
ट्रंप टैरिफ के बावजूद GDP ग्रोथ रहेगी तेज, RBI से विश्व बैंक तक का ये है अनुमान
पूरे साल के दौरान जीडीपी 201.90 लाख करोड़ रुपये रहने की संभावना है। यह बीते वित्तीय वर्ष के 187.97 लाख करोड़ रुपये की तुलना में 7.4 प्रतिशत अधिक है।
अमेरिकी टैरिफ के दबाव के बावजूद चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में भारत की सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की वृद्धि दर 7.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है। बुधवार को राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय ने 31 मार्च को समाप्त हो रहे वित्तीय वर्ष के लिए आर्थिक विकास दर का अग्रिम अनुमान जारी किया।
रिपोर्ट में कहा गया है कि सेवा क्षेत्र, निवेश में तेजी और स्थिर खपत के दम पर अर्थव्यवस्था के बेहतर प्रदर्शन करने की उम्मीद है। पूरे साल के दौरान जीडीपी 201.90 लाख करोड़ रुपये रहने की संभावना है। यह बीते वित्तीय वर्ष के 187.97 लाख करोड़ रुपये की तुलना में 7.4 प्रतिशत अधिक है।
पिछले साल जीडीपी ग्रोथ 6.5 प्रतिशत रही
बीते वित्तीय वर्ष 2024-25 में देश की जीडीपी ग्रोथ रेट 6.5 प्रतिशत रही थी। इस हिसाब से बीते वित्तीय वर्ष के मुकाबले चालू वित्तीय वर्ष में जीडीपी 0.9 प्रतिशत अधिक रहने का अनुमान है।
किस सेक्टर का कैसा रहेगा प्रदर्शन
चालू वित्तीय वर्ष में लोक प्रशासन, रक्षा एवं अन्य सेवा, वित्तीय, रियल एस्टेट एवं पेशेवर सेवाओं की वृद्धि दर 9.9 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया है। इसके बाद व्यापार, होटल, परिवहन, संचार एवं प्रसारण सेवा क्षेत्र की वृद्धि दर 7.5 प्रतिशत रहने की संभावना है। वहीं, विनिर्माण और निर्माण क्षेत्रों की वृद्धि दर सात-सात फीसदी रहेगी।
कृषि क्षेत्र में 3.1 प्रतिशत और बिजली, गैस, जलापूर्ति एवं अन्य यूटिलिटी सेवाओं की वृ्द्धि दर 2.1 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया गया है। हालांकि खनन क्षेत्र में गिरावट की संभावना जताई गई है। पहले अग्रिम अनुमान से 0.7 प्रतिशत की गिरावट रह सकती है। पहले 7.8 प्रतिशत का अनुमान लगाया गया था, जो इस बार घटाकर 7.1 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया गया है।
जीडीपी के प्रमुख अनुमान
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय: 7.4%
भारतीय रिजर्व बैंक : 7.3%
अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष : 6.6%
गोल्डमैन सैक्स: 6.7%
विश्व बैंक : 6.5%
एसएंडपी: 6.5%

लेखक के बारे में
Drigraj Madheshiaदृगराज मद्धेशिया:-लाइव हिन्दुस्तान में पिछले 6 साल से बिजनेस टीम का अहम हिस्सा हैं। दृगराज को पत्रकारिता में 21 वर्षों का लंबा अनुभव है। इन्होंने टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी स्पेशल खबरों से खास पहचान बनाई है। शेयर मार्केट, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी पर विशेष पकड़। मैथ्स से ग्रेजुएट, मास कम्युनिकेशन और कंप्यूटर साइंस में पीजी डिप्लोमा। दृगराज, रिसर्च और एनॉलिस के जरिए मार्केट डेटा को आसान भाषा में 'कुछ अलग' पाठकों तक पहुंचाते हैं। लाइव हिन्दुस्तान से पहले साढ़े सात साल तक हिन्दुस्तान अखबार में बतौर सीनियर रिपोर्टर काम किया। इसके अलावा सहारा समय, दैनिक जागरण, न्यूज नेशन में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
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