सरकार के एक फैसले से रॉकेट बना इस टेक कंपनी का शेयर! अभी ₹16,000 तक जाएगा स्टॉक?
मुख्य बातें
- केंद्र सरकार की ₹62,500 करोड़ की नई मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग स्कीम को मंजूरी मिलने के बाद डिक्सन टेक्नोलॉजीज़ (Dixon Technologies) के शेयर में 7% से ज्यादा की तेजी देखने को मिली
- HSBC ने कंपनी की रेटिंग 'Hold' से 'Buy' कर दी और टारगेट प्राइस ₹12,000 से बढ़ाकर ₹16,000 कर दिया

इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की दिग्गज कंपनी डिक्सन टेक्नोलॉजीज़ (Dixon Technologies) के शेयरों में गुरुवार को जबरदस्त तेजी देखने को मिली। कंपनी का शेयर कारोबार के दौरान 7% से अधिक चढ़ गया। इस उछाल की सबसे बड़ी वजह केंद्र सरकार द्वारा ₹62,500 करोड़ की नई मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग स्कीम को मंजूरी देना और उसके बाद अंतरराष्ट्रीय ब्रोकरेज हाउस HSBC का कंपनी पर भरोसा जताना है। HSBC ने डिक्सन टेक की रेटिंग को 'Hold' से बढ़ाकर ‘Buy’ कर दिया है और शेयर का टारगेट प्राइस भी ₹12,000 से बढ़ाकर ₹16,000 कर दिया है, यानी मौजूदा स्तर से भी शेयर में करीब 17% की संभावित तेजी की उम्मीद जताई गई है।
दिलचस्प बात यह है कि लगातार दूसरे दिन किसी बड़े ब्रोकरेज ने डिक्सन टेक्नोलॉजीज़ (Dixon Technologies) पर सकारात्मक रिपोर्ट जारी की है। इससे एक दिन पहले Macquarie ने भी कंपनी का टारगेट बढ़ाकर ₹16,000 कर दिया था। इससे साफ है कि बड़े निवेश संस्थानों को आने वाले वर्षों में Dixon के कारोबार और मुनाफे में मजबूत ग्रोथ की उम्मीद दिखाई दे रही है।
HSBC का मानना है कि सरकार की नई मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग स्कीम पुराने PLI (Production Linked Incentive) कार्यक्रम की जगह लेगी। इससे मोबाइल निर्माण कंपनियों को दोबारा प्रोत्साहन मिलेगा और Dixon जैसी कंपनियों के लिए ग्राहकों को बनाए रखना आसान होगा। ब्रोकरेज के अनुसार, इस योजना से कंपनी के मोबाइल फोन बिजनेस का मार्जिन लगभग 30 बेसिस प्वाइंट तक बेहतर हो सकता है। इसी भरोसे के चलते HSBC ने कंपनी के वैल्यूएशन मल्टीपल को भी बढ़ाया है।
वहीं, Macquarie की रिपोर्ट में कहा गया है कि विवो मोबाइल इंडिया (Vivo Mobile India) के साथ हाल ही में हुई संयुक्त उद्यम (Joint Venture) की डील Dixon के लिए बड़ा गेमचेंजर साबित हो सकती है। इस साझेदारी के जरिए भारत में स्मार्टफोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसों का निर्माण किया जाएगा। ब्रोकरेज का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2026 से 2029 के बीच कंपनी की आय (Revenue) 28% की CAGR और प्रति शेयर आय (EPS) 43% की CAGR से बढ़ सकती है। अगर ऐसा होता है तो 2029 तक कंपनी की कमाई कई गुना बढ़ सकती है।
सरकार की नई योजना भी डिक्सन (Dixon) जैसी कंपनियों के लिए बड़ा अवसर लेकर आई है।₹62,500 करोड़ की इस स्कीम का उद्देश्य भारत को मोबाइल निर्माण का वैश्विक हब बनाना है। सरकार का लक्ष्य अगले 5 सालों में ₹39 लाख करोड़ के मोबाइल उत्पादन और ₹15 लाख करोड़ के निर्यात का है। इससे इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में निवेश, रोजगार और उत्पादन तीनों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
ब्रोकरेज हाउसों का भरोसा
ब्रोकरेज हाउसों का भरोसा भी डिक्सन (Dixon) के पक्ष में नजर आ रहा है। कंपनी को कवर करने वाले 33 विश्लेषकों में से 24 ने ‘Buy’, 3 ने 'Hold' और केवल 6 ने 'Sell' की रेटिंग दी है। यानी अधिकांश विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनी के ग्रोथ की संभावनाएं अभी भी मजबूत बनी हुई हैं।
आज का शेयर परफॉर्मेंस
खबर लिखे जाने तक डिक्सन टेक्नोलॉजीज (इंडिया) लिमिटेड (Dixon Technologies -India Ltd) के शेयर करीब 6% की तेजी के साथ 14,363 रुपये पर कारोबार कर रहे थे।
हालांकि, निवेशकों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि किसी भी शेयर में निवेश केवल ब्रोकरेज रिपोर्ट के आधार पर नहीं करना चाहिए। कंपनी के वैल्यूएशन, जोखिम, बाजार की स्थिति और अपने निवेश लक्ष्य को ध्यान में रखकर ही फैसला लेना चाहिए। फिर भी, सरकार की नई योजना, Vivo के साथ साझेदारी और लगातार मिल रहे सकारात्मक ब्रोकरेज अपग्रेड ने डिक्सन टेक्नोलॉजी (Dixon Technologies) को फिलहाल बाजार की सबसे चर्चित इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों में शामिल कर दिया है।


