PF ट्रांसफर और विड्रॉल का झंझट खत्म! आ गया EPFO 3.0, ATM और UPI से सीधे खाते में आएंगे पैसे?
EPFO 3.0 के तहत कर्मचारियों को भविष्य में UPI और UPI-सक्षम ATM के जरिए PF राशि निकालने की सुविधा मिल सकती है। नई व्यवस्था से PF निकासी और ट्रांसफर पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस हो जाएगा। सदस्य अपने EPF बैलेंस का 50% से 75% तक निकाल सकेंगे, जबकि कम से कम 25% राशि खाते में बनाए रखना जरूरी होगा।

देश के करोड़ों कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) खाताधारकों के लिए बड़ी खुशखबरी है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अपने डिजिटल सिस्टम को पूरी तरह आधुनिक बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। इसी पहल के तहत EPFO 3.0 लॉन्च किया जा रहा है, जिसके बाद PF निकालने की प्रक्रिया पहले की तुलना में काफी आसान, तेज और लगभग पूरी तरह पेपरलेस हो जाएगी। सबसे बड़ी बात यह है कि भविष्य में कर्मचारी अपने PF खाते से पैसा UPI और UPI-सक्षम ATM के जरिए भी निकाल सकेंगे।
हाल के महीनों में EPFO 3.0 को लेकर काफी चर्चा रही है। कई लोग जानना चाहते हैं कि क्या यह सुविधा शुरू हो चुकी है, कितनी रकम निकाली जा सकेगी और इसके लिए क्या नियम होंगे। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि EPFO 3.0 आखिर क्या है और इससे कर्मचारियों को क्या फायदा होगा।
क्या शुरू हो गया है EPFO 3.0?
केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने बताया था कि EPFO 3.0 के तहत नई सुविधाओं की टेस्टिंग पूरी हो चुकी है। हालांकि, अभी तक इसकी आधिकारिक लॉन्च तारीख घोषित नहीं की गई है, यानी फिलहाल ATM या UPI के जरिए PF निकासी की सुविधा लाइव नहीं हुई है, लेकिन इसे जल्द शुरू किए जाने की उम्मीद है।
UPI और ATM से कैसे निकलेगा PF?
EPFO 3.0 लागू होने के बाद सदस्य अपने EPF खाते में उपलब्ध निकासी योग्य राशि को ऑनलाइन देख सकेंगे। अगर उनका बैंक खाता आधार और UAN से लिंक होगा, तो वे UPI के माध्यम से सीधे अपने बैंक खाते में पैसा ट्रांसफर कर सकेंगे। इसके लिए उपयोगकर्ता को अपने लिंक किए गए UPI PIN का उपयोग करना होगा। पैसा बैंक खाते में पहुंचने के बाद उसे सामान्य बैंकिंग लेनदेन की तरह इस्तेमाल किया जा सकेगा। चाहे ऑनलाइन भुगतान करना हो या ATM से नकद निकालना हो, पैसा पूरी तरह उपलब्ध रहेगा।
कितनी राशि निकाल सकेंगे?
नए सिस्टम के तहत सदस्य अपने EPF बैलेंस का लगभग 50% से 75% तक निकाल सकेंगे। हालांकि, यह निकासी निर्धारित शर्तों और पात्रता के आधार पर होगी। एक महत्वपूर्ण नियम यह भी है कि EPFO खाते में कम से कम 25% राशि अनिवार्य रूप से सुरक्षित रखी जाएगी, यानी पूरा PF बैलेंस निकालने की अनुमति नहीं होगी। यह राशि भविष्य की वित्तीय सुरक्षा के लिए रिजर्व रहेगी।
ऑटो-सेटलमेंट लिमिट बढ़ी
EPFO ने पहले ही एक बड़ा बदलाव करते हुए ऑटो-सेटलमेंट लिमिट को ₹1 लाख से बढ़ाकर ₹5 लाख कर दिया है। इसका फायदा यह है कि कई दावों का निपटारा अब 3 दिनों के अंदर हो सकता है। घर खरीदने, मकान बनाने, बच्चों की पढ़ाई, शादी या मेडिकल इमरजेंसी जैसी जरूरतों के लिए PF राशि जल्दी उपलब्ध हो सकेगी।
क्या पेंशन पर पड़ेगा असर?
कई कर्मचारियों के मन में सवाल है कि ATM से PF निकालने पर EPS (Employee Pension Scheme) की राशि प्रभावित होगी या नहीं। इसका जवाब ‘नहीं’ है। नई सुविधा केवल EPF खाते की राशि पर लागू होगी। पेंशन फंड की व्यवस्था अलग रहेगी और उस पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
WhatsApp पर भी मिलेगी सुविधा
EPFO अब WhatsApp का भी इस्तेमाल करने जा रहा है। सदस्य EPFO के आधिकारिक वेरिफाइड WhatsApp नंबर पर ‘Hello’ भेजकर कई सेवाओं और जानकारी तक पहुंच सकेंगे। यह सुविधा स्थानीय भाषाओं में उपलब्ध होगी और 24 घंटे काम करेगी।
करोड़ों कर्मचारियों को होगा फायदा
वर्तमान में EPFO लगभग ₹28 लाख करोड़ का फंड प्रबंधित करता है और देश के करोड़ों कर्मचारी इस पर भरोसा करते हैं। EPFO 3.0 लागू होने के बाद लंबी कागजी प्रक्रिया, दफ्तरों के चक्कर और देरी की समस्या काफी हद तक खत्म हो सकती है। UPI, ATM, फेस ऑथेंटिकेशन और WhatsApp जैसी डिजिटल सुविधाएं PF प्रबंधन को पहले से कहीं अधिक आसान बना देंगी।
आधिकारिक तारीख का इंतजार
EPFO 3.0 कर्मचारियों के लिए PF निकासी और खाते के प्रबंधन को डिजिटल, तेज और सुविधाजनक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। हालांकि, ATM और UPI निकासी सुविधा शुरू होने की आधिकारिक तारीख का इंतजार अभी बाकी है, लेकिन इसके लागू होने के बाद करोड़ों कर्मचारियों को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।
लेखक के बारे में
Sarveshwar Pathakसर्वेश्वर पाठक अक्टूबर 2022 से ‘लाइव हिंदुस्तान’ में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में बिजनेस और ऑटो सेक्शन के लिए
काम कर रहे हैं। सर्वेश्वर बिजनेस और ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री की खबरों, रिव्यू और गहराई से किए गए एनालिसिस के लिए जाने जाते
हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्हें 7 साल से अधिक का अनुभव है, जिसमें उन्होंने अपनी मजबूत पकड़ और समझ के जरिए एक अलग
पहचान बनाई है। उन्होंने देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार से पत्रकारिता में मास्टर डिग्री हासिल की और वर्ष 2019 में
ईटीवी भारत के साथ अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने दैनिक जागरण और एडिटरजी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में
भी काम किया, जहां उन्होंने अपनी लेखन शैली और विश्लेषण क्षमता को और निखारा।
उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर से आने वाले सर्वेश्वर केवल एक पत्रकार ही नहीं, बल्कि सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय भागीदारी
निभाते हैं। उन्हें बाल शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और जागरूकता से जुड़े अभियानों में विशेष रुचि है। अपने विश्वविद्यालय के
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