तेल की 'आग' में मस्क से लेकर अंबानी की दौलत ‘स्वाहा’, अडानी पर कैसे हो रही पैसों की बारिश?
मुख्य बातें
- कच्चे तेल की कीमतों ने शेयर बाजारों को हिला के रख दिया है
- दिग्गज कंपनियों के शेयरों में भी भूचाल आ गया है
- एलन मस्क से लेकर मुकेश अंबानी तक के नेटवर्थ में गिरावट हो रही है

कच्चे तेल की आग से दुनिया भर के शेयर बजार झुलस रहे हैं। आम निवेशकों से लेकर बड़े अरबपतियों तक की संपत्ति इस आग में स्वाहा हो रही है। बुधवार को भारत के मुकेश अंबानी से लेकर अमेरिका के एलन मस्क तक के नेटवर्थ में भारी कमी दर्ज की गई है। ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स की ताजा रैंकिंग के मुताबिक मुकेश अंबानी का नेटवर्थ 1.26 अरब डॉलर घटकर 84.8 अरब डॉलर रह गया है।
दूसरी ओर भारत के सबसे अमीर व्यक्ति गौतम अडानी की दौलत में 3.58 अरब डॉलर का इजाफा हुआ। उनका नेटवर्थ अब 112 अरब डॉलर पर पहुंच गया है। अडानी के शेयरों में तेजी की वजह से उनका नेटवर्थ बढ़ा, जबकि रिलायंस के शेयर गिरने से अंबानी को नुकसान उठाना पड़ा। बता दें अडानी ग्रुप का बेंचमार्क स्टॉक अडानी एंटरप्राइजेज बुधवार को 5 प्रतिशत से अधिक चढ़कर 3104.20 रुपये पर बंद हुआ। जबकि, रिलायंस इंडस्ट्री के शेयर लाल निशान पर बंद हुए।
अमेरिकी शेयर मार्केट में हाहाकार, 3 दिन में 1,300 अंक टूटा डॉऊ जोंस
अमेरिकी शेयर बाजार में बुधवार, 9 सितंबर को लगातार तीसरे दिन गिरावट देखने को मिली। वॉल स्ट्रीट का बेंचमार्क इंडेक्स डॉऊ जोंस करीब 400 अंक और टूट गया, जिससे तीन कारोबारी दिनों में इसकी गिरावट करीब 1,300 अंक हो गई है। वहीं एसएंडपी 500 में 0.6% और नैस्डैक में 0.5% की गिरावट रही।
बता दें पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के साथ कच्चे तेल की कीमतों में तेजी जारी है। बुधवार को ब्रेंट क्रूड 101 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया। महंगे कच्चे तेल ने अमेरिकी शेयर बाजार के सेंटीमेंट को भी कमजोर किया है।
किस अरबपति को कितना हुआ नुकसान
अमेरिकी शेयर मार्केट में गिरावट के चलते सबसे बड़ा नुकसान एलन मस्क को हुआ है। उनकी संपत्ति में 30.4 अरब डॉलर की कमी दर्ज की गई है। अब उनका नेटवर्थ 908 अरब डॉलर ही रह गया है।
इनके अलावा लैरी पेज को 5.88 अरब डॉलर, जेफ बेजोस को 4.22 अरब डॉलर, सर्गेई ब्रिन को 5.43 अरब डॉलर का झटका लगा है। नुकसान में माइकल डेल, लैरी एलिसन, जेनसेन हुआंग, स्टीव बाल्मर भी रहे। हालांकि, इनकी संपत्ति में 2 अरब डॉलर से कम की कमी आई है।
भारतीय शेयर बाजार के लिए क्या संकेत?
अमेरिकी बाजार में लगातार तीसरे दिन गिरावट, ब्रेंट के 101 डॉलर के पार जाने और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी का असर आज भारतीय बाजार की शुरुआती धारणा पर भी पड़ सकता है। खासकर कच्चे तेल की कीमत भारत के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि देश अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है। लंबे समय तक तेल महंगा रहने पर महंगाई, रुपये और कंपनियों की लागत पर दबाव बढ़ सकता है।
इनपुट: ब्लूमबर्ग


