
राफेल बनाने वाली कंपनी के साथ डील का ऐलान, शेयर खरीदने की मची लूट, 9% चढ़ा भाव
इस समझौते के तहत अब डीटीएल डसॉल्ट के नए बिजनेस जेट Falcon 6X के पूरे रियर फ्यूजलाज (पिछला ढांचा) का निर्माण और असेंबली भारत में करेगी। यह कदम न सिर्फ कंपनी के लिए बड़ा अवसर है, बल्कि भारत की “मेक इन इंडिया” मुहिम को भी मजबूत करता है।
Dynamatic Technologies Ltd Share: इंजीनियरिंग प्रोडक्ट्स बनाने वाली कंपनी डायनामैटिक टेक्नोलॉजीज लिमिटेड (DTL) के शेयर सोमवार, 8 दिसंबर को करीब 9% तक उछल गए, जब कंपनी ने फ्रांस की मशहूर एयरोस्पेस कंपनी डसॉल्ट एविएशन (राफेल बनाने वाली) के साथ एक अहम समझौता किया। इस समझौते के तहत अब डीटीएल डसॉल्ट के नए बिजनेस जेट Falcon 6X के पूरे रियर फ्यूजलाज (पिछला ढांचा) का निर्माण और असेंबली भारत में करेगी। यह कदम न सिर्फ कंपनी के लिए बड़ा अवसर है, बल्कि भारत की “मेक इन इंडिया” मुहिम को भी मजबूत करता है।
कंपनी ने क्या कहा
कंपनी ने बताया कि यह उपलब्धि उसके पहले से जारी प्रोजेक्ट के सफल होने के बाद मिली है। डायनामाइट ने हाल ही में Falcon 6X के रियर फ्यूल टैंक का औद्योगिकीकरण पूरा किया था और अब इसकी कमर्शियल सप्लाई भी शुरू हो चुकी है। दोनों कंपनियों की पहली साझेदारी जनवरी 2024 में हुई थी, जब DTL ने इस जेट के फ्लाइट-क्रिटिकल एरो स्ट्रक्चर्स का निर्माण शुरू किया था। अब कंपनी की भूमिका बढ़ाकर पूरे रियर फ्यूज़लाज तक कर दी गई है, जो DTL की तकनीकी क्षमता और भरोसे को दर्शाता है।
कंपनी के CEO और MD उदयंत मल्होत्रा ने कहा कि डसॉल्ट एविएशन के साथ यह विस्तारित साझेदारी उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि फ्लाइट-क्रिटिकल पार्ट्स की सफलतापूर्वक उत्पादन क्षमता DTL की क्वालिटी, प्रिसिशन इंजीनियरिंग और ग्लोबल स्टैंडर्ड्स पर पकड़ को साबित करती है। वहीं डसॉल्ट एविएशन के सीनियर एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट ब्रूनो कॉइफियर ने कहा कि डायनामाइट एक भरोसेमंद पार्टनर साबित हुआ है और Falcon 6X प्रोग्राम के लिए यह साझेदारी दोनों कंपनियों के लिए फायदेमंद रहेगी।
शेयरों के हाल
शेयर मार्केट में भी इस खबर का साफ असर दिखाई दिया। सुबह के कारोबार में डायनेमेटिक टेक्नोलॉजीज के शेयर 9.17% तक उछलकर ₹9,253.55 के उच्च स्तर पर पहुंच गए। हालांकि बाद में कुछ मुनाफावसूली हुई और स्टॉक 6.52% की बढ़त के साथ ₹9,028.90 पर ट्रेड करता दिखा। निवेशकों का मानना है कि यह डील कंपनी के एयरोस्पेस बिजनेस के लिए एक बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हो सकती है, जिससे आने वाले समय में ऑर्डर बुक और राजस्व दोनों में मजबूती देखने को मिलेगी।





