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डील पक्की: TCS ने यूके की कंपनी से जीता 1 अरब डॉलर का ऑर्डर

डील पक्की: TCS ने यूके की कंपनी से जीता 1 अरब डॉलर का ऑर्डर

संक्षेप:

भारत की सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर सेवा कंपनी, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) ने स्पेनिश दूरसंचार दिग्गज टेलीफोनिका की ब्रिटिश शाखा, टेलीफोनिका यूके से 10 साल में 1 अरब डॉलर से अधिक मूल्य का एक बड़ा ऑर्डर हासिल किया है।

Dec 17, 2025 06:56 am ISTDrigraj Madheshia लाइव हिन्दुस्तान
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भारत की सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर सेवा कंपनी, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) ने स्पेनिश दूरसंचार दिग्गज टेलीफोनिका की ब्रिटिश शाखा, टेलीफोनिका यूके से 10 साल में 1 अरब डॉलर से अधिक मूल्य का एक बड़ा ऑर्डर हासिल किया है। इस सौदे के साथ, कंपनी को लगभग दो साल बाद इतने बड़े कांट्रैक्ट की प्राप्ति हुई है। टेलीफोनिका यूके ब्रिटेन में O2 मोबाइल सेवा ब्रांड चलाती है।

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क्या है कांट्रैक्ट में

मुंबई स्थित टीसीएस इस कान्ट्रैक्ट के तहत एप्लिकेशन और इन्फ्रास्ट्रक्चर से जुड़ा कार्य करेगी। इस सौदे का अधिकतर हिस्सा कंपनी के लिए नया काम है। दो अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी, जिन्होंने नाम न छापने की शर्त रखी। आने वाले हफ्तों में इसकी आधिकारिक घोषणा होने की उम्मीद है।

यूके में चौथी बड़ी डील

यह टीसीएस के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी के. कृतिवासन के कार्यकाल में यूनाइटेड किंगडम से मिला चौथा 1 अरब डॉलर का अनुबंध है। कृतिवासन ने जून 2023 में पदभार संभाला था। उसी महीने, कंपनी ने यूके की सबसे बड़ी वर्कप्लेस पेंशन योजना, यूके नेशनल एम्प्लॉयमेंट सेविंग्स ट्रस्ट के साथ 1.1 अरब डॉलर का अनुबंध किया था।

तीन महीने बाद, उसे जगुआर लैंड रोवर के साथ 1 अरब डॉलर का डिजिटल परिवर्तन अनुबंध मिला। पिछले साल जनवरी में, कंपनी को ब्रिटिश बीमा कंपनी एविवा के साथ 2.5 अरब डॉलर का, 15 साल का प्रशासनिक अनुबंध मिला था, जो अब तक का सबसे बड़ा सौदा है।

यूके है अहम बाजार

टीसीएस के लिए अमेरिका के बाद यूनाइटेड किंगडम दूसरा सबसे बड़ा बाज़ार है, जो उसके 30.18 अरब डॉलर के वार्षिक राजस्व में लगभग 17% का योगदान करता है। इस खबर के प्रकाशन के समय तक, टीसीएस और टेलीफोनिका की ओर से भेजे गए सवालों का जवाब नहीं मिला था।

मुनाफे पर असर का डर

पहले जिक्र किए गए दोनों अधिकारियों ने टेलीफोनिका यूके सौदे में मुनाफे की दर कम होने की ओर इशारा किया है। उन्होंने दावा किया कि यह दर टीसीएस के 24.2% के परिचालन मार्जिन से कम है, हालांकि उन्होंने अधिक विवरण नहीं दिए।

यह रणनीति में बदलाव का संकेत है, क्योंकि आईटी आउटसोर्सिंग कंपनी पारंपरिक रूप से कंपनी के समग्र मुनाफे से कम दर वाले अनुबंध करने से बचती रही है। यह दूसरा ऐसा सौदा है जो एक दूरसंचार कंपनी के साथ है और कंपनी के समग्र मार्जिन को नुकसान पहुंचा रहा है।

बीएसएनल सौदे जैसी स्थिति

सार्वजनिक दूरसंचार ऑपरेटर भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) के साथ कंपनी का 1.83 अरब डॉलर का अनुबंध भी एक ऐसा ही सौदा था जिसने कंपनी की लाभप्रदता को नुकसान पहुंचाया। उस सौदे के तहत टीसीएस ने बीएसएनएल के लिए 4जी नेटवर्क तैनात किया था। हालांकि, एक अधिकारी के अनुसार, टेलीफोनिका यूके सौदे का परिचालन मार्जिन बीएसएनएल के साथ किए गए सौदे से अधिक होने की उम्मीद है।

राजस्व पर प्रभाव

फिलहाल, 10 साल में 1 अरब डॉलर के अनुबंध का मतलब है आईटी सेवा कंपनी के लिए सालाना 100 मिलियन डॉलर की अतिरिक्त आय। सीधे शब्दों में कहें तो, अगर टीसीएस इस साल कोई व्यवसाय नहीं खोती है, तो अगले वित्तीय वर्ष में उसका राजस्व 0.3% बढ़ने की उम्मीद है।

विश्लेषक की राय

एक विश्लेषक ने टेलीफोनिका यूके सौदे को मार्जिन पर पड़ने वाले असर से ज़्यादा, राजस्व के ढांचे को नया आकार देने के प्रयास के तौर पर देखा है। मैसाचुसेट्स स्थित आईटी सलाहकार और शोध फर्म एचएफएस रिसर्च के मुख्य कार्यकारी फिल फरश्ट के अनुसार, "टीसीएस अल्पकालिक मार्जिन अनुकूलन पर ध्यान देने के बजाय भविष्यवाणी योग्य, लंबी अवधि के डेवलपमेंट और रणनीतिक खाता नियंत्रण को प्राथमिकता दे रही है। अगर अच्छी तरह से निष्पादित किया जाए, तो ऐसे अनुबंध आमतौर पर बाद के वर्षों में अधिक मार्जिन लाभ देते हैं, क्योंकि परिवर्तन के लाभ बढ़ते जाते हैं।"

18 महीने तक लग सकते हैं

बड़े कांट्रैक्ट्स, खासकर एक अरब डॉलर से अधिक के डील्स, की बिक्री प्रक्रिया लंबी होती है और उन्हें औपचारिक रूप देने में 18 महीने तक लग सकते हैं। टेलीफोनिका यूके सौदे पर अधिकांश काम अमित कपूर के नेतृत्व में हुआ, जो अगस्त तक टीसीएस के यूके और आयरलैंड व्यवसाय का नेतृत्व कर रहे थे। पहले के यूके सौदे जीतने में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका थी।

Drigraj Madheshia

लेखक के बारे में

Drigraj Madheshia
टीवी, प्रिंट और डिजिटल में कुल मिलाकर 20 साल का अनुभव। एचटी डिजिटल से पहले दृगराज न्यूज नेशन, दैनिक जागरण, हिंदुस्तान, सहारा समय और वॉच न्यूज एमपी /सीजी में रिपोर्टिग और डेस्क पर जिम्मेदारी निभा चुके हैं। स्पेशल स्टोरीज,स्पोर्ट्स, पॉलिटिक्स, सिनेमा, स्पोर्ट्स के बाद अब बिजनेस की खबरें लिख रहे हैं। दृगराज, लाइव हिन्दुस्तान में बतौर असिस्टेंट न्यूज एडिटर काम कर रहे हैं। और पढ़ें
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