
छोटी कंपनी को मिला अडानी समूह से बड़ा ऑर्डर, ₹143 का शेयर, कल रहेगी नजर
Small Cap stock: छोटे कैप वाली मल्टीबैगर कंपनी डायमंड पावर इन्फ्रास्ट्रक्चर (DPIL) ने गुरुवार मार्केट बंद होने के बाद बड़े ऑर्डर की घोषणा की, जिसके चलते शुक्रवार, 5 दिसंबर के सत्र में शेयरों में निवेशकों की नजर बनी रह सकती है।
Small Cap stock: छोटे कैप वाली मल्टीबैगर कंपनी डायमंड पावर इन्फ्रास्ट्रक्चर (DPIL) ने गुरुवार मार्केट बंद होने के बाद बड़े ऑर्डर की घोषणा की, जिसके चलते शुक्रवार, 5 दिसंबर के सत्र में शेयरों में निवेशकों की नजर बनी रह सकती है। कंपनी को अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड से 33KV HV केबल्स (2,126 किमी) और 3.3KV सोलर MV केबल्स (3,539 किमी) सप्लाई करने का ऑर्डर मिला है, जिसकी कुल कीमत ₹747.64 करोड़ है। यह प्रोजेक्ट जनवरी 2026 से दिसंबर 2026 के बीच पूरा किया जाना है। कंपनी ने यह भी साफ किया कि यह ऑर्डर किसी भी तरह की रिलेटेड-पार्टी ट्रांजैक्शन के तहत नहीं आता। आज गुरुवार को कंपनी के शेयर 143 रुपये के भाव पर बंद हुए हैं।
एक महीने में दूसरा बड़ा ऑर्डर
यह DPIL का एक महीने में दूसरा बड़ा ऑर्डर है। इससे पहले 24 नवंबर को कंपनी ने अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस से ₹276 करोड़ का ऑर्डर हासिल किया था, जिसके तहत खवड़ा प्रोजेक्ट के लिए 7,668 किमी AL-59 ज़ेबरा कंडक्टर सप्लाई किए जाएंगे। करीब ₹7,538 करोड़ के मार्केट कैप वाली यह स्मॉल-कैप कंपनी LV, MV और EHV केबल्स तथा कंडक्टर्स की प्रमुख निर्माता है। पावर जनरेशन, ट्रांसमिशन, डिस्ट्रीब्यूशन और इंडस्ट्रियल सेक्टर में इसके उत्पादों की अहम भूमिका है। कंपनी को NCLT प्रोसेस के जरिए GSEC-मोनार्क ग्रुप ने अधिग्रहित किया था और इसकी 110 एकड़ में फैली वडोदरा प्लांट में चरणबद्ध तरीके से प्रोडक्शन फिर शुरू किया जा रहा है।
कंपनी ने क्या कहा
कंपनी का कहना है कि वह सरकारी डिस्कॉम, प्राइवेट डिस्कॉम, EPC कॉन्ट्रैक्टर्स, इंडस्ट्रियल क्लाइंट्स और एक्सपोर्ट मार्केट को लगातार सप्लाई करती है। FY24 में DPIL को खास तौर पर सोलर और इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) सेक्टर में बड़ी ग्रोथ संभावनाएं दिखाई दीं, क्योंकि देश में नवीकरणीय ऊर्जा और EV इन्फ्रास्ट्रक्चर की मांग तेजी से बढ़ रही है। मार्च 2025 में कंपनी ने अपने पहले रॉड मिल में कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू किया था, जिसकी क्षमता 80 मीट्रिक टन प्रति दिन है। यह यूनिट उसकी पूरी तरह से स्वामित्व वाली सहायक कंपनी DICABS नेक्स्टजेन स्पेशल अलॉयज प्राइवेट लिमिटेड के तहत आती है।
शेयरों के हाल
शेयरों की बात करें तो स्टॉक जुलाई में अपने 1-वर्षीय उच्च स्तर ₹185 से 23% गिर चुका है, हालांकि रिटर्न के मामले में यह अब भी दंग कर देने वाला प्रदर्शन कर रहा है। पिछले दो साल में शेयर 1,246% चढ़ा है, जबकि पांच साल में 2,04,257% की अविश्वसनीय बढ़त दी है। कंपनी के लगातार नए ऑर्डर और बढ़ती औद्योगिक मांग से निवेशक अब इस स्टॉक पर और भी बारीकी से नजर रख रहे हैं।





