20000 करोड़ रुपये के मिलिट्री ड्रोन खरीदने की तैयारी, इस शेयर की लगी लॉटरी, दनादन अपर सर्किट
मुख्य बातें
- ड्रोन बनाने वाली कंपनी आइडियाफोर्ज टेक्नोलॉजी के शेयर दनादन दूसरे दिन अपर सर्किट पर रहे हैं
- आइडियाफोर्ज के शेयर शुक्रवार को 5% के अपर सर्किट के साथ 943.50 रुपये पर बंद हुए हैं
- सरकार 20000 करोड़ रुपये के मिलिट्री ड्रोन खरीदने के ऑर्डर घरेलू कंपनियों को दे सकती है

ड्रोन बनाने वाली कंपनी आइडियाफोर्ज टेक्नोलॉजी के शेयर दनादन दूसरे दिन अपर सर्किट पर रहे हैं। आइडियाफोर्ज टेक्नोलॉजी के शेयर शुक्रवार को BSE में 5 पर्सेंट की तूफानी तेजी के साथ 943.50 रुपये पर पहुंच गए हैं। ड्रोन कंपनी के शेयरों में गुरुवार को भी 5 पर्सेंट का अपर सर्किट लगा था। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार मिलिट्री ड्रोन खरीदने का अब तक का सबसे बड़ा ऑर्डर दे सकती है। इस ऑर्डर से घरेलू ड्रोन कंपनियों को बड़ा फायदा होगा, इसी से ड्रोन कंपनियों के शेयरों में तूफानी तेजी आई है।
2 महीने में 136% चढ़ गए आइडियाफोर्ज के शेयर
ड्रोन बनाने वाली घरेलू कंपनी आइडियाफोर्ज टेक्नोलॉजी के शेयर पिछले दो महीने में 136 पर्सेंट उछल गए हैं। आइडियाफोर्ज के शेयर 6 अप्रैल 2026 को 400.45 रुपये पर थे। ड्रोन कंपनी के शेयर 5 जून 2026 को 943.50 रुपये पर बंद हुए हैं। पिछले 6 महीने में आइडियाफोर्ज के शेयर 112 पर्सेंट उछल गए हैं। वहीं, इस साल अब तक आइडियाफोर्ज टेक्नोलॉजी के शेयरों में 103 पर्सेंट की जबरदस्त तेजी देखने को मिली है। कंपनी के शेयरों ने शुक्रवार 5 जून को 52 हफ्ते का अपना नया हाई बनाया है। वहीं, आइडियाफोर्ज टेक्नोलॉजी के शेयरों का 52 हफ्ते का निचला स्तर 367.95 रुपये है।
20000 करोड़ रुपये के मिलिट्री ड्रोन खरीद सकती है सरकार
भारत सरकार इस साल घरेलू ड्रोन कंपनियों से 2 अरब डॉलर से ज्यादा (20000 करोड़ रुपये) के मिलिट्री ड्रोन्स खरीदने के ऑर्डर दे सकती है। यह सरकार की ऐसी सबसे बड़ी खरीद होगी। यह बात सरकार के साथ काम करने वाली इंडस्ट्री बॉडी ने रॉयटर्स को बताया है। ड्रोन फेडरेशन इंडिया के प्रेसिडेंट स्मित शाह ने बताया कि ड्रोन ऑर्डर करने से जुड़े प्लान्स अग्रिम चरण में हैं। उन्होंने कहा कि 18 से 24 महीने में डिलीवरी की उम्मीद है। शाह ने बताया, 'अगले चरण में टैक्टिकल ड्रोन की खरीद 20000 करोड़ रुपये से ज्यादा या 2 बिलियन डॉलर से अधिक की हो सकती है।' ड्रोन फेडरेशन इंडिया 550 से ज्यादा कंपनियों का प्रतिनिधित्व करती है।
ड्रोन और कंपोनेंट्स बनाने वाली 600 से ज्यादा कंपनियां
भारत में ड्रोन और उनके कंपोनेंट्स बनाने वाली 600 से ज्यादा कंपनियां हैं। 100 से ज्यादा कंपनियों का फोकस डिफेंस एप्लीकेशंस पर है। अगर बड़ी कंपनियों की बात करें तो उनमें अडानी ग्रुप,लार्सन एंड टुब्रो, टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स हैं। वहीं, आइडियाफोर्ज, न्यूस्पेस रिसर्च और एस्टेरिया एयरोस्पेस जैसी स्टार्टअप कंपनियां हैं। मार्च में डिफेंस मिनिस्ट्री ने ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट, मिसाइल सिस्टम्स और आर्म्ड ड्रोन्स खरीदने के लिए करीब 2.38 ट्रिलियन रुपये के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी।
लेखक के बारे में
Vishnu Soniविष्णु सोनी लाइव हिन्दुस्तान में बिजनेस, गैजेट्स और ऑटो सेक्शन संभाल रहे हैं। वह दिसंबर 2020 से लाइव हिन्दुस्तान के साथ
हैं। वह शेयर बाजार, कॉरपोरेट, पर्सनल फाइनेंस, गैजेट्स और ऑटो की खबरें लिखते हैं। गैजेट्स और ऑटो रिव्यू में भी इनकी
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विष्णु का ध्यान हमेशा रहा है।
पत्रकारिता में विष्णु को 20 साल पूरे होने को हैं। विष्णु के करियर का ज्यादातर हिस्सा बिजनेस जर्नलिज्म से जुड़ा रहा है।
वह दैनिक भास्कर, इकनॉमिक टाइम्स-हिंदी, अमर उजाला, नेटवर्क-18 और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर
चुके हैं। विष्णु ने पत्रकारिता की पढ़ाई इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मॉस कम्युनिकेशन (IIMC), दिल्ली से की है। विष्णु, इलाहाबाद
विश्वविद्यालय के गोल्ड मेडलिस्ट हैं। GST को लेकर बनाए गए विष्णु के एक वीडियो को अवॉर्ड भी मिल चुका है। कुकिंग,
ट्रेवलिंग, क्रिकेट देखने और खेलने में इनको मजा आता है। अपने वक्त का एक हिस्सा विष्णु ऐसे शेयरों को 'खोजने' में लगाते
हैं, जो कि आगे चलकर अच्छा रिटर्न दें।


