मिसाइल और गाइडेड बम बनाएंगी प्राइवेट कंपनियां! DRDO का बड़ा फैसला
मुख्य बातें
- DRDO ने मिसाइल और गाइडेड बम सिस्टम के विकास और उत्पादन के लिए भारतीय कंपनियों से रुचि पत्र मांगा है
- DRDO के रिसर्च सेंटर इमारत (RCI) ने यह रुचि पत्र जारी किया है

डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (DRDO) ने प्राइवेट कंपनियों को मिसाइल, गाइडेड बम सिस्टम के डेवलपमेंट और प्रोडक्शन में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है। यह पहल डेवलपमेंट कम प्रोडक्शन पार्टनर (DcPP) प्रोग्राम के तहत किया जा रहा है।
क्या है प्लान?
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक DRDO के रिसर्च सेंटर इमारत (RCI) ने एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट यानी रुचि पत्र जारी किया है। इसके तहत ऐसी भारतीय कंपनियों की पहचान और शॉर्टलिस्टिंग की जाएगी, जो DRDO द्वारा डिजाइन किए गए हथियारों के विकास, असेंबली, एकीकरण और आगे उत्पादन में भाग ले सकें। शॉर्टलिस्ट होने वाली कंपनियों को संबंधित परियोजनाओं के लिए बाद में रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (RFP) प्रक्रिया में शामिल किया जा सकता है।
ईटी की एक खबर के मुताबिक भारतीय कंपनियों को टेक्निकल और फाइनेंशियल आधार पर शॉर्टलिस्ट किया जाएगा। DRDO के मुताबिक आवेदन करने वाली कंपनी का न्यूनतम सालाना टर्नओवर ₹100 करोड़ होना चाहिए। इस EOI में न्यूनतम नेटवर्थ ₹34 करोड़ तय की गई है।
डेवलपमेंट कम प्रोडक्शन पार्टनर मॉडल के तहत हर प्रोजेक्ट के लिए कम से कम दो कंपनियों को चुना जाएगा। दोनों कंपनियां टेस्टिंग के लिए प्रोटोटाइप बनाने के वास्ते DRDO के साथ मिलकर काम करेंगी और जब रणनीतिक बलों की ओर से बड़ी संख्या में सिस्टम का ऑर्डर दिया जाएगा, तो उन्हें भी ऑर्डर मिलेंगे।
ये लाइसेंस है जरूरी
आवेदक कंपनी के पास रक्षा उत्पादों के लिए जरूरी औद्योगिक लाइसेंस होना चाहिए। विस्फोटकों के रखरखाव और भंडारण के लिए PESO से लाइसेंस लेना भी जरूरी होगा। उत्पादन ऑर्डर मिलने के एक साल के भीतर कंपनी के पास कम से कम 5 टन विस्फोटक भंडारण क्षमता वाली सुविधा होनी चाहिए। शॉर्टलिस्ट करने से पहले, DRDO द्वारा बनाई गई एक्सपर्ट्स की एक कमेटी कंपनी के परिसर का दौरा करेगी।
इन प्राइवेट कंपनियों का हो सकता है चयन
अभी, स्ट्रैटेजिक हथियारों का प्रोडक्शन मुख्य रूप से भारत डायनामिक्स लिमिटेड जैसी पब्लिक सेक्टर की कंपनियों द्वारा किया जाता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि सोलर एयरोस्पेस एंड डिफेंस और टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड जैसी स्थापित प्राइवेट कंपनियों के भी बड़े नए प्रोजेक्ट्स के लिए चुने जाने की उम्मीद है।
बता दें कि DRDO के मुताबिक रुचि पत्र के लिए प्रस्ताव जमा करने की अंतिम तारीख 24 सितंबर 2026 है। तकनीकी बातचीत 2 सितंबर को निर्धारित की गई है, जबकि प्राप्त प्रस्तावों को 25 सितंबर को खोला जाएगा। चयनित कंपनियों की पात्रता सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी की तारीख से दो साल तक वैध रहेगी। DRDO ने साफ किया है कि यह EOI किसी वित्तीय प्रतिबद्धता की गारंटी नहीं देता है। मतलब ये कि जरूरत पड़ने पर इसे संशोधित, वापस या किसी भी चरण में समाप्त किया जा सकता है।


