8वें वेतन आयोग में DA पर बड़ा अपडेट, केंद्रीय कर्मचारियों के लिए जानना जरूरी
महंगाई भत्ता तय करने के लिए सरकार हर महीने जारी होने वाले AICPI-IW इंडेक्स का इस्तेमाल करती है। यह इंडेक्स उन वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में बदलाव को मापता है, जिनका इस्तेमाल औद्योगिक कर्मचारी करते हैं। इसी आधार पर सरकार हर छह महीने में DA में संशोधन करती है।

DA Hike: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को इस समय जिस घोषणा का सबसे ज्यादा इंतजार है, वह है जनवरी–जून 2026 के लिए महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) में बढ़ोतरी। आमतौर पर सरकार साल में दो बार DA बढ़ाती है—एक बार होली के आसपास और दूसरी बार दिवाली से पहले। लेकिन इस बार होली बीत जाने के बाद भी अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। इसी वजह से कर्मचारियों के बीच उत्सुकता के साथ-साथ चर्चा भी बढ़ गई है कि आखिर सरकार कब DA बढ़ोतरी का ऐलान करेगी।
वर्तमान में कितना है महंगाई भत्ता
फिलहाल केंद्रीय कर्मचारियों को 58 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिल रहा है। हाल के महंगाई के आंकड़ों के आधार पर अनुमान लगाया जा रहा है कि जनवरी 2026 से DA में करीब 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो सकती है। अगर ऐसा होता है तो DA बढ़कर लगभग 60 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा। यह अनुमान जनवरी 2025 से दिसंबर 2025 तक के 12 महीने के औसत AICPI-IW (ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स – इंडस्ट्रियल वर्कर्स) के आधार पर लगाया गया है, जो करीब 145.54 रहा है। इस गणना के मुताबिक DA लगभग 60.33 प्रतिशत बनता है, जिसे आमतौर पर 60 प्रतिशत पर राउंड ऑफ किया जाता है।
कैसे तय होता है महंगाई भत्ता
महंगाई भत्ता तय करने के लिए सरकार हर महीने जारी होने वाले AICPI-IW इंडेक्स का इस्तेमाल करती है। यह इंडेक्स उन वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में बदलाव को मापता है, जिनका इस्तेमाल औद्योगिक कर्मचारी करते हैं। इसी आधार पर सरकार हर छह महीने में DA में संशोधन करती है, ताकि बढ़ती महंगाई का असर कर्मचारियों की आय पर कम पड़े।
DA को बेसिक सैलरी में मर्ज करने की खबर
इसी बीच एक और चर्चा तेजी से चल रही है कि क्या सरकार मौजूदा DA को बेसिक सैलरी में मर्ज करने जा रही है। कई कर्मचारी संगठनों की मांग है कि जब DA 50 प्रतिशत से ज्यादा हो चुका है, तो इसे बेसिक पे में जोड़ दिया जाना चाहिए। लेकिन सरकार का रुख इस मुद्दे पर फिलहाल साफ है। दिसंबर 2025 में संसद में दिए गए लिखित जवाब में सरकार ने कहा था कि DA को बेसिक वेतन में मिलाने का कोई प्रस्ताव फिलहाल विचाराधीन नहीं है।
कर्मचारी संगठनों का तर्क
कर्मचारी संगठनों का तर्क है कि अगर DA को बेसिक सैलरी में मर्ज कर दिया जाए तो कर्मचारियों को कई तरह से फायदा मिलेगा। इससे बेसिक सैलरी बढ़ेगी और उसके साथ-साथ HRA, TA और अन्य भत्तों में भी स्वतः बढ़ोतरी हो जाएगी। इतना ही नहीं, पेंशन की गणना में भी कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलेगा। इसी वजह से कई यूनियन इसे 8वें वेतन आयोग के लागू होने तक अंतरिम राहत के तौर पर लागू करने की मांग कर रही हैं।
दरअसल, 7वें वेतन आयोग का कार्यकाल 31 दिसंबर 2025 को खत्म हो चुका है और अब 8वां वेतन आयोग अपना काम शुरू कर चुका है। लेकिन इसकी सिफारिशों को लागू होने में अभी काफी समय लग सकता है। आमतौर पर किसी भी वेतन आयोग को अपनी रिपोर्ट तैयार करने में करीब 18 महीने लगते हैं, जबकि उसके बाद समीक्षा, कैबिनेट मंजूरी और लागू करने की प्रक्रिया में लगभग 6 महीने का समय और लग जाता है। ऐसे में माना जा रहा है कि 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें 2027 के अंत से पहले लागू होना मुश्किल है। फिलहाल कर्मचारियों की नजर सरकार की अगली DA घोषणा पर टिकी हुई है।
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Varsha Pathakवर्षा पाठक लाइव हिन्दुस्तान में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं और पिछले 4 सालों से इस संस्थान से जुड़ी हुई हैं। मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें लगभग 8 साल का अनुभव है। उन्होंने जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है। बिहार की रहने वाली वर्षा वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान के बिजनेस सेक्शन के लिए खबरें लिखती हैं। उन्हें स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, यूटिलिटी, टैक्स, बजट, एक्सप्लेनर, इंटरव्यूज और कॉरपोरेट सेक्टर से जुड़ी खबरों की समझ है। जटिल आर्थिक विषयों को सरल, तथ्यात्मक और पाठकों के लिए उपयोगी भाषा में प्रस्तुत करना उनकी लेखन शैली की विशेषता है। हिन्दुस्तान से पहले वर्षा दैनिक भास्कर (प्रिंट), मनी भास्कर और नेटवर्क18 जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम कर चुकी हैं। उन्हें फील्ड रिपोर्टिंग का अनुभव भी है। डिजिटल पत्रकारिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए वर्षा को मनी भास्कर में सबसे अधिक UVs-PVs का पुरस्कार मिल चुका है। इसके अलावा, लाइव हिन्दुस्तान में भी वर्षा का टॉप परफॉर्मेंस रहा है और इसके लिए पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है।
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