AI की वजह से एक और कंपनी में होगी 20% कर्मचारियों की छंटनी, 1100 से अधिक लोगों की जाएगी नौकरी
मुख्य बातें
- Layoffs: क्लाउडफ्लेयर के पास 5,156 फुल-टाइम कर्मचारी थे
- इस बारे में 20% यानी लगभग 1,100 लोगों से अधिक को कंपनी छोड़नी होगी
- तीन महीनों में क्लाउडफ्लेयर के अंदर AI टूल्स के इस्तेमाल में छह गुना से अधिक वृद्धि हुई है

क्लाउडफ्लेयर ने अपने वैश्विक कर्मचारियों की संख्या में 20% की कटौती करने का ऐलान किया है। यह कटौती करीब 1,100 से अधिक कर्मचारियों पर असर डालेगी। कंपनी का कहना है कि यह फैसला आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल्स के बढ़ते उपयोग और ‘एजेंटिक AI-फर्स्ट ऑपरेटिंग मॉडल’ को अपनाने की रणनीति के तहत लिया गया है।
AI के कारण बदल रहा है काम करने का तरीका
रॉयटर्स की खबर के मुताबिक कंपनी के को-फाउंडर और सीईओ मैथ्यू प्रिंस व मिशेल जैटलिन ने एक इंटरनल मेल में बताया कि पिछले तीन महीनों में क्लाउडफ्लेयर के अंदर AI टूल्स के इस्तेमाल में छह गुना से अधिक वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा, “क्लाउडफ्लेयर में काम करने का तरीका पूरी तरह बदल गया है।” अब हर टीम सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, फाइनेंस, सपोर्ट, ऑपरेशन में हजारों AI एजेंट सेशन हो रहे हैं।
क्या प्रदर्शन या लागत में कटौती के लिए यह फैसला?
क्लाउडफ्लेयर का साफ कहना है कि यह छंटनी कर्मचारियों के प्रदर्शन या लागत में कटौती से प्रेरित नहीं है। बल्कि, यह ‘एजेंटिक AI युग’ के लिए प्रक्रियाओं और भूमिकाओं को नए सिरे से डिजाइन करने का हिस्सा है। कंपनी सभी विभागों में AI संचालित वर्किंग सिस्टम को अपना रही है।
कितने कर्मचारी प्रभावित, कितना खर्च आएगा?
कंपनी के आंकड़ों के अनुसार, 2025 के अंत तक क्लाउडफ्लेयर के पास 5,156 फुल-टाइम कर्मचारी थे। इस बारे में 20% यानी लगभग 1,100 लोगों से अधिक को कंपनी छोड़नी होगी। इस पुनर्गठन पर कंपनी को लगभग 140 से 150 मिलियन डॉलर का खर्च आने का अनुमान है, जिसमें से अधिकांश खर्च 2026 की दूसरी तिमाही में होगा।
बेहतर नतीजों के बावजूद लेऑफ की घोषणा
दिलचस्प बात यह है कि क्लाउडफ्लेयर ने हाल ही में उम्मीद से बेहतर तिमाही नतीजे पेश किए हैं। पहली तिमाही में रेवेन्यू 34% बढ़कर 639.8 मिलियन डॉलर हो गया, जबकि एडजस्टेड प्रति शेयर कमाई 25 सेंट रही। हालांकि, कंपनी ने दूसरी तिमाही के लिए 664-665 मिलियन डॉलर रेवेन्यू का अनुमान लगाया है, जो बाजार की उम्मीदों से थोड़ा कम है, जिससे स्टॉक में गिरावट आई।
AI को ‘इंटरनेट का बड़ा री-प्लेटफॉर्मिंग’: मैथ्यू प्रिंस ने अपने ब्लॉग पोस्ट में AI को “इंटरनेट का मूलभूत री-प्लेटफॉर्मिंग” बताया और कहा कि यह तकनीकी बदलाव कंपनी के इतिहास के सबसे बड़े अवसरों में से एक है।
AI के कारण छंटनी का बढ़ता ट्रेंड
क्लाउडफ्लेयर अकेली कंपनी नहीं है जो AI अपनाने को लेकर कर्मचारियों की कटौती कर रही है। तकनीकी क्षेत्र में कई कंपनियां AI ऑटोमेशन और ड्रिवेन ऑपरेशंस के लिए अपनी टीमों का पुनर्गठन कर रही हैं, जिससे नौकरियों पर असर पड़ रहा है।
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Drigraj Madheshiaदृगराज मद्धेशिया पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' की बिजनेस टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में, वे शेयर बाजार, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी सेक्टर पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं। वह कलम से बाजार की नब्ज टटोलने वाले एक पत्रकार हैं, जो शेयर बाजार से लेकर आपकी जेब (Personal Finance) तक, हर खबर को आसान बनाते हैं। टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के अपने विस्तृत अनुभव के साथ, दृगराज जटिल मार्केट डेटा को आम पाठकों के लिए 'कुछ अलग' और आसान भाषा में पेश करने के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में हिन्दुस्तान, सहारा समय, दैनिक जागरण और न्यूज नेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। मूलत: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले दृगराज मैथ्स बैकग्राउंड होने के कारण डेटा और कैलकुलेशन में माहिर हैं, जो बिजनेस पत्रकारिता के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है। उन्होंने कॅरियर की शुरुआत गोरखपुर से सहारा समय साप्ताहिक से बतौर फ्रीलांसर की और बहुत ही जल्द सहारा समय उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के हिस्सा बन गए। इसके बाद छत्तीसगढ़ में वॉच न्यूज से जुड़े। टीवी को छोड़ हिन्दुस्तान अखबार के बरेली एडिशन की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा बने। साढ़े सात साल की मैराथन पारी के बाद अगला पड़ाव न्यूज नेशन डिजिटल रहा। इसके बाद एक बार फिर हिन्दुस्तान दिल्ली से जुड़े और अब डिजिटल टीम का हिस्सा हैं। और पढ़ें


