
बिकने जा रही यह सरकारी बैंक, खरीदारों की लिस्ट में हैं ये दिग्गज!
संक्षेप: अधिग्रहण सौदा पूरा होने के बाद भारत सरकार के पास लगभग 15% हिस्सेदारी और LIC के पास करीब 19% हिस्सेदारी बनी रहने की संभावना है। यह रणनीति सरकार के बैंकों के निजीकरण और पूंजी जुटाने के व्यापक कार्यक्रम का हिस्सा मानी जा रही है।
दुबई स्थित प्रमुख बैंक अमीरात एनबीडी (Emirates NBD) भारत के सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक आईडीबीआई बैंक (IDBI Bank) के अधिग्रहण की दौड़ में अब भी शामिल है। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अमीरात एनबीडी ने हाल ही में 3 बिलियन डॉलर (करीब ₹25,000 करोड़) के सौदे के तहत आरबीएल बैंक (RBL Bank) में 60% हिस्सेदारी खरीदने की घोषणा की हो, लेकिन उसने आईडीबीआई बैंक के अधिग्रहण प्रक्रिया से अपना नाम वापस नहीं लिया है।

क्या है डिटेल
CNBC-TV18 ने अपनी एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया किया आईडीबीआई बैंक विदेशी और घरेलू दोनों निवेशकों के लिए एक आकर्षक अवसर बना हुआ है। इसका कारण है- बैंक का बड़ा नेटवर्क और स्केल, सरकारी कारोबार में गहरी पैठ और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के साथ इसका मजबूत जुड़ाव। इन सभी कारणों से अमीरात एनबीडी और अन्य संस्थागत निवेशक इस बैंक में रणनीतिक रुचि बनाए हुए हैं।
क्या है सरकार का लक्ष्य
केंद्र सरकार वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) के अंत तक आईडीबीआई बैंक में अपनी हिस्सेदारी की बिक्री को अंतिम रूप देने की तैयारी कर रही है। बता दें कि इससे पहले ऐसी खबर आई थी कि फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स, एमिरेट्स एनबीडी, कोटक महिंद्रा बैंक और ओकट्री कैपिटल जैसे निवेशक इस बैंक को खरीदने के इच्छुक हैं। वर्तमान में, भारत सरकार के पास IDBI Bank में 45.48% हिस्सेदारी है, जबकि LIC के पास 49.24% हिस्सेदारी है। सरकार और LIC मिलकर कुल 60.72% हिस्सेदारी बेचने की योजना बना रहे हैं। इसमें से केंद्र सरकार 30.48% और LIC 30.24% हिस्सेदारी का विनिवेश करेगी।
डील के बाद नई शेयरहोल्डिंग संरचना
अधिग्रहण सौदा पूरा होने के बाद भारत सरकार के पास लगभग 15% हिस्सेदारी और LIC के पास करीब 19% हिस्सेदारी बनी रहने की संभावना है। यह रणनीति सरकार के बैंकों के निजीकरण और पूंजी जुटाने के व्यापक कार्यक्रम का हिस्सा मानी जा रही है।





