ड्रोन बनाने वाली कंपनी को मिला ₹120 करोड़ का डिफेंस ऑर्डर, शेयर पर रखें नजर
यह ऑर्डर कंपनी की सैन्य प्रशिक्षण प्रणालियों के क्षेत्र में पकड़ और मजबूत करेगा। कंपनी ने बताया कि पूरा प्रोजेक्ट एक साल के भीतर पूरा कर दिया जाएगा। कंपनी के शेयर आज गुरुवार को 1,372.60 रुपये पर बंद हुए।
Stock Order: डिफेंस टेक्नोलॉजी कंपनी जेन टेक्नोलॉजीज (Zen Technologies) ने गुरुवार को बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कंपनी को भारत के रक्षा मंत्रालय (MoD) से करीब ₹120 करोड़ का ऑर्डर मिला है, जिसमें विभिन्न प्रकार के ट्रेनिंग सिम्युलेटर्स और उपकरणों की सप्लाई शामिल है। यह ऑर्डर कंपनी की सैन्य प्रशिक्षण प्रणालियों के क्षेत्र में पकड़ और मजबूत करेगा। कंपनी ने बताया कि पूरा प्रोजेक्ट एक साल के भीतर पूरा कर दिया जाएगा। कंपनी के शेयर आज गुरुवार को 1,372.60 रुपये पर बंद हुए। अब कल शुक्रवार को शेयर पर निवेशकों की नजर रहेगी।
क्या है डिटेल
इस कॉन्ट्रैक्ट के तहत कंपनी अपने Comprehensive प्रशिक्षण नोड (CTN) की सप्लाई करेगी। CTN एक ऐसा इंटीग्रेटेड सिस्टम है, जिसमें कई तरह के ऑपरेशनल और कॉम्बैट ट्रेनिंग सिम्युलेटर्स शामिल होते हैं। इससे सैनिकों और रक्षा इकाइयों को वास्तविक परिस्थितियों जैसे प्रशिक्षण का अनुभव मिलता है। कंपनी ने स्पष्ट किया कि यह ऑर्डर किसी भी तरह की रिलेटेड-पार्टी ट्रांजैक्शन से जुड़ा नहीं है और न ही प्रमोटर ग्रुप का इससे कोई हित है।
कंपनी का कारोबार
जेन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड की स्थापना 1996 में हुई थी। यह कंपनी रक्षा और सुरक्षा बलों के लिए युद्ध प्रशिक्षण समाधान और ड्रोन-रोधी समाधानों का डिजाइन, विकास और निर्माण करती है। यह भारतीय सशस्त्र बलों, राज्य पुलिस बलों और अर्धसैनिक बलों के लिए लाभकारी तकनीकों के स्वदेशीकरण में सक्रिय रूप से शामिल है।
हैदराबाद मुख्यालय वाली जेन टेक्नोलॉजीज लंबे समय से सेना, पैरामिलिट्री और पुलिस बलों के लिए लाइव और वर्चुअल कॉम्बैट ट्रेनिंग सिस्टम विकसित कर रही है। देश में स्वदेशी रक्षा तकनीक को बढ़ावा मिलने के बाद से कंपनी को लगातार मजबूत ऑर्डर मिल रहे हैं। उन्नत सिम्युलेशन तकनीक की मांग बढ़ने से जेन की भूमिका और भी अहम होती जा रही है। विशेषज्ञों के मुताबिक, भारत में डिफेंस मॉडर्नाइजेशन और सिम्युलेटर-आधारित ट्रेनिंग पर बढ़ते फोकस से ऐसी कंपनियों को तेज बढ़त मिल रही है। जेन टेक्नोलॉजीज का यह नया ऑर्डर न केवल उसकी ऑर्डर बुक को मजबूत करता है, बल्कि आने वाले समय में घरेलू रक्षा उद्योग में उसकी मौजूदगी को और बढ़ाने वाला है।





