DA में सिर्फ 2% बढ़ोतरी, लेकिन कुछ कर्मचारियों की सैलरी 9% तक बढ़ी! वजह जानकर चौंक जाएंगे
DA Hike latest updates; केंद्र सरकार ने 7th पे कमीशन के तहत DA में 2% की बढ़ोतरी की है, लेकिन 6th पे कमीशन और 5th पे कमीशन के कर्मचारियों को क्रमशः 5% और 9% तक का ज्यादा लाभ मिला है। इसका कारण अलग-अलग वेतन ढांचे और लागू होने में देरी है।

DA Hike latest updates; केंद्र सरकार ने जनवरी-जून 2026 के लिए महंगाई भत्ता (DA) बढ़ाने का ऐलान किया है, लेकिन इस बार एक दिलचस्प बात सामने आई है। जहां 7th पे कमीशन के तहत आने वाले कर्मचारियों का DA सिर्फ 2% बढ़ाकर 58% से 60% किया गया है, वहीं पुराने वेतन ढांचे यानी 6th पे कमीशन और 5th पे कमीशन के कर्मचारियों को इससे कहीं ज्यादा बढ़ोतरी मिली है। 6वें वेतन आयोग के कर्मचारियों का DA 257% से बढ़कर 262% हो गया है, यानी 5% की बढ़ोतरी, जबकि 5वें वेतन आयोग वालों का DA 474% से बढ़कर 483% हो गया है, जो कि 9% की छलांग है।
अब सवाल उठता है कि जब 7वां वेतन आयोग लागू है, तो फिर कुछ कर्मचारी अभी भी पुराने वेतन आयोग के तहत क्यों हैं? इसका जवाब सरकारी सिस्टम की जटिलता में छिपा है। दरअसल, सभी सरकारी संस्थान एक साथ नए वेतन आयोग को लागू नहीं करते। कई स्वायत्त संस्थाएं, यूनिवर्सिटी, रिसर्च संस्थान और ग्रांट-इन-एड संस्थान नए वेतन ढांचे को अपनाने में समय लेते हैं। ऐसे में वहां काम करने वाले कर्मचारी पुराने वेतन आयोग के तहत ही सैलरी लेते रहते हैं।
इसके अलावा पेंशनर्स से जुड़ी भी कई जटिलताएं हैं। खासकर वे कर्मचारी जो 2006 या 2016 से पहले रिटायर हुए हैं, उनकी पेंशन से जुड़े कुछ मामले अभी भी लंबित हैं या कोर्ट में चल रहे हैं। इसी कारण उन्हें अभी तक पुराने वेतन ढांचे के तहत ही भुगतान किया जा रहा है। वहीं, कॉन्ट्रैक्ट और अस्थायी कर्मचारियों को भी अक्सर पूरी तरह से नए वेतन आयोग का लाभ नहीं मिलता, जिससे वे भी पुराने सिस्टम में ही जुड़े रहते हैं।
अगर आंकड़ों की बात करें तो 7वें वेतन आयोग के तहत करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारी और लगभग 67 लाख पेंशनर्स आते हैं। लेकिन, एक छोटा हिस्सा अभी भी पुराने ढांचे में बना हुआ है, जिन्हें इस बार ज्यादा प्रतिशत का फायदा मिला है।
आगे क्या होगा?
7वें वेतन आयोग की अवधि भले ही 2025 में पूरी हो चुकी है, लेकिन इसका ढांचा तब तक जारी रहेगा जब तक 8वां वेतन आयोग (8th Pay Commission) लागू नहीं हो जाता। नई सिफारिशें लागू होने के बाद मौजूदा DA बेसिक सैलरी में मर्ज हो जाएगा और फिर DA शून्य से शुरू होगा।
इस बार का DA हाइक भले ही 7वें वेतन आयोग के कर्मचारियों के लिए छोटा दिखे, लेकिन पूरी तस्वीर देखें तो अलग-अलग कर्मचारियों के लिए इसका असर अलग-अलग है। यही वजह है कि भारत की सैलरी प्रणाली अभी भी पुराने और नए ढांचों का मिश्रण बनी हुई है।
लेखक के बारे में
Sarveshwar Pathakसर्वेश्वर पाठक अक्टूबर 2022 से ‘लाइव हिंदुस्तान’ में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में बिजनेस और ऑटो सेक्शन के लिए
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हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्हें 7 साल से अधिक का अनुभव है, जिसमें उन्होंने अपनी मजबूत पकड़ और समझ के जरिए एक अलग
पहचान बनाई है। उन्होंने देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार से पत्रकारिता में मास्टर डिग्री हासिल की और वर्ष 2019 में
ईटीवी भारत के साथ अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने दैनिक जागरण और एडिटरजी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में
भी काम किया, जहां उन्होंने अपनी लेखन शैली और विश्लेषण क्षमता को और निखारा।
उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर से आने वाले सर्वेश्वर केवल एक पत्रकार ही नहीं, बल्कि सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय भागीदारी
निभाते हैं। उन्हें बाल शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और जागरूकता से जुड़े अभियानों में विशेष रुचि है। अपने विश्वविद्यालय के
दिनों में उन्होंने महाराष्ट्र के गोंदिया में दो महीने से अधिक समय तक सोशल वेलफेयर से जुड़े कार्य किए, जहां उन्होंने कई
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