
नौकरीपेशा लोगों के लिए खुशखबरी, EDLI स्कीम पर EPFO का बड़ा ऐलान
यह नियम कर्मचारियों की जमा राशि से जुड़ी बीमा (EDLI) स्कीम के तहत डेथ क्लेम से जुड़े मामलों में लागू होगा। EPFO का यह सर्कुलर 17 दिसंबर 2025 को जारी किया गया है, जिसका मकसद लगातार सेवा को लेकर बनी उलझन को खत्म करना है।
EPFO Latest News: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने एक अहम स्पष्टीकरण जारी किया है, जिससे कर्मचारियों के परिवारों को बड़ी राहत मिल सकती है। EPFO ने साफ किया है कि एक नौकरी छोड़ने और दूसरी नौकरी जॉइन करने के बीच अगर सिर्फ शनिवार, रविवार या घोषित छुट्टियां आती हैं, तो उन्हें ‘सेवा में ब्रेक’ नहीं माना जाएगा। यह नियम कर्मचारियों की जमा राशि से जुड़ी बीमा (EDLI) स्कीम के तहत डेथ क्लेम से जुड़े मामलों में लागू होगा। EPFO का यह सर्कुलर 17 दिसंबर 2025 को जारी किया गया है, जिसका मकसद लगातार सेवा को लेकर बनी उलझन को खत्म करना है।
EPFO ने क्या कहा
EPFO ने बताया कि कई मामलों में देखा गया था कि बहुत छोटे गैप को भी ब्रेक मान लिया जा रहा था, जिससे EDLI का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा था या क्लेम खारिज कर दिए जा रहे थे। एक मामले में कर्मचारी ने एक संस्थान से शुक्रवार को नौकरी छोड़ी और सोमवार को दूसरी EPF-कवर्ड कंपनी जॉइन की, लेकिन बीच के शनिवार-रविवार को ब्रेक मान लिया गया। नतीजा यह हुआ कि 12 महीने से ज्यादा की कुल सेवा होने के बावजूद परिवार को EDLI का लाभ नहीं मिला। इसी तरह की गड़बड़ियों को दूर करने के लिए EPFO ने यह नया स्पष्टीकरण जारी किया है।
क्या है नई गाइडलाइन
नई गाइडलाइन के अनुसार, अगर दो नौकरियों के बीच का अंतर सिर्फ साप्ताहिक अवकाश, राष्ट्रीय अवकाश, राजपत्रित छुट्टी, राज्य या प्रतिबंधित छुट्टियों की वजह से है, तो उसे निरंतर सेवा का हिस्सा माना जाएगा। यानी अगर कर्मचारी किसी EPF-कवर्ड कंपनी से निकलकर ऐसी ही किसी दूसरी कंपनी में छुट्टियों के तुरंत बाद जॉइन करता है, तो उसकी सेवा को लगातार माना जाएगा। आसान भाषा में कहें तो शुक्रवार को नौकरी छोड़कर सोमवार को नई नौकरी जॉइन करने पर EDLI पात्रता पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
इसके अलावा EPFO ने हाल ही में EDLI से जुड़े कुछ और बदलाव भी लागू किए हैं। अब ऐसे कर्मचारियों के आश्रितों को भी कम से कम ₹50,000 का लाभ मिलेगा, जिन्होंने लगातार 12 महीने सेवा नहीं दी थी और जिनका औसत PF बैलेंस ₹50,000 से कम था। साथ ही, अगर किसी कर्मचारी की मौत आखिरी योगदान के छह महीने के भीतर होती है और वह अभी भी कंपनी के रोल पर दर्ज है, तो उसके परिवार को EDLI लाभ मिलेगा। EPFO ने यह भी साफ किया है कि अलग-अलग EPF-कवर्ड संस्थानों में काम करने वाले कर्मचारियों के बीच अगर 60 दिन तक का अंतर भी है, तो उसे भी निरंतर सेवा माना जाएगा। यह कदम लाखों EPFO सदस्यों और उनके परिवारों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।

लेखक के बारे में
Varsha Pathakवर्षा पाठक लाइव हिन्दुस्तान में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं और पिछले 4 सालों से इस संस्थान से जुड़ी हुई हैं। मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें लगभग 8 साल का अनुभव है। उन्होंने जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है। बिहार की रहने वाली वर्षा वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान के बिजनेस सेक्शन के लिए खबरें लिखती हैं। उन्हें स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, यूटिलिटी, टैक्स, बजट, एक्सप्लेनर, इंटरव्यूज और कॉरपोरेट सेक्टर से जुड़ी खबरों की समझ है। जटिल आर्थिक विषयों को सरल, तथ्यात्मक और पाठकों के लिए उपयोगी भाषा में प्रस्तुत करना उनकी लेखन शैली की विशेषता है। हिन्दुस्तान से पहले वर्षा दैनिक भास्कर (प्रिंट), मनी भास्कर और नेटवर्क18 जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम कर चुकी हैं। उन्हें फील्ड रिपोर्टिंग का अनुभव भी है। डिजिटल पत्रकारिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए वर्षा को मनी भास्कर में सबसे अधिक UVs-PVs का पुरस्कार मिल चुका है। इसके अलावा, लाइव हिन्दुस्तान में भी वर्षा का टॉप परफॉर्मेंस रहा है और इसके लिए पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है।
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