DA में 2% बढ़ोतरी का ऐलान, जुलाई की सैलरी में इन कर्मचारियों को मिलेगी खुशखबरी
मुख्य बातें
- केंद्रीय कर्मचारियों को महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का इंतजार है
- यह बढ़ोतरी जुलाई से दिसंबर छमाही के लिए होगी
- इससे पहले असम की नई सरकार ने अपने कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दिया है
- आइए डिटेल जान लेते हैं

केंद्रीय कर्मचारियों को अब साल की दूसरी छमाही के महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) में बढ़ोतरी का इंतजार है। इस माहौल के बीच देश के अलग-अलग राज्य अपने कर्मचारियों के लिए भत्ते का ऐलान कर रहे हैं। इसी कड़ी में असम की नई सरकार ने भी राज्य कर्मचारियों और पेंशनर्स को बड़ी राहत देते हुए महंगाई भत्ता और महंगाई राहत में बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। इसकी जानकारी खुद मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने दी है।
कितना बढ़ा डीए?
असम में जीत के बाद मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की अध्यक्षता में हुई पहली कैबिनेट बैठक में DA और DR को मौजूदा 58 फीसदी से बढ़ाकर 60 फीसदी करने का फैसला लिया गया है। अब बढ़ी हुई दर का लाभ जून 2026 के वेतन के साथ दिया जाएगा। इसका भुगतान जुलाई 2026 में होगा। इस फैसले से लाखों राज्य कर्मचारियों और पेंशनर्स को महंगाई के दौर में अतिरिक्त वित्तीय राहत मिलेगी।
बता दें कि फरवरी महीने में चुनाव से ठीक पहले असम सरकार ने अपने कर्मचारियों की सैलरी और भत्तों की समीक्षा के लिए 8वें असम वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दी थी। इस फैसले का राज्य के लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के घर के बजट, रिटायरमेंट प्लानिंग और लोन लेने की योग्यता पर सीधा असर पड़ सकता है। वेतन आयोग की अध्यक्षता पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव सुभाष चंद्र दास कर रहे हैं और इसमें सात अन्य सदस्य भी शामिल हैं। वित्त विभाग की अधिसूचना के अनुसार, आयोग को अपनी सिफारिशें सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है।
केंद्रीय कर्मचारियों को भी इंतजार
केंद्रीय कर्मचारियों को भी महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का इंतजार है। यह बढ़ोतरी जुलाई से दिसंबर छमाही के लिए होगी। अगर सबकुछ ठीक रहा तो सरकार भत्ते में 3 पर्सेंट की बढ़ोतरी कर सकती है। बता दें कि पिछली छमाही यानी जनवरी से जून तक के लिए भत्ते में 2 पर्सेंट की बढ़ोतरी की गई थी। वहीं, अब जुलाई से दिसंबर छमाही के लिए भत्ते में 3 पर्सेंट का इजाफा होने की उम्मीद है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल 2026 में खुदरा महंगाई दर बढ़कर 3.48% हो गई जबकि खाद्य पदार्थों की महंगाई दर 4.20% तक पहुंच गई। खाने-पीने की चीजों (दूध, सब्जियां और अन्य जरूरी सामान), बिजली और ईंधन (CNG, डीजल और पेट्रोल) की बढ़ती कीमतें घरों के बजट पर दबाव डाल रही हैं। ऐसे में DA में बदलाव से महंगाई की मार झेल रहे मध्यम-वर्गीय परिवारों, कम आय वाले समूहों और रोजाना सफर करने वालों को काफी राहत मिल सकती है।
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