तान के लिए स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, कमोडिटी मार्केट, सरकारी योजनाओं पर खबर पर लिखने के साथ-साथ आईपीओ पर वीडियो इंटरव्यू की भी जिम्मेदारी सम्भालते हैं। लाइव हिन्दुस्तान की वीडियो टीम के लिए 2022 में उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में टीम लीड करते हुए 200 विधानसभा सीट में ग्राउंड रिपोर्टिंग, इंटरव्यू और स्पेशल स्टोरीज कर चुके हैं। श्री राम जन्मभूमि प्राण प्रतिष्ठा समारोह, 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान भी उत्तर प्रदेश में ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव है। साल 2025 में प्रयागराज में सम्पन्न हुए महाकुंभ में 40 दिन से अधिक दिन तक कुंभ नगरी में रहकर अनेकों वीडियो इंटरव्यू और स्पेशल स्टोरिज किए थे।
शिक्षा
बी.ए (ऑनर्स) और एम.ए की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय वाराणसी से पूरा किया है। भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है।
अनुभव -
HT का हिस्सा बनने से पहले स्वतंत्र तौर पर 2019 में लोकसभा चुनाव, 2019 में हरियाणा विधानसभा, 2020 दिल्ली विधानसभा चुनाव और 2020 में दिल्ली दंगा की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव प्राप्त है। श्री राम मंदिर भूमि पूजन (साल 2020) के दौरान भी बतौर स्वतंत्र पत्रकार अपनी सेवाएं दिए हैं।
दैनिक जागरण के एक स्पेशल कार्यक्रम के तहत वाराणसी में दो अलग-अलग साल में 100-100 बच्चों को संसदीय कार्यप्रणाली की 15 दिनों की ट्रेनिंग भी देने का अनुभव प्राप्त है।
विशेषताएं -
वीडियो रिपोर्टिंग में दक्षता हासिल है। कई इंटरव्यू और ग्राउंड ओपनियन वीडियो नेशनल लेवल पर विमर्श का केंद्र बने हैं। बिजनेस और राजनीति के अलावा क्रिकेट, धर्म और साहित्य पर लिखना-पढ़ना पसंद है।


