DA बढ़ोतरी पर अब 8वें वेतन आयोग का असर? केंद्रीय कर्मचारियों को जानना जरूरी
जुलाई से दिसंबर छमाही के लिए महंगाई भत्ते पर हर किसी की नजर है। केंद्रीय कर्मचारी यह जानना चाह रहे हैं कि क्या जुलाई से दिसंबर छमाही के भत्ते में जो बढ़ोतरी होगी उसपर आठवें वेतन आयोग का प्रभाव दिखेगा।

बीते महीने केंद्र सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ता (DA) को 2% बढ़ा दिया है। सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर यह बढ़ोतरी साल की पहली छमाही यानी जनवरी से जून तक के लिए हुई है। अब जुलाई से दिसंबर छमाही के लिए भत्ते पर हर किसी की नजर है। दरअसल, केंद्रीय कर्मचारी यह जानना चाह रहे हैं कि क्या जुलाई से दिसंबर छमाही के भत्ते में जो बढ़ोतरी होगी वो भी सातवें वेतन आयोग के हिसाब से ही होगी या आठवें वेतन आयोग का प्रभाव दिखेगा।
क्यों है ये चर्चा?
दरअसल, सातवें वेतन आयोग का कार्यकाल 31 दिसंबर 2025 को खत्म हो चुका है। इसके बावजूद जनवरी से जून छमाही के लिए जो महंगाई भत्ता बढ़ाया गया है, वो सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के हिसाब से ही कैल्कुलेट है। ऐसे में अब सवाल है कि क्या यही सिलसिला साल की दूसरी छमाही में भी जारी रहने वाला है? बता दें कि आठवें वेतन आयोग का दौर चल रहा है। यह वेतन आयोग अपनी सिफारिशें अगले साल मई या जून तक सरकार को सौंप सकता है। अगर सबकुछ ठीक रहा तो आठवें वेतन आयोग की सिफारिशें बैकडेट में एक जनवरी 2026 से ही लागू होंगी।
अभी कितना है डीए?
केंद्रीय कर्मचारियों का डीए 58% से बढ़कर अब 60% हो गया है। बता दें कि जीवन-यापन की लागत से तालमेल बिठाने के लिए, अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI) के आधार पर साल में दो बार इसमें संशोधन किया जाता है। नई घोषणाएं आम तौर पर मार्च और अक्टूबर की शुरुआत में होती हैं और इन्हें जनवरी या जुलाई से लागू किया जाता है। इस प्रक्रिया में केंद्रीय कर्मचारियों का 2 या तीन महीने का एरियर भी बन जाता है।
8वां वेतन आयोग क्या है?
केंद्र सरकार द्वारा हर 10 साल में अपने कर्मचारियों के भत्ते, वेतन और पेंशन को संशोधित करने के लिए गठित पैनल को वेतन आयोग कहा जाता है। 8वां वेतन भी केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए वेतन बढ़ोतरी, महंगाई भत्ता, फिटमेंट फैक्टर और अन्य भत्तों पर बड़े फैसले लेने के लिए तैयार है।
यह वेतन आयोग कर्मचारी यूनियनों, मजदूर समूहों, मंत्रालयों, पेंशन निकायों और अन्य संबंधित पक्षों से विचार और सुझाव इकट्ठा करता है। फिर इनका विश्लेषण करके संबंधित कर्मचारियों और रिटायर हुए लोगों के समूहों के लिए भत्ते, पेंशन का फॉर्मूला और वेतन संरचना तय की जाती है। वेतन आयोग अपनी अंतिम सिफारिशें देने से पहले संबंधित पक्षों से चर्चा और उनकी राय भी लेता है।
लेखक के बारे में
Deepak Kumarहिन्दुस्तान डिजिटल में करीब 5 साल से कार्यरत दीपक कुमार यहां बिजनेस की खबरें लिखते हैं। दीपक को स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस के अलावा बिजनेस से जुड़े तमाम विषयों की गहरी समझ है। वह जटिल आर्थिक और कारोबारी मुद्दों को सरल, संतुलित और आम बोलचाल की भाषा में पाठकों तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं। उनकी बिजनेस सेक्शन के अलावा एंटरटेनमेंट, स्पोर्ट्स और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरों पर भी मजबूत पकड़ है। दीपक को उनके बेहतरीन काम के लिए विभिन्न स्तरों पर सम्मानित भी किया जा चुका है। मूल रूप से बिहार के सीवान जिले से ताल्लुक रखने वाले दीपक के पास पत्रकारिता का करीब 13 साल का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला से की। इसके बाद दैनिक भास्कर, आजतक और इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी काम किया। इसका अगला पड़ाव हिन्दुस्तान डिजिटल था, जहां वह वर्तमान में असिस्टेंट न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। दीपक ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की पढ़ाई की जबकि हिमाचल प्रदेश सेंट्रल यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएट हुए हैं। जहां एक तरफ वह सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं तो वहीं नई तकनीकों से खुद को अपडेट रखते हैं। खाली समय में फिल्में देखना, खाना बनाना और क्रिकेट खेलना पसंद है।
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