दक्षिण कोरिया के शेयर मार्केट में भूचाल, 10% गिरा कोस्पी, रोकनी पड़ी ट्रेडिंग
मुख्य बातें
- इस महीने कोस्पी इंडेक्स ने कई बार नए रिकॉर्ड स्तर छुए थे
- आज 10 % का इसने गोता लगाया है
- इस गिरावट से नई चिंता पैदा हो गई है कि दुनिया भर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के कारण जो तेजी आई थी, वह अब कमजोर पड़ सकती है
- बता दें सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स में 10% से अधिक की कमी दर्ज की गई है

दक्षिण कोरिया का प्रमुख शेयर बाजार सूचकांक कोस्पी (Kospi) अपने ऑल टाइम हाई से तेजी से लुढ़क गया है। कोस्पी (Kospi) लगभग 10 प्रतिशत टूट गया। कोस्पी 910.71 अंक (यानी 9.99%) लुढ़ककर 8,203.84 पर बंद हुआ। बाजार में आए इस भूचाल के चलते कोरिया एक्सचेंज ने पूरे सर्किट ब्रेकर लगा दिया, जिससे 20 मिनट के लिए कारोबार ठप हो गया। ऐसा इसलिए किया गया ताकि घबराहट में बिकवाली को रोका जा सके।
लगातार रिकॉर्ड स्तर के बाद मुनाफावसूली
ब्लूमबर्ग की खबर के मुताबिक इस महीने कोस्पी इंडेक्स ने कई बार नए रिकॉर्ड स्तर छुए थे। निवेशक ईरान युद्ध जैसी भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं को नजरअंदाज करते हुए बाजार में तेजी ला रहे थे। हालांकि, अब यह गिरावट दिखा रही है कि दुनिया के सबसे अच्छा प्रदर्शन कर रहे प्रमुख शेयर बाजार में अस्थिरता कितनी बढ़ गई है। इस साल अब तक कोस्पी ने वैश्विक स्तर पर अन्य प्रमुख बाजारों को पीछे छोड़ा था।
लीवरेज्ड ईटीएफ ने बढ़ाई अस्थिरता
सेमीकंडक्टर कंपनियों से जुड़े लीवरेज्ड एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) ने कीमतों में उतार-चढ़ाव को और बढ़ा दिया है। इन जोखिम भरे उत्पादों को अनुमति देने पर वित्तीय नियामक ने खेद व्यक्त किया है। एलस्प्रिंग ग्लोबल इन्वेस्टमेंट्स के पोर्टफोलियो मैनेजर गैरी टैन के अनुसार, "लंबे समय तक तेजी के बाद कोरियाई बाजार अब खुदरा निवेशकों की भावनाओं में बदलाव के प्रति अधिक संवेदनशील हो गया है, खासकर जब ध्यान खुदरा निवेशकों के लीवरेज पर गया है।" उन्होंने कहा कि इस तरह की हलचल अक्सर तरलता और डेरिवेटिव पोजीशनिंग के कारण बढ़ जाती है।
क्यों गिरा कोरिया का बाजार
अमेरिकी बाजार में सोमवार को टेक शेयरों में गिरावट के बाद यह प्रभाव दक्षिण कोरिया पर भी पड़ा। स्पेसएक्स के शेयरों में गिरावट आई और निवेशकों का ध्यान मेमोरी चिप निर्माता माइक्रोन टेक्नोलॉजी के इस सप्ताह आने वाले तिमाही परिणामों पर केंद्रित हो गया। एशियाई बाजारों में व्यापक गिरावट देखी गई, लेकिन कोरिया में नुकसान सबसे अधिक रहा। विदेशी निवेशकों ने कोस्पी के शेयरों में 4 लाख करोड़ वॉन (लगभग 2.6 अरब डॉलर) से अधिक की बिकवाली की, जबकि खुदरा कारोबारियों ने अपनी स्थिति बढ़ाई।
बाजार में अधिक गरमी के संकेत
हाल के दिनों में शेयर बाजार में अत्यधिक गर्मी के कई संकेत दिखे। एसके हाइनिक्स के शेयरों में लगातार आठ दिनों तक 2% से अधिक की बढ़ोतरी हुई थी, जिससे इस साल उसकी कुल बढ़त लगभग 350% तक पहुंच गई। यह उसके प्रतिद्वंद्वी सैमसंग से कहीं अधिक रही।
हाना सिक्योरिटीज के रणनीतिकार ली जे महान ने कहा कि कोस्पी में उचित मूल्यांकन के लिए, सैमसंग की शेयर कीमत में एसके हाइनिक्स की तुलना में अधिक तेजी आनी चाहिए, क्योंकि सैमसंग से कमाई की उम्मीदें अधिक मजबूत हैं।
वित्तीय नियामक की चिंता और स्थिरता कदम
कोस्पी का अस्थिरता मापक सूचकांक 90 के करीब पहुंच गया है, जो जून की शुरुआत में बने अपने शिखर की ओर बढ़ रहा है। गवर्नर ली चान-जिन ने सोमवार को एक ब्रीफिंग में कहा कि अधिकारी सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स और एसके हाइनिक्स को ट्रैक करने वाले ईटीएफ में तेज उतार-चढ़ाव से संभावित नुकसान को सीमित करने के लिए स्थिरता कदमों पर विचार कर रहे हैं।
रिटेल इन्वेस्टर्स का बढ़ता लीवरेज
कोस्पी की तेजी के दौरान खुदरा निवेशकों यानी रिटेल इन्वेस्टर्स ने लीवरेज का उपयोग बढ़ा दिया है। कोरिया फाइनेंशियल इन्वेस्टमेंट एसोसिएशन के आंकड़ों के अनुसार, मार्जिन ऋण (यानी शेयर खरीदने के लिए उधार) इस महीने रिकॉर्ड 38.5 लाख करोड़ वॉन पर पहुंच गया।
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Drigraj Madheshiaदृगराज मद्धेशिया पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' की बिजनेस टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में, वे शेयर बाजार, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी सेक्टर पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं। वह कलम से बाजार की नब्ज टटोलने वाले एक पत्रकार हैं, जो शेयर बाजार से लेकर आपकी जेब (Personal Finance) तक, हर खबर को आसान बनाते हैं। टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के अपने विस्तृत अनुभव के साथ, दृगराज जटिल मार्केट डेटा को आम पाठकों के लिए 'कुछ अलग' और आसान भाषा में पेश करने के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में हिन्दुस्तान, सहारा समय, दैनिक जागरण और न्यूज नेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। मूलत: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले दृगराज मैथ्स बैकग्राउंड होने के कारण डेटा और कैलकुलेशन में माहिर हैं, जो बिजनेस पत्रकारिता के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है। उन्होंने कॅरियर की शुरुआत गोरखपुर से सहारा समय साप्ताहिक से बतौर फ्रीलांसर की और बहुत ही जल्द सहारा समय उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के हिस्सा बन गए। इसके बाद छत्तीसगढ़ में वॉच न्यूज से जुड़े। टीवी को छोड़ हिन्दुस्तान अखबार के बरेली एडिशन की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा बने। साढ़े सात साल की मैराथन पारी के बाद अगला पड़ाव न्यूज नेशन डिजिटल रहा। इसके बाद एक बार फिर हिन्दुस्तान दिल्ली से जुड़े और अब डिजिटल टीम का हिस्सा हैं। और पढ़ें


