एलन मस्क पर 'स्पेस' से डॉलर की बारिश, नेटवर्थ 971 अरब डॉलर, कई देशों की GDP से अधिक हुई दौलत
मुख्य बातें
- Elon Musk Networth: एलन मस्क की सबसे बड़ी संपत्ति का स्रोत अब SpaceX है
- 2021 में वे पहली बार दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति बने थे
- 2022 में उन्होंने ट्विटर (अब X) को 44 अरब डॉलर में खरीदा था
- उनका सपना मंगल ग्रह पर बसना है

दुनिया के सबसे अमीर कारोबारी एलन मस्क की संपत्ति में ऐसा उछाल आया है जिसने अरबपतियों की दुनिया के सारे रिकॉर्ड हिला दिए हैं। एलन मस्क पर 'स्पेस' से डॉलर की इतनी बारिश हुई कि एक ही दिन में उनकी दौलत में 274 अरब डॉलर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह रकम कई देशों की पूरी अर्थव्यवस्था से भी बड़ी है। अगर मस्क के नेटवर्थ की बात करें तो वह खरबपति बनने से केवल 29 अरब डॉलर दूर हैं। उनकी संपत्ति में यह उछाल उनके SpaceX के आईपीओ से आया है।
इजरायल की जीडीपी से अधिक है मस्क की दौलत
अगर दुनिया के कई देशों की जीडीपपी से तुलना करें तो मस्क के पास आयरलैंड (779.38 अरब डॉलर), बेल्जियम (776.73 अरब डॉलर), स्वीडन (760.48 अरब डॉलर), इजरायल (719.85 अरब डॉलर), अर्जेंटिना (688.38 अरब डॉलर) की जीडीपी से भी अधिक है।
भारत के कई राज्यों सालाना बजट से कई गुना है मस्क की 1 दिन की कमाई
मस्क की सिर्फ एक महीने की 274 अरब डॉलर की संपत्ति वृद्धि भारतीय रुपये में करीब 26.27 लाख करोड़ रुपये बैठती है। यह रकम भारत के कई राज्यों के वार्षिक बजट से कई गुना अधिक है। तुलना करें तो यह राशि भारत की कई बड़ी सूचीबद्ध कंपनियों के संयुक्त मार्केट कैप के बराबर है। ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स के मुताबिक साल 2026 की शुरुआत से ही उनकी संपत्ति में 351 अरब डॉलर का इजाफा हो चुका है, जो 56.7% की बढ़ोतरी दर्शाता है।
आखिर इतनी तेजी से कैसे बढ़ी दौलत?
इस चौंकाने वाली छलांग के पीछे सबसे बड़ी वजह मस्क की अंतरिक्ष कंपनी SpaceX है। जून 2026 में SpaceX के शेयरों का वैल्युएशन 135 डॉलर प्रति शेयर के ऑफर प्राइस पर किया गया, जिससे मस्क की हिस्सेदारी का मूल्य अचानक बढ़ गया।
इसके अलावा मई 2026 में SpaceX से जुड़ी 45 अरब डॉलर की लायबिलिटी को उनकी नेटवर्थ गणना से हटा दिया गया। इससे भी उनकी कुल संपत्ति में भारी बढ़ोतरी दर्ज हुई। मस्क के पास SpaceX के लगभग 4.76 अरब शेयर हैं। कंपनी के नए वैल्युएशन ने उनकी संपत्ति को रॉकेट की रफ्तार दे दी है।
टेस्ला अब भी बड़ा सहारा
मस्क इलेक्ट्रिक कार Tesl बनाने वाली कंपनी के सीईओ हैं और कंपनी में उनकी करीब 11% हिस्सेदारी है। हालांकि SpaceX अब उनकी सबसे बड़ी संपत्ति बन चुकी है, लेकिन टेस्ला के शेयरों में मजबूती भी उनकी दौलत बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रही है।
xAI और X का भी बड़ा योगदान
मस्क की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी xAI ने 2025 में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X का अधिग्रहण किया था। इसके बाद 2026 में xAI और SpaceX का मर्जर 1.25 ट्रिलियन डॉलर के मूल्यांकन पर किया गया। इस डील ने भी मस्क की संपत्ति को नई ऊंचाई पर पहुंचाने में मदद की।
दक्षिण अफ्रीका से दुनिया का सबसे अमीर इंसान बनने तक का सफर
1971 में दक्षिण अफ्रीका के प्रिटोरिया में जन्मे मस्क ने 10 साल की उम्र में अपना पहला कंप्यूटर खरीदा था। 12 साल की उम्र में उन्होंने "Blastar" नाम का वीडियो गेम बनाया और बेच दिया। इसके बाद Zip2, X.com, PayPal, SpaceX, Tesla, SolarCity और xAI जैसी कंपनियों के जरिए उन्होंने तकनीक, ऊर्जा, पेमेंट और अंतरिक्ष क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई।
इनपुट: IMF, ब्लूमबर्ग
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Drigraj Madheshiaदृगराज मद्धेशिया पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' की बिजनेस टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में, वे शेयर बाजार, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी सेक्टर पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं। वह कलम से बाजार की नब्ज टटोलने वाले एक पत्रकार हैं, जो शेयर बाजार से लेकर आपकी जेब (Personal Finance) तक, हर खबर को आसान बनाते हैं। टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के अपने विस्तृत अनुभव के साथ, दृगराज जटिल मार्केट डेटा को आम पाठकों के लिए 'कुछ अलग' और आसान भाषा में पेश करने के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में हिन्दुस्तान, सहारा समय, दैनिक जागरण और न्यूज नेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। मूलत: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले दृगराज मैथ्स बैकग्राउंड होने के कारण डेटा और कैलकुलेशन में माहिर हैं, जो बिजनेस पत्रकारिता के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है। उन्होंने कॅरियर की शुरुआत गोरखपुर से सहारा समय साप्ताहिक से बतौर फ्रीलांसर की और बहुत ही जल्द सहारा समय उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के हिस्सा बन गए। इसके बाद छत्तीसगढ़ में वॉच न्यूज से जुड़े। टीवी को छोड़ हिन्दुस्तान अखबार के बरेली एडिशन की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा बने। साढ़े सात साल की मैराथन पारी के बाद अगला पड़ाव न्यूज नेशन डिजिटल रहा। इसके बाद एक बार फिर हिन्दुस्तान दिल्ली से जुड़े और अब डिजिटल टीम का हिस्सा हैं। और पढ़ें


