
हर शेयर पर ₹35 डिविडेंड, डिफेंस कंपनी ने दिया निवेशकों को तोहफा
डिफेंस सेक्टर की कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने निवेशकों को डिविडेंड का तोहफा दिया है। कंपनी के मुताबिक अंतरिम डिविडेंड के भुगतान के लिए रिकॉर्ड तिथि बुधवार, 18 फरवरी 2026 निर्धारित की गई है।
HAL Q3 Result: डिफेंस सेक्टर की कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने दिसंबर तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। इसके साथ ही कंपनी ने निवेशकों को डिविडेंड का भी तोहफा दिया है। इस तिमाही में कंपनी ने प्रॉफिट में करीब 30 पर्सेंट की वार्षिक वृद्धि दर्ज की। वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में परिचालन से राजस्व में 10.65% की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई और यह ₹7,698.80 करोड़ तक पहुंच गया। परिचालन मोर्चे पर इसका एबिटा वार्षिक आधार पर 30.5% बढ़कर ₹1870.97 करोड़ हो गया जबकि पिछले वर्ष यह ₹1433.21 करोड़ था। वहीं, मार्जिन एक वर्ष पहले के 20% से बढ़कर 24% हो गया।
डिविडेंड का ऐलान
हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड के निदेशक मंडल ने वित्त वर्ष 2026 के लिए डिविडेंड का भी ऐलान किया है। कंपनी ने बताया कि 5 रुपये के प्रत्येक पूर्ण भुगतान वाले इक्विटी शेयर पर 35 रुपये का पहला अंतरिम डिविडेंड घोषित किया गया है। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स ने पहले अंतरिम डिविडेंड के भुगतान के लिए रिकॉर्ड तिथि बुधवार, 18 फरवरी 2026 निर्धारित की है। कंपनी ने बताया कि डिविडेंड का भुगतान सभी पात्र शेयरधारकों को 14 मार्च 2026 को या उससे पहले कर दिया जाएगा। आंकड़े बताते हैं कि हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने 28 मार्च 2019 से अब तक 14 डिविडेंड घोषित किए हैं। कंपनी द्वारा घोषित अंतिम डिविडेंड 15 रुपये का था। इसकी रिकॉर्ड तिथि 21 अगस्त, 2025 थी।
शेयर का परफॉर्मेंस
हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड के शेयर की कीमत बीएसई पर दिन के निचले स्तर से 2% से अधिक बढ़कर ₹4184 तक पहुंच गई। लॉन्ग टर्म में इस शेयर ने निवेशकों को मल्टीबैगर रिटर्न दिया है। निवेशकों को एक वर्ष में 700% से अधिक का रिटर्न मिला तो दो सप्ताह में 10% और तीन महीनों में 12.50% टूट चुका है।
तेजस हल्के लड़ाकू विमान तैयार
हाल ही में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने बताया कि पांच तेजस हल्के लड़ाकू विमान भारतीय वायु सेना को सौंपने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। दरअसल, रक्षा मंत्रालय ने फरवरी 2021 में वायु सेना के लिए 83 तेजस एमके-1ए लड़ाकू विमान खरीदने के लिए एचएएल के साथ 48,000 करोड़ रुपये का करार किया था। हालांकि जीई एयरोस्पेस द्वारा इंजन की आपूर्ति कई समय सीमाओं के बावजूद नहीं होने की वजह से इन लड़ाकू विमानों की आपूर्ति में देरी हो रही है। तेजस सिंगल इंजन वाला बहुउद्देशीय लड़ाकू विमान है जो उच्च खतरे वाले हवाई वातावरण में अपने मिशन को अंजाम देने में सक्षम है। इसे वायु रक्षा, समुद्री टोही और आक्रमणकारी भूमिकाओं को निभाने के लिए डिजाइन किया गया है।





