काम की बात: ITR फाइल करने की लास्ट डेट 31 जुलाई चूक गए तो क्या होगा?
मुख्य बातें
- e-Filing पोर्टल पर 20 जुलाई तक के दिए गए डेटा के मुताबिक एसेसमेंट ईयर 2026-27 के 2,99,19,219 रिटर्न फाइल हो चुके थे और इनमें से 2,83,02,881 ITR वेरीफाई भी हो गए थे
- जबकि, 1,73,70,255 रिटर्न प्रोसेस्ड भी हो चुके थे

सीए कह रहे कि अगर आप इनकम टैक्स रिटर्न यानी ITR फाइल करने की लास्ट डेट बढ़ने के चक्कर में पड़े हैं तो आगे परेशान हो सकते हैं। अगर लास्ट डेट 31 जुलाई 2026 नहीं बढ़ी तो बहुत सारा नुकसान उठाना पड़ सकता है। इस खबर के जरिए सीए अजय बगड़िया, सीए संतोष मिश्रा और सीए अभिनंदन पांडेय ने समय पर आईटीआर भरने के फायदे और तय डेडलाइन के बाद रिटर्न भरने के नुकसान बताए हैं।
इनकम टैक्स डिपॉर्मेंट के e-Filing पोर्टल पर 20 जुलाई तक के दिए गए डेटा के मुताबिक एसेसमेंट ईयर 2026-27 के 2,99,19,219 रिटर्न फाइल हो चुके थे और इनमें से 2,83,02,881 ITR वेरीफाई भी हो गए थे। जबकि, 1,73,70,255 रिटर्न प्रोसेस्ड भी हो चुके थे।
सबसे जरूरी तारीख 31 जुलाई 2026
सीए संतोष मिश्रा ने बताया कि अगर आप कहीं नौकरी करते हैं या पेंशन पाते हैं या फिर घर बेचने या शेयर से मुनाफा कमाते हैं। चाहे आपकी आमदनी का स्रोत सिर्फ सैलरी और कैपिटल गेन है तो आपके लिए ITR फाइल करने की लास्ट डेट 31 जुलाई ही है। अभी इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है।
अगर आप इस डेड लाइन तक ITR नहीं भरते हैं तो आपको जुर्माना और ब्याज दोनों चुकाना होगा। इसके अलावा शेयर या प्रॉपर्टी में हुए घाटे को भविष्य के मुनाफे से एडजस्ट करने का अधिकार भी खत्म हो जाएगा।
31 अगस्त 2026: यह डेड लाइन किसके लिए है
सीए अजय बगड़िया ने बताया कि अगर आपका बिजनेसमैन हैं और आपके अकाउंट्स का टैक्स ऑडिट जरूरी नहीं है, तो आपको ITR-3 या ITR-4 भरना है। आपके लिए आईटीआर फाइल करने की लास्ट डेट 31 अगस्त 2026 है। अगर आप इस स्थिति में हैं तो 31 अगस्त का इंतजार करने के बजाय जल्दी तैयारी कर लें, ताकि आखिरी भीड़ और तकनीकी दिक्कतों से बच सकें।
समय पर रिटर्न भरने के फायदे
सीए अभिनंदन पांडेय ने हिन्दुस्तान को बताया कि 31 जुलाई 2026 और 31 अगस्त 2026 दो सबसे बड़ी डेडलाइन हैं, जिन्हें अधिकतर लोगों को पकड़ना है। समय पर रिटर्न भरने से न सिर्फ जुर्माने और ब्याज से बचत होती है, बल्कि आप घाटे को आगे ले जाने का लाभ भी उठा सकते हैं।
इसके अलावा लोन लेने, वीजा आवेदन करने और वित्तीय विश्वसनीयता बनाए रखने में भी समय पर भरा गया आईटीआर मददगार साबित होता है। इसलिए अपनी श्रेणी की आखिरी तारीख को ध्यान में रखते हुए जल्द से जल्द तैयारी शुरू करें और नियत तिथि से पहले ही रिटर्न दाखिल कर सभी कानूनी व वित्तीय लाभ सुनिश्चित करें।
लेखक के बारे में
Drigraj Madheshiaदृगराज मद्धेशिया पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' की बिजनेस टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में, वे शेयर बाजार, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी सेक्टर पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं। वह कलम से बाजार की नब्ज टटोलने वाले एक पत्रकार हैं, जो शेयर बाजार से लेकर आपकी जेब (Personal Finance) तक, हर खबर को आसान बनाते हैं। टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के अपने विस्तृत अनुभव के साथ, दृगराज जटिल मार्केट डेटा को आम पाठकों के लिए 'कुछ अलग' और आसान भाषा में पेश करने के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में हिन्दुस्तान, सहारा समय, दैनिक जागरण और न्यूज नेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। मूलत: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले दृगराज मैथ्स बैकग्राउंड होने के कारण डेटा और कैलकुलेशन में माहिर हैं, जो बिजनेस पत्रकारिता के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है। उन्होंने कॅरियर की शुरुआत गोरखपुर से सहारा समय साप्ताहिक से बतौर फ्रीलांसर की और बहुत ही जल्द सहारा समय उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के हिस्सा बन गए। इसके बाद छत्तीसगढ़ में वॉच न्यूज से जुड़े। टीवी को छोड़ हिन्दुस्तान अखबार के बरेली एडिशन की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा बने। साढ़े सात साल की मैराथन पारी के बाद अगला पड़ाव न्यूज नेशन डिजिटल रहा। इसके बाद एक बार फिर हिन्दुस्तान दिल्ली से जुड़े और अब डिजिटल टीम का हिस्सा हैं। और पढ़ें


